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Shahjahanpur News: समय पर उपचार से स्ट्रोक पीड़ित को मिला नया जीवन
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डॉक्टर इमरान। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मोहम्मद इमरान खान की तत्परता और चिकित्सा प्रयासों से गंभीर स्ट्रोक पीड़ित मरीज को नया जीवन मिला है।
डॉक्टर के अनुसार, मरीज के शरीर के एक हिस्से में कमजोरी और बोलने में कठिनाई की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज लाया गया था। मरीज की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए डॉ. इमरान खान ने तुरंत स्ट्रोक के लक्षणों की पहचान की और बिना समय गंवाए डॉ. सलीम अहमद से समन्वय स्थापित किया।
जरूरी जांचों के बाद मरीज को निर्धारित गोल्डन पीरियड के भीतर थ्रोम्बोलाइटिक इंजेक्शन दिया गया। यह इंजेक्शन बाजार में लगभग 32 से 40 हजार का है, जबकि राजकीय मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। उपचार के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। हाथ-पैरों की कमजोरी और बोलने की समस्या में लाभ मिला।
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डॉ. इमरान ने बताया कि स्ट्रोक के लक्षण शुरू होने के चार से पांच घंटे के भीतर थ्रोम्बोलाइटिक इंजेक्शन दिया जाना आवश्यक होता है। समय पर उपचार मिलने से मरीज को लकवा और गंभीर विकलांगता से बचाया जा सकता है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने सफल थ्रोम्बोलाइसिस के लिए डॉ. इमरान, डॉ. सलीम, डॉ. प्रियंका मेहता को बधाई दी।
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डॉक्टर के अनुसार, मरीज के शरीर के एक हिस्से में कमजोरी और बोलने में कठिनाई की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज लाया गया था। मरीज की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए डॉ. इमरान खान ने तुरंत स्ट्रोक के लक्षणों की पहचान की और बिना समय गंवाए डॉ. सलीम अहमद से समन्वय स्थापित किया।
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जरूरी जांचों के बाद मरीज को निर्धारित गोल्डन पीरियड के भीतर थ्रोम्बोलाइटिक इंजेक्शन दिया गया। यह इंजेक्शन बाजार में लगभग 32 से 40 हजार का है, जबकि राजकीय मेडिकल कॉलेज में यह सुविधा मरीजों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। उपचार के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। हाथ-पैरों की कमजोरी और बोलने की समस्या में लाभ मिला।
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डॉ. इमरान ने बताया कि स्ट्रोक के लक्षण शुरू होने के चार से पांच घंटे के भीतर थ्रोम्बोलाइटिक इंजेक्शन दिया जाना आवश्यक होता है। समय पर उपचार मिलने से मरीज को लकवा और गंभीर विकलांगता से बचाया जा सकता है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने सफल थ्रोम्बोलाइसिस के लिए डॉ. इमरान, डॉ. सलीम, डॉ. प्रियंका मेहता को बधाई दी।