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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Threat to the existence of Chakpurwa village due to erosion of Sharda river in Lakhimpur Kheri

Lakhimpur Kheri: शारदा के कटान से मिटने के कगार पर है चकपुरवा गांव का वजूद, नदी में समाए कई घर

Wed, 13 Sep 2023 12:14 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: बरेली ब्यूरो Updated Wed, 13 Sep 2023 12:14 AM IST
सार

पांच दिन हुई बारिश के बाद वनबसा से पानी छोड़े जाने के कारण शारदा नदी एक बार फिर उफना उठी है। पिछले 24 घंटे के अंदर नदी में 25 घर समा गए हैं। शारदा को तेजी से कटान करते देख गांव में त्राहि त्राहि मच गई है।

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Threat to the existence of Chakpurwa village due to erosion of Sharda river in Lakhimpur Kheri
तेजी से हो रहा कटान

विस्तार

लखीमपुर खीरी के ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत करसौर के मजरा गांव चकपुरवा का अस्तित्व मिटने के कगार पर है। शारदा नदी में गांव की जमीन का तेजी से कटान हो रहा है। शारदा नदी अगस्त में आधे गांव को पहले ही निगल चुकी है। सितंबर में कटान थम गया था।

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पांच दिन हुई बारिश के बाद वनबसा से पानी छोड़े जाने के कारण शारदा नदी एक बार फिर उफना उठी है। पिछले 24 घंटे के अंदर नदी में 25 घर समा गए हैं। शारदा को तेजी से कटान करते देख गांव में त्राहि त्राहि मच गई है। शारदा के रौद्र रूप के चलते जो जैसे था वैसे ही भाग खड़ा हुआ। लोगों को घर गृहस्थी का सामान तक निकालने का मौका नहीं मिल पाया।
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बीते 24 घंटे के अंदर चंद्रपाल, बाबूराम, रामप्रसाद, राजेंद्र प्रसाद, हरिनाम, गुड्डू, सुभाष, शिवसागर, विजेंद्र कुमार, बनवारी लाल, बैजूराम, मस्तराम, कल्लू, रमेश कुमार, चंद्रशेखर गिरि, पुतान गिरि, अर्जुनलाल, गजेंद्र, कल्ल्रू, अनिरुद्ध, संतराम, रंजीत, ओम प्रकाश, रामनाथ, रामनरेश के घर शारदा नदी में समा चुके हैं। शारदा इतनी तेजी से कटान कर रही है कि अगले 24 घंटे में बाकी छह घर भी नदी में समा सकते हैं।

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गांव चकपुरवा में कुल 55 थे

तहसील गोला की ग्राम पंचायत करसौर के मजरा गांव चकपुरवा में कुल 55 घर थे। इनमें 24 घर अगस्त में कटान के दौरान शारदा में समा चुके हैं। पिछले 24 घंटे में 25 और घर कटकर नदी में समा गए, अब सिर्फ गांव में छह घर बचे हैं। इन छह घरों के कटने के साथ गांव का वजूद मिट जाएगा। गांव कटने से पहले करीब 175 एकड़ कृषि भूमि फसलों सहित नदी में समा चुकी है। गांव के लोग भूमिहीन पहले ही हो चुके थे, अब बेघर भी हो गए हैं।

सोमवार तक जहां आबादी का कोलाहल था, बच्चों की किलकारियां गूंज रहीं थीं, वहां आज हाहाकार है। घरों की जगह शारदा की लहरें उछाल मार रही हैं। ग्राम प्रधान भगवती प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर लोगों से सुरक्षित निकल जाने की अपील की और प्रशासन को गांव में तेजी से कटान होने की सूचना दी।

एसडीएम गोला रत्नाकर मिश्र ने बताया कि चकपुरवा गांव में शारदा से गांव में कटान होने की सूचना मिली है। कटान पीड़ितों के लिए लिए भोजन की व्यवस्था कर दी गई है। जल्दी ही उनके पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी। कटान पीड़ितों की मदद के लिए रड़ा देवरिया और पूजा गांव में बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। कटान पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

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