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Shahjahanpur News: गंगा एक्सप्रेसवे बनने के बाद भी नहीं बन सका स्कूल भवन
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जलालाबाद में स्कूल की टूटी पड़ी एक हिस्से की बिल्डिंग तथा बरामदे में खाना बनाने का इंतजाम करती र
जलालाबाद। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से पहले उसके दायरे में आए ढका ताल्लुके उजेरा गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय के ढहाए गए आधे हिस्से का निर्माण कार्य तीन वर्ष बीतने के बाद भी शुरू नहीं हो सका। जबकि एक्सप्रेसवे बनकर तैयार होने पर उसका लोकार्पण भी हो चुका है।
तीन साल पहले एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान मार्च 2023 में विद्यालय के भवन का करीब आधा हिस्सा जेसीबी से तोड़ दिया गया था। इस दौरान शेष बचा हिस्सा भी जर्जर हालत में पहुंच गया लेकिन एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी की सुस्ती के कारण स्कूल भवन का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका।
स्कूल भवन तोड़ने के दौरान जर्जर हाल में बचे स्कूल के एक कमरे में 88 बच्चों को बिठाया जा रहा है। हालांकि, विद्यालय परिसर में कई बीघा जमीन खाली पड़ी है। प्रधान अध्यापक अशोक कुमार ने बताया कि कुछ बच्चों की पढ़़ाने के लिए पास में ही बने गांव के पंचायत घर में व्यवस्था की गई है, लेकिन शेष बच्चे पुराने भवन के इकलौते कमरे में बिठाए जा रहे हैं।
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खंड शिक्षा अधिकारी शाहीन अंसारी ने बताया कि स्कूल भवन के निर्माण की धनराशि का भुगतान एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी को करना है। इसके लिए प्रस्ताव कई माह पूर्व भेजा जा चुका है। बीईओ के अनुसार कुछ दिन पहले इस बारे में विभागीय अधिकारियों से भी वार्ता हो चुकी है।
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तीन साल पहले एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान मार्च 2023 में विद्यालय के भवन का करीब आधा हिस्सा जेसीबी से तोड़ दिया गया था। इस दौरान शेष बचा हिस्सा भी जर्जर हालत में पहुंच गया लेकिन एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी की सुस्ती के कारण स्कूल भवन का निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका।
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स्कूल भवन तोड़ने के दौरान जर्जर हाल में बचे स्कूल के एक कमरे में 88 बच्चों को बिठाया जा रहा है। हालांकि, विद्यालय परिसर में कई बीघा जमीन खाली पड़ी है। प्रधान अध्यापक अशोक कुमार ने बताया कि कुछ बच्चों की पढ़़ाने के लिए पास में ही बने गांव के पंचायत घर में व्यवस्था की गई है, लेकिन शेष बच्चे पुराने भवन के इकलौते कमरे में बिठाए जा रहे हैं।
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खंड शिक्षा अधिकारी शाहीन अंसारी ने बताया कि स्कूल भवन के निर्माण की धनराशि का भुगतान एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी को करना है। इसके लिए प्रस्ताव कई माह पूर्व भेजा जा चुका है। बीईओ के अनुसार कुछ दिन पहले इस बारे में विभागीय अधिकारियों से भी वार्ता हो चुकी है।