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चाइनीज मांझा ने रोकी ट्रेन की रफ्तार, 15 मिनट खड़ी रही दून एक्सप्रेस
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रोजा(शाहजहांपुर)। चाइनीज मांझे ने मंगलवार को सुबह ट्रेन की रफ्तार रोक दी। 15 मिनट तक दून एक्सप्रेस स्टेशन पर खड़ी रही। काफी मशक्कत के बाद मांझा हटाया जा सका। जिसके बाद ट्रेनों का संचालन शुरू हो सका। इस बीच दूसरी ट्रेनें भी पीछे के स्टेशनों पर खड़ी हो गईं।
दून एक्सप्रेस मंगलवार को सुबह पांच बजे रेलवे स्टेशन पर पहुंची। अपने निर्धारित स्टॉपेज के बाद ट्रेन स्टेशन से रवाना हुई। ट्रेन अपनी गति पकड़ ही रही थी तभी लोको पायलट की नजर ओएचई बायर पर लटक रहे चाइनीज मांझे पर पड़ गई और उसने तत्काल ब्रेक लगा दिया। ट्रेन फिर स्टेशन पर ही खड़ी हो गई। लोको पायलट ने वॉकी टॉकी से पावर केबिन को सूचना दी। जिसके बाद कंट्रोल के आदेश पर पीआरडी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और ओएचई लाइन पर लटक रहे चाइनीज मांझा को हटाया। उसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। इस बीच ट्रेन करीब 15 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। उसके पीछे से आ रही चंडीगढ़ एक्सप्रेस पीछे के स्टेशन पर रोकनी पड़ी। स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि चाइनीज मांझे के ओएचई लाइन पर लटके होने से करंट फैल सकता था। लोको पायलट की सतर्कता से हादसा बच गया।
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दून एक्सप्रेस मंगलवार को सुबह पांच बजे रेलवे स्टेशन पर पहुंची। अपने निर्धारित स्टॉपेज के बाद ट्रेन स्टेशन से रवाना हुई। ट्रेन अपनी गति पकड़ ही रही थी तभी लोको पायलट की नजर ओएचई बायर पर लटक रहे चाइनीज मांझे पर पड़ गई और उसने तत्काल ब्रेक लगा दिया। ट्रेन फिर स्टेशन पर ही खड़ी हो गई। लोको पायलट ने वॉकी टॉकी से पावर केबिन को सूचना दी। जिसके बाद कंट्रोल के आदेश पर पीआरडी के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और ओएचई लाइन पर लटक रहे चाइनीज मांझा को हटाया। उसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। इस बीच ट्रेन करीब 15 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही। उसके पीछे से आ रही चंडीगढ़ एक्सप्रेस पीछे के स्टेशन पर रोकनी पड़ी। स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि चाइनीज मांझे के ओएचई लाइन पर लटके होने से करंट फैल सकता था। लोको पायलट की सतर्कता से हादसा बच गया।
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