बाघ की मौजूदगी से ग्रामीण भयभीत
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बंडा के गांव कुइयां महोलिया के पास बाघ की दहशत कम नहीं हो रही है। बृहस्पतिवार को थाना बिलसंडा के गांव घनश्यामपुर निवासी ओमकार का 12 वर्षीय बेटा विशाल खन्नौत नदी के पास खेत से अगौला लेने आया था। इस दौरान उसे बाघ दिखा तो उसने भागकर बाकी लोगों को जानकारी दी। लोगों ने एकजुट होकर शोर मचाया तो बाघ गन्ने के खेत में चला गया था। इसके बाद बाघ बंडा के गांव कुइयां महोलिया आ पहुंचा। रात में कुइयां महोलिया निवासी बलजीत सिंह खेत जोतने गये तो बाघ को देखकर ट्रैक्टर छोड़कर घर भाग आए। उसके शोर मचाने पर गांव के लोगों ने फायरिंग की तो बाघ गन्ने के खेत में चला गया।
शुक्रवार सुबह लोगों ने गांव के भूपेंद्र सिंह के खेत में बाघ के पगमार्क देखकर वनकर्मियों को सूचना दी। सूचना पर वन दरोगा संजीव कुमार, वन रक्षक सत्यपाल और रामप्रसाद के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। संजीव कुमार ने बताया कि पगमार्क देखकर लग रहा है कि बाघ जंगल की ओर चला गया है। उधर, गांव के लोगों का आरोप है कि वनकर्मी रोजाना कह देते हैं कि बाघ जंगल की ओर चला गया है, लेकिन बाघ क्षेत्र में ही घूम रहा है और कभी भी किसी की जान ले सकता है।