{"_id":"6914c9ca5a009078b201e777","slug":"the-demand-for-artificial-jewellery-has-increased-due-to-the-rising-prices-of-gold-and-silver-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-157530-2025-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: सोने-चांदी की महंगाई से बढ़ी आर्टिफिशियल ज्वैलरी की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: सोने-चांदी की महंगाई से बढ़ी आर्टिफिशियल ज्वैलरी की मांग
Wed, 12 Nov 2025 11:24 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 12 Nov 2025 11:24 PM IST
विज्ञापन
अनुष्का मिश्रा। संवाद
शाहजहांपुर। सोने-चांदी में महंगाई के बाद महिलाओं का रुझान आर्टिफिशियल ज्वैलरी की तरफ बढ़ा है। शादी और पार्टी में महिलाएं सोने जैसे दिखने वाले हार, चूड़ी, टीका को सबसे ज्यादा पसंद कर रही हैं। सहालग का सीजन नजदीक आने पर इन ज्वैलरी की मांग में इजाफा हुआ है।
सोने-चांदी के भाव में बेतहाशा वृद्धि के बाद मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं की पहली पसंद आर्टिफिशियल ज्वैलरी बन गई है। शहर में करीब 50 से ज्यादा दुकानों में ये ज्वैलरी बिक रही हैं। गोल्ड के लांग हार दो हजार से 2500, शॉर्ट हार आठ सौ से 1500, मंगलसूत्र 700 से 1200 रुपये में उपलब्ध हैं।
मेटल के हार पर पीली पाॅलिश होने पर असली सोने के लगते हैं। महिलाओं को यह ज्वैलरी खूब भा रही है। इसी तरह अमेरिकन डायमंड में गले के हार, टीका, चूड़ी भी खूब बिक रही है। कुंदन और टेंपल ज्वैलरी की काफी मांग है। चूड़ी भी 250 रुपये में दो पीस उपलब्ध हैं। व्यापारी बताते हैं कि अब केवल महिलाएं ही नहीं, युवतियां भी मोतियों और क्रिस्टल वाली आर्टिफिशियल ज्वैलरी की ओर आकर्षित हो रहीं हैं। इसकी मुख्य वजह सोने और चांदी के बढ़ते दाम ने आम आदमी की जेब पर असर डाला है। महिलाएं सोने-चांदी के आभूषणों के विकल्प के तौर पर इसे देख रही हैं।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -
फोटो 17
-सोने-चांदी के दाम बढ़ने के बाद आर्टिफिशियल ज्वैलरी की मांग में इजाफा हुआ है। सहालग का सीजन होने के चलते कारोबार बढ़ गया है। कुंदन लगा होने के चलते महिलाओं की पहली पसंद बना हुआ है।
अभिषेक वर्मा, व्यापारी
-- -- -- -- -- -- -
फोटो 18
-दिल्ली और मुंबई से नए डिजाइन की ज्वैलरी को मंगवाया है। महंगा होने के चलते सोने-चांदी के जेवरों के चोरी होने का डर रहता है, लेकिन आर्टिफिशियल ज्वैलरी में यह खतरा नहीं रहता है।
आशीष वर्मा, व्यापारी
-- -- -- -- -- --
फाेटो 15
-सोने-चांदी के जेवर पहनकर निकलने पर खतरा रहता है। आर्टिफिशियल ज्वैलरी सस्ती और अच्छी रहती है। समय के हिसाब से बेहतर डिजाइन भी मिल जाते हैं।
अनुष्का मिश्रा
-- -- -- -- --
फाेटो 16
-आर्टिफिशियल ज्वैलरी काफी बेहतर है। बिल्कुल सोने और चांदी के जेवरों की तरह लगती है। सामान्यता युवतियां और महिलाएं इसे ही पसंद कर रहीं हैं।
आस्था त्रिपाठी
विज्ञापन
सोने-चांदी के भाव में बेतहाशा वृद्धि के बाद मध्यमवर्गीय परिवारों की महिलाओं की पहली पसंद आर्टिफिशियल ज्वैलरी बन गई है। शहर में करीब 50 से ज्यादा दुकानों में ये ज्वैलरी बिक रही हैं। गोल्ड के लांग हार दो हजार से 2500, शॉर्ट हार आठ सौ से 1500, मंगलसूत्र 700 से 1200 रुपये में उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
मेटल के हार पर पीली पाॅलिश होने पर असली सोने के लगते हैं। महिलाओं को यह ज्वैलरी खूब भा रही है। इसी तरह अमेरिकन डायमंड में गले के हार, टीका, चूड़ी भी खूब बिक रही है। कुंदन और टेंपल ज्वैलरी की काफी मांग है। चूड़ी भी 250 रुपये में दो पीस उपलब्ध हैं। व्यापारी बताते हैं कि अब केवल महिलाएं ही नहीं, युवतियां भी मोतियों और क्रिस्टल वाली आर्टिफिशियल ज्वैलरी की ओर आकर्षित हो रहीं हैं। इसकी मुख्य वजह सोने और चांदी के बढ़ते दाम ने आम आदमी की जेब पर असर डाला है। महिलाएं सोने-चांदी के आभूषणों के विकल्प के तौर पर इसे देख रही हैं।
विज्ञापन
फोटो 17
-सोने-चांदी के दाम बढ़ने के बाद आर्टिफिशियल ज्वैलरी की मांग में इजाफा हुआ है। सहालग का सीजन होने के चलते कारोबार बढ़ गया है। कुंदन लगा होने के चलते महिलाओं की पहली पसंद बना हुआ है।
अभिषेक वर्मा, व्यापारी
फोटो 18
-दिल्ली और मुंबई से नए डिजाइन की ज्वैलरी को मंगवाया है। महंगा होने के चलते सोने-चांदी के जेवरों के चोरी होने का डर रहता है, लेकिन आर्टिफिशियल ज्वैलरी में यह खतरा नहीं रहता है।
आशीष वर्मा, व्यापारी
फाेटो 15
-सोने-चांदी के जेवर पहनकर निकलने पर खतरा रहता है। आर्टिफिशियल ज्वैलरी सस्ती और अच्छी रहती है। समय के हिसाब से बेहतर डिजाइन भी मिल जाते हैं।
अनुष्का मिश्रा
फाेटो 16
-आर्टिफिशियल ज्वैलरी काफी बेहतर है। बिल्कुल सोने और चांदी के जेवरों की तरह लगती है। सामान्यता युवतियां और महिलाएं इसे ही पसंद कर रहीं हैं।
आस्था त्रिपाठी

अनुष्का मिश्रा। संवाद

अनुष्का मिश्रा। संवाद

अनुष्का मिश्रा। संवाद

अनुष्का मिश्रा। संवाद