Shahjahanpur: सीसीटीवी से खुला राजकीय मेडिकल कॉलेज में भगदड़ का राज, दर्ज हो सकती है FIR
राजकीय मेडिकल कॉलेज में गैस रिसाव से मची भगदड़ के मामले में अधिकारी झूठ बोलते रहे। डीएम ने सीसीटीवी फुटेज चेक कराई तो हकीकत सामने आई। डीएम ने जिम्मेदारों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
विस्तार
शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों द्वारा चोरी से कबाड़ में बेचे जा रहे सिलिंडर को काटे जाने के दौरान क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ था। भगदड़ मचने के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों ने फॉर्मेलिन केमिकल के गिरने से हुए गैस रिसाव की जानकारी देकर डीएम को गुमराह करने की कोशिश की। डीएम ने आधी रात में जब अधिकारियों को भेजकर सीसीटीवी चेक कराए तो हकीकत सामने आ गई। बुधवार को एफआईआर दर्ज हो सकती है।
रविवार को ट्रॉमा सेंटर में गैस के रिसाव के बाद से मेडिकल कॉलेज में भगदड़ मच गई थी। कई वार्डों के मरीज-तीमारदार भागकर खुले में आ गए थे। घटना के बाद डीएम-एसपी व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि ट्रॉमा सेंटर के ऑपरेशन थिएटर में उपकरणों को स्टरलाइज करने के दौरान इस्तेमाल होने वाले फॉर्मेलिन केमिकल के गिरने से पैदा हुई गैस का रिसाव हुआ है।
मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों की दलील से सहमत न होते हुए डीएम धर्मेंद्र प्रताप ने आधी रात को एडीएम को मौके पर भेजकर सभी सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक करने के निर्देश दिए। इसमें ट्रॉमा सेंटर के पीछे क्लोरिन सिलिंडर के पास खड़े कुछ लोग दिखाई दे रहे हैं। सिलिंडर में कट लगते ही गैस का रिसाव हुआ और वहां मौजूद लोग भाग गए।
स्टोर इंचार्ज ने दी यह दलील
भागने के बाद भी उन लोगों ने राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य या किसी जिम्मेदार व्यक्ति को यह बताने की जरूरत नहीं समझी कि क्लोरीन का रिसाव हुआ है। जबकि सैकड़ों लोग घंटों दहशत में रहे। बाद में जब सीसीटीवी फुटेज से हकीकत सामने आ गई तो फुटेज में नजर आ रहे स्टोर इंचार्ज सुभाष कनौजिया ने कबाड़ ठेकेदार के कर्मचारियों से सिलिंडर की चूड़ी कसवाने की बात कही।
सवाल यह खड़ा हो रहा है कि अगर चूड़ी कसवाने के दौरान रिसाव हुआ तो इस बारे में इतना हड़कंप मचने के बाद भी अधिकारियों को क्यों नहीं बताया गया। अधिकारियों के अनुसार, सही जानकारी देने पर डॉक्टर क्लोरिन गैस के असर को कम करने का प्रयास करते, लेकिन किसी को सही जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, सिलिंडर काटने वाले चार मजदूर कोतवाली पुलिस की हिरासत में हैं।
माना जा रहा है कि सिलिंडर चोरी से बेचा जा रहा था। इसी वजह से किसी अधिकारी को सही बात नहीं बताई गई। मामला निपट भी जाता लेकिन सीसीटीवी फुटेज से हकीकत सामने आ गई। माना जा रहा है कि अस्पताल के कुछ कर्मचारी भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। साथ ही कबाड़ बिक्री की भी जांच हो सकती है।
सिलिंडर से क्लोरिन रिसाव के बाद हुए भगदड़ की बात सामने आने पर डीएम ने जिम्मेदारों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद मंगलवार को मेडिकल कॉलेज प्रशासन किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सका है। प्राचार्य कबाड़ी को जिम्मेदार मान रहे हैं, पर अन्य की भूमिका को लेकर मंथन होने की बात कह रहे हैं। मंगलवार की शाम तक मामले में तहरीर नहीं दी गई है।
कॉलेज की कमेटी ने दर्ज किए बयान
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने डॉ. एमएल अग्रवाल, डॉ. सरोज कुमार और डॉ. गौरव की कमेटी बनाकर जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को टीम ने स्टोर इंचार्ज सुभाष कनौजिया व काम करने वाले चार कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। उनसे घटना के बारे में विस्तार से जानकारी भी ली गई है।
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि क्लोरिन के सिलिंडर से गैस का रिसाव हुआ है। बुधवार तक कमेटी की रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी। घटना के जो भी जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।