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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   The fire arrows drained the nectar from Ravana's navel, and the effigy of the unrighteous burned to ashes.

Shahjahanpur News: अग्निबाण से सूखा रावण की नाभि का अमृत, धू-धू कर जल उठा अधर्मी का पुतला

Fri, 03 Oct 2025 12:23 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 03 Oct 2025 12:23 AM IST
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The fire arrows drained the nectar from Ravana's navel, and the effigy of the unrighteous burned to ashes.
पुवायां के रामलीला मेले में जलता मेघनाद का पुतला। संवाद
शाहजहांपुर। असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजयदशमी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। दशहरा पर महानगर की खिरनीबाग रामलीला में अहिरावण और रावण वध की लीला का मंचन किया गया। इस बीच अहंकारी रावण और मेघनाद के पुतले जलाए गए। पुतले जलते देखकर रोमांचित हुए लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए।
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खिरनीबाग रामलीला मेले में बृहस्पतिवार को काफी राैनक रही। आम दिनों की अपेक्षा ज्यादा भीड़ रही। रामलीला मंचन में दिखाया गया कि रावण अपने पुत्र मेघनाद के वध के बाद लंका में कोई वीर नहीं देखकर अहिरावण को पाताल लोक से बुलाता है। अहिरावण चुपके से श्रीराम और लक्ष्मणजी को हरणकर पाताल लोक ले जाता है। वहां उनकी बलि देने की तैयारी के दौरान वीर हनुमान पाताल लोक पहुंचते हैं और अहिरावण का वध कर देते हैं।
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इसके बाद रावण स्वयं युद्ध करने आता है। रामादल और रावण की सेना में भीषण युद्ध होता है। श्रीराम विभीषण की सलाह पर रावण की नाभि में स्थित अमृतकुंड को अग्निबाण से सुखाकर उसका वध कर देते हैं। अपने अंतिम क्षणों में रावण, लक्ष्मण को शिक्षा देता है। रावण वध के बाद शानदार आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया।
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इसके बाद पहले मेघनाद, फिर रावण के पुतले को विभीषण ने आग लगाई। दोनों पुतलें धू-धूकर जल उठे। इससे पहले विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में महाआरती की गई। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, मेला समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव ने सम्मानित किया। आयोजन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेश सिंघल, उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विनोद कुमार अग्रवाल, मेला सचिव नरेंद्र मिश्रा गुरु, प्रबंधक नीरज वाजपेयी, चंद्रशेखर खन्ना धीरू आदि मौजूद रहे।

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मेघनाद के वध के बाद सती हो गई सुलोचना
शाहजहांपुर। ओसीएफ रामलीला में मेघनाद वध और सुलोचना के सती होने के प्रसंग का मंचन किया गया। मंचन में दिखाया कि मेघनाद अपनी पत्नी सुलोचना से विदा लेकर युद्धभूमि की ओर प्रस्थान करता है। निकुंभा स्थल पर यज्ञ कर उसने देवताओं को प्रसन्न करने का प्रयास किया, किंतु लक्ष्मणजी ने यज्ञ भंग कर दिया। इसके बाद भीषण युद्ध होता है। लक्ष्मण जी के हाथों मेघनाद मारा जाता है। उसकी मौत की खबर लंका में पहुंचने के बाद सुलोचना बिलख पड़ती हैं और सती हो जाती हैं। ओसीएफ रामलीला में शुक्रवार को रावण वध के मंचन के बाद लंकेश, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों को जलाया जाएगा। मंचन में मेला महासचिव ऋषि बाबू, मेला सचिव राम मोहन अग्निहोत्री, हरिशंकर, देवेश दीक्षित का सहयोग रहा। संवाद

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जिला कारागार में हुआ धनुष भंग व सीता स्वयंवर की लीला का मंचन

शाहजहांपुर। जिला कारागार में आदर्श दिव्यांग कल्याण समिति के अध्यक्ष हरिशरण वाजपेयी व नीरज वाजपेयी के प्रयास से नव चेतना कला परिषद के कलाकारों ने सीता स्वयंवर, परशुराम-लक्ष्मण संवाद व धनुष भंग की लीला का मंचन किया। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने अतिथियों व कलाकारों को सम्मानित किया। संवाद



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वध के बाद दहन किया गया मेघनाद का पुतला



पुवायां। रामलीला मेले में बृहस्पतिवार शाम को मेघनाद वध के बाद पुतला दहन किया गया। इस दौरान दर्शक श्रीराम की जय-जयकार करते रहे। सुलोचना रामदल में आकर प्रभु श्रीराम को प्रणाम करती हैं और श्रीराम से अपने पति के साथ सती होने का निवेदन करती है और उस दिन युद्ध रोकने की प्रार्थना करती है। भगवान राम उसकी विनती स्वीकार करते हैं और आशीर्वाद देते हैं।
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लंका विजय कर लौटे श्रीराम, राज्यतिलक हुआ
कुर्रियाकलां। चौहनापुर में आयोजित रामलीला में अयोध्या में भरत मिलाप, रामराज्यभिषेक की लीला का मंचन किया गया। लीला में 14 वर्ष के वनवास के बाद राम के अयोध्या लौटने पर उनके भाई भरत से पुनर्मिलन का मंचन किया। भरत वनवासी वेश में राज्य के बाहर श्रीराम की राह देखते हैं और श्रीराम के लौटने पर उनकी प्रसन्नतापूर्वक भेंट होती है। लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने पर गुरु वशिष्ठ उन्हें अयोध्या का राजा घोषित कर राजतिलक करते हैं। मंचन में प्रमोद मिश्र, राकेश त्रिपाठी, अचल प्रताप सिंह, अनूप अवस्थी, रामस्वरूप कुशवाहा, सुधीर त्रिपाठी और सूरज सिंह का सहयोग रहा। संवाद
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आतिशबाजी के बाद धू-धूकर जला रावण का पुतला

जलालाबाद। रामलीला में रावण वध के बाद पुतले का दहन किया गया। इस दौरान रामलीला मैदान जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। देर रात मेला मैदान पर आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया।

इससे पहले मेघनाद व अहिरावण वध आदि की लीलाओं का मंचन हुआ। अंत में रावण का श्रीराम और लक्ष्मण सहित वानर सेना के बीच भयंकर युद्ध हुआ। मैदान के बीच रथ पर सवार दोनों ओर की सेनाओं के बीच हुए युद्ध की लीला के शानदार मंचन ने दर्शकों को रोमांच से भर दिया। मेला समिति के गोपाल मोहन द्विवेदी ने बताया कि शुक्रवार को भगवान राम के राजतिलक की शोभायात्रा निकाली जाएगी। संवाद


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गणेशजी के पूजन के साथ रामलीला का शुभारंभ

कांट। श्री रामलीला समिति की ओर से गणेशजी के पूजन के साथ 17 दिवसीय रामलीला का शुभारंभ हो गया। कमेटी के अध्यक्ष राममुरारी मिश्रा ने बताया कि 18 अक्तूबर तक श्री रामलीला मेले का आयोजन होगा। समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामचन्द्र मिश्रा उर्फ मुन्ना मिश्रा ने बताया कि मंचन दिन में तीन से शाम छह बजे तक होगा। इस मौके संजीव मिश्रा, गोविंद शरण पांडे, सुरेश चंद्र सक्सेना, सर्वेश कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद

पुवायां के रामलीला मेले में जलता मेघनाद का पुतला। संवाद

पुवायां के रामलीला मेले में जलता मेघनाद का पुतला। संवाद

पुवायां के रामलीला मेले में जलता मेघनाद का पुतला। संवाद

पुवायां के रामलीला मेले में जलता मेघनाद का पुतला। संवाद

पुवायां के रामलीला मेले में जलता मेघनाद का पुतला। संवाद

पुवायां के रामलीला मेले में जलता मेघनाद का पुतला। संवाद

पुवायां के रामलीला मेले में जलता मेघनाद का पुतला। संवाद

पुवायां के रामलीला मेले में जलता मेघनाद का पुतला। संवाद

पुवायां के रामलीला मेले में जलता मेघनाद का पुतला। संवाद

पुवायां के रामलीला मेले में जलता मेघनाद का पुतला। संवाद

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