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आज धूमधाम से मनाई जाएगी बाल गोपाल की छठी

Wed, 24 Aug 2022 01:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 24 Aug 2022 01:42 AM IST
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Today Bal Gopal's sixth will be celebrated with pomp
शाहजहांपुर। कान्हा की छठी बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान के बाल स्वरूप की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। घरों और मंदिरों में छठी का पर्व मनाए जाने को लेकर तैयारियां हुईं।
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भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाए जाने के बाद अब उनकी छठी मनाई जाएगी। यह 24 अगस्त को पड़ रही है। मान्यतानुसार नवजात शिशु की मंगल कामना के लिए छठी पूजन किया जाता है। भगवान कृष्ण की छठी पर विशेष पूजन होगा। उनके बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) से स्नान करवाया जाएगा। इस दिन कढ़ी चावल बनाए जाने की परंपरा है। छठी को लेकर घरों और मंदिरों में तैयारी शुरू हो गई हैं। कृष्णानगर कॉलोनी के पूर्व सभासद बिन्नू गोपाल ने बताया कि भगवान की छठी कृष्णा मंदिर पर धूमधाम से मनाई जाएगी। रामनगर स्थित मंदिर, टाउनहाल स्थित बाबा विश्वनाथ मंदिर, पोस्टी पाकड़ में बनखंडी नाथ मंदिर, लाला तेली बजरिया के प्राचीन शिव मंदिर, खिरनीबाग स्थित श्रीराम जानकी मंदिर समेत विभिन्न मंदिरों में भी छठी मनाने को लेकर तैयारियां चली। खिरनीबाग स्थित श्रीराम जानकी मंदिर पर शाम चार बजे से कीर्तन होगा तथा भंडारा होगा।
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इस तरह से करें छठी पूजन
पंडित सुरेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद सबसे पहले बाल गोपाल को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल) से स्नान करवाएं। इसके बाद दक्षिणावर्ती शंख में गंगाजल भरकर पुन: बाल गोपाल का अभिषेक करें। फिर बाल गोपाल को उनके प्रिय रंग पीले रंग के वस्त्र पहनाने के बाद, उनका शृंगार किया जाना चाहिए। तदोपरांत बाल गोपाल को उनका प्रिय माखन मिश्री का भोग लगाए। उनका कोई भी पसंदीदा नाम जैसे- लड्डू गोपाल, ठाकुर जी, कान्हा, माधव आदि रख सकते हैं। छठी के बाद भगवान को उसी नाम से बुलाया जाता है।
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कृष्ण छठी मनाने के पीछे की कथा
पंडित अरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि भगवान कृष्ण की छठी पर षष्ठी देवी की पूजा करने का प्रावधान है। प्राचीन ग्रंथों की मानें, तो ऐसी मान्यता है कि षष्ठी देवी की कृपा से राजा प्रियव्रत का मृतपुत्र फिर से जीवित हो गया था। इसके साथ ही साथ शास्त्रों में षष्ठी देवी को बच्चों की अधिष्ठात्री देवी कहा गया है। इसलिए माना जाता है कि नवजात के छठे दिन षष्ठी देवी की पूजा करने से बच्चा स्वस्थ रहता है और उसकी उम्र लंबी होती है।
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