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Shahjahanpur News: दो साधुओं की हत्या का आरोपी जेल भेजा गया, पर थमा नहीं ग्रामीणों का आक्रोश
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खुदागंज के गांव सूथा में साधुओं की हत्या के बाद मंदिर परिसर में पसरा सन्नाटा। संवाद
खुदागंज (शाहजहांपुर)। ग्राम सूथा के बाहर मंदिर परिसर में दो साधुओं गोपालदास और उनके शिष्य बिहारीदास की हत्या के आरोपी सुमित सिंह को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। इसके बावजूद गांव और क्षेत्र में आक्रोश कम नहीं हुआ है। ग्रामीण आरोपी की जमानत कराए जाने की आशंका जताते हुए उसके एनकाउंटर की मांग कर रहे हैं।
आरोपी सुमित पर आर्म्स एक्ट के तीन समेत कुल आठ मामले दर्ज हैं। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह मंदिर में रहना चाहता था। इसी वजह से उसने एक अक्तूबर की रात बाबा गोपालदास और बिहारीदास की लोहे के पाइप से हमला कर हत्या कर दी। दोनों शवों को मंदिर में रखी लकड़ियों और दीपक जलाने के लिए रखे घी से जला दिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल लोहे के पाइप को उसने मंदिर के पास झाड़ियों में छिपा दिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी के चाचा और मंदिर के व्यवस्थापक शिवकुमार सिंह की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सुमित पहले भी मंदिर में रहने वाले साधुओं को धमकाता था।
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वहीं, शुक्रवार को कई ग्रामीण थाने पहुंचे और आरोपी के एनकाउंटर की मांग करने लगे। उनका कहना था कि सुमित जमानत मिलने के बाद फिर बाहर आकर पूरे गांव को परेशान करेगा। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया।
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मां बोलीं- एनकाउंटर हो जाए तो कोई मलाल नहीं
आरोपी की मां राजेश देवी ने रोते हुए बताया कि छह वर्ष पहले दिल्ली में सुमित की मानसिक स्थिति खराब हुई थी। इसके बाद उसके व्यवहार से परिवार के लोग भी परेशान रहने लगे थे। सुमित आए दिन पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता था। घटना वाली रात भी वह घर आया था और मुख्य गेट बंद कर पीछे का रास्ता खुला रखने की बात कह रहा था। उसके व्यवहार को देखकर परिवार के लोगों ने खुद को घर के अंदर बंद कर लिया था।
राजेश देवी ने बताया कि घटना वाली रात उन्होंने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना देने का प्रयास किया था। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने तत्काल मौके पर आने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि सुमित का एनकाउंटर कर दिया जाए तो उन्हें कोई मलाल नहीं होगा। अगर उसे फांसी की सजा मिलती है तो भी परिवार की ओर से उसके बचाव के लिए कोई कानूनी पैरवी नहीं की जाएगी।
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पुराने विवाद और घटनाओं का भी किया जिक्र
राजेश देवी ने बताया कि छह वर्ष पहले सुमित ने गांव में एक पड़िया और पड्डे को मार दिया था। इसके बाद एक परिवार के साथ विवाद हुआ था। सुमित ने अपने ही परिवार के एक व्यक्ति के खोखे में आग लगाने की कोशिश की थी। उसके व्यवहार से परेशान होकर संबंधित परिवार वर्ष 2024 में गांव छोड़कर चला गया। सुमित की शादी 12 वर्ष पहले कटरा क्षेत्र के परशुरामपुर गांव में हुई थी। उसकी पत्नी नीलम ने भी आरोप लगाया कि सुमित आए दिन उसके साथ मारपीट करता था और बच्चों को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता था।
पुलिस पर तहरीर नहीं लेने का आरोपबाबा बिहारीदास के भतीजे प्रदीप का आरोप है कि वह थाने में तहरीर देने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने नहीं ली। उनका कहना है कि मंदिर के व्यवस्थापक शिवकुमार सिंह ने जो तहरीर दी है, वह सुमित के रिश्तेदार हैं और बाबा के भी रिश्ते में चाचा लगते हैं। ऐसे में उन्हें आशंका है कि बाद में पैरवी ठीक ढंग से नहीं होगी। प्रदीप ने कहा कि यदि खुदागंज थाने में उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो वह पुलिस अधीक्षक से मिलकर शिकायत करेंगे। उन्होंने सुमित के रिश्तेदार पर धमकी देने का भी आरोप लगाया।
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मंदिर के सामान की जांच जारी
मंदिर के व्यवस्थापक शिवकुमार सिंह के अनुसार, पुलिस ने मंदिर परिसर में बने कमरे का ताला खुलवाया था। कमरे में लड्डू गोपाल, श्री राधा-कृष्ण और पंचमुखी हनुमान की मूर्तियां सुरक्षित मिलीं। कमरे से कोई सामान गायब हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। घटना के बाद सुमित के पिता विष्णु सिंह घर से चले गए हैं। पुलिस ने सुमित के बहनोई को भी पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। उनका कहना है कि दस वर्षों में सुमित केवल एक बार उनके घर आया था।
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अब तक की जांच में सामने आया है कि सुमित ने अकेले ही वारदात को अंजाम दिया है। हत्या में प्रयुक्त लोहे के पाइप को भी बरामद कर लिया गया है। मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है। - सौरभ दीक्षित, एसपी
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आरोपी सुमित पर आर्म्स एक्ट के तीन समेत कुल आठ मामले दर्ज हैं। पुलिस की पूछताछ में उसने बताया कि वह मंदिर में रहना चाहता था। इसी वजह से उसने एक अक्तूबर की रात बाबा गोपालदास और बिहारीदास की लोहे के पाइप से हमला कर हत्या कर दी। दोनों शवों को मंदिर में रखी लकड़ियों और दीपक जलाने के लिए रखे घी से जला दिया।
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पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल लोहे के पाइप को उसने मंदिर के पास झाड़ियों में छिपा दिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने उसे बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी के चाचा और मंदिर के व्यवस्थापक शिवकुमार सिंह की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि सुमित पहले भी मंदिर में रहने वाले साधुओं को धमकाता था।
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वहीं, शुक्रवार को कई ग्रामीण थाने पहुंचे और आरोपी के एनकाउंटर की मांग करने लगे। उनका कहना था कि सुमित जमानत मिलने के बाद फिर बाहर आकर पूरे गांव को परेशान करेगा। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया।
मां बोलीं- एनकाउंटर हो जाए तो कोई मलाल नहीं
आरोपी की मां राजेश देवी ने रोते हुए बताया कि छह वर्ष पहले दिल्ली में सुमित की मानसिक स्थिति खराब हुई थी। इसके बाद उसके व्यवहार से परिवार के लोग भी परेशान रहने लगे थे। सुमित आए दिन पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट करता था। घटना वाली रात भी वह घर आया था और मुख्य गेट बंद कर पीछे का रास्ता खुला रखने की बात कह रहा था। उसके व्यवहार को देखकर परिवार के लोगों ने खुद को घर के अंदर बंद कर लिया था।
राजेश देवी ने बताया कि घटना वाली रात उन्होंने 112 नंबर पर पुलिस को सूचना देने का प्रयास किया था। उनका आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने तत्काल मौके पर आने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि सुमित का एनकाउंटर कर दिया जाए तो उन्हें कोई मलाल नहीं होगा। अगर उसे फांसी की सजा मिलती है तो भी परिवार की ओर से उसके बचाव के लिए कोई कानूनी पैरवी नहीं की जाएगी।
पुराने विवाद और घटनाओं का भी किया जिक्र
राजेश देवी ने बताया कि छह वर्ष पहले सुमित ने गांव में एक पड़िया और पड्डे को मार दिया था। इसके बाद एक परिवार के साथ विवाद हुआ था। सुमित ने अपने ही परिवार के एक व्यक्ति के खोखे में आग लगाने की कोशिश की थी। उसके व्यवहार से परेशान होकर संबंधित परिवार वर्ष 2024 में गांव छोड़कर चला गया। सुमित की शादी 12 वर्ष पहले कटरा क्षेत्र के परशुरामपुर गांव में हुई थी। उसकी पत्नी नीलम ने भी आरोप लगाया कि सुमित आए दिन उसके साथ मारपीट करता था और बच्चों को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश करता था।
पुलिस पर तहरीर नहीं लेने का आरोपबाबा बिहारीदास के भतीजे प्रदीप का आरोप है कि वह थाने में तहरीर देने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने नहीं ली। उनका कहना है कि मंदिर के व्यवस्थापक शिवकुमार सिंह ने जो तहरीर दी है, वह सुमित के रिश्तेदार हैं और बाबा के भी रिश्ते में चाचा लगते हैं। ऐसे में उन्हें आशंका है कि बाद में पैरवी ठीक ढंग से नहीं होगी। प्रदीप ने कहा कि यदि खुदागंज थाने में उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो वह पुलिस अधीक्षक से मिलकर शिकायत करेंगे। उन्होंने सुमित के रिश्तेदार पर धमकी देने का भी आरोप लगाया।
मंदिर के सामान की जांच जारी
मंदिर के व्यवस्थापक शिवकुमार सिंह के अनुसार, पुलिस ने मंदिर परिसर में बने कमरे का ताला खुलवाया था। कमरे में लड्डू गोपाल, श्री राधा-कृष्ण और पंचमुखी हनुमान की मूर्तियां सुरक्षित मिलीं। कमरे से कोई सामान गायब हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है। घटना के बाद सुमित के पिता विष्णु सिंह घर से चले गए हैं। पुलिस ने सुमित के बहनोई को भी पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। उनका कहना है कि दस वर्षों में सुमित केवल एक बार उनके घर आया था।
अब तक की जांच में सामने आया है कि सुमित ने अकेले ही वारदात को अंजाम दिया है। हत्या में प्रयुक्त लोहे के पाइप को भी बरामद कर लिया गया है। मामले की विस्तृत विवेचना की जा रही है। - सौरभ दीक्षित, एसपी

खुदागंज के गांव सूथा में साधुओं की हत्या के बाद मंदिर परिसर में पसरा सन्नाटा। संवाद

खुदागंज के गांव सूथा में साधुओं की हत्या के बाद मंदिर परिसर में पसरा सन्नाटा। संवाद

खुदागंज के गांव सूथा में साधुओं की हत्या के बाद मंदिर परिसर में पसरा सन्नाटा। संवाद