फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   The bridge was constructed by Car Service

कार सेवा से बनवा दिया पुल

Wed, 08 Jul 2015 08:56 PM IST
हरिओम त्रिवेदी/पुवायां।
हरिओम त्रिवेदी/पुवायां। Updated Wed, 08 Jul 2015 08:56 PM IST
विज्ञापन
The bridge was constructed by Car Service
 कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता। हर काम के लिए सरकार का मुंह ताकना बाबा अमरीक सिंह जैसे लोगों को कतई पसंद नहीं। उनका मानना है कि यदि लोग ईमानदारी से अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग कर दें तो जो काम सरकारी मशीनरी सालों में पूरा कर पाएगी, वह कुछ महीनों में ही संभव है। बाबा अमरीक सिंह की पहल पर पुवायां के लोगों ने वर्ष 2011 में कार सेवा से लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये की लागत से खन्नौत नदी पर 50 मीटर लंबे पुल का निर्माण कर यह साबित भी कर दिया है।
विज्ञापन

पुवायां से नाहिल होते हुए बीसलपुर और बिलसंडा जाने वाले मार्ग पर खन्नौत नदी पड़ती है। नदी पर पुल नहीं होने के के कारण पुवायां क्षेत्र के लोगों को बिलसंडा, बीसलपुर, बरेली आदि जाने के लिए निगोही, बंडा आदि से घूमकर जाना पड़ता था। नेताओं से तमाम बार मांग के बाद भी पुल निर्माण के आसार नहीं बने तो पंजाब के पटियाला के बाबा अमरीक सिंह से लोगों ने अपनी समस्या बयां की। बाबा ने कार सेवा के माध्यम से पुल निर्माण का बीड़ा उठाते हुए काम शुरू करा दिया। बाबा अमरीक सिंह ने अपने पास और क्षेत्रीय लोगों के स्वेच्छा से दिए चंदे की बदौलत 10 दिसंबर 2005 से पांच दरों वाले पुल का निर्माण कार्य शुरू करा दिया। 16 मार्च 2011 को इस पुल का निर्माण कार्य पूरा हो गया। इसमें तकनीकी विशेषज्ञों की भी राय ली गई। डिजायन भी उन्हीं से तैयार कराया गया। पुल बन जाने से पुवायां सहित गंगसरा, नाहिल, बड़गांव के व्यापारियों के लिए बरेली आने-जाने के लिए कम भीड़भाड़ और कम दूरी वाला रास्ता तैयार हो गया है। पुवायां से शाहजहांपुर होते हुए बरेली की दूरी 110 किमी है। पुल बन जाने से अब पुवायां से बरेली की दूरी महज 86 किमी रह गई है।
विज्ञापन


मेनका गांधी ने दिए थे 10 लाख रुपये
पुवायां। सांसद मेनका गांधी ने पुल निर्माण के दौरान घाट पर आकर शारदा नहर से चपरौआ घाट के पुल तक सड़क बनाने के लिए सांसद निधि से दस लाख रुपये देने की घोषणा की थी। रकम मिली भी, लेकिन इससे सिर्फ आधा किमी ही डामर सड़क बन सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन


आने-जाने वाले खुशी से देते हैं चंदा
पुवायां। इस पुल से आने-जाने वाले तमाम लोग स्वेच्छा से चंदा देते हैं। ताकि पुल निर्माण की शेष कमियों को पूरा कराया जा सके। इस दौरान चंदा देने वालों को बाबा के शिष्य प्रसाद भी देते हैं। पुल के दोनों ओर लगभग एक किमी एप्रोच रोड के लिए काफी रकम की दरकार है, लेकिन नेता इस ओर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझते हैं, जिस कारण बरसात के मौसम में आवागमन में समस्या खड़ी हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed