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Chandra Grahan 2026: शाहजहांपुर, पीलीभीत और खीरी में कितने बजे दिखेगा ग्रहण? शाम सात बजे दर्शन देंगे भगवान
Tue, 03 Mar 2026 05:59 PM IST
Mukesh Kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
Published by: Mukesh Kumar
Updated Tue, 03 Mar 2026 05:59 PM IST
सार
होली से एक दिन पहले मंगलवार को चंद्र ग्रहण लग रहा है। सूतक लगने के कारण तराई के जिलों में मंगलवार को सुबह से ही मंदिरों के कपाट बंद रहे। ग्रहण खत्म होने के बाद मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे।
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Chandra Grahan 2026
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
होली से एक दिन पहले चंद्र ग्रहण होने पर सूतक लगने के कारण मंगलवार को सुबह से ही शाहजहांपुर में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। इस दौरान घरों में पूजन करने के साथ ही भजन कीर्तन भी किए गए। चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे। पुजारियों के अनुसार, चंद्रमा के उदय के बाद 6:20 बजे से चंद्र ग्रहण शुरू होगा। यह 6:47 बजे तक रहेगा। चंद्र ग्रहण से नौ घंटे पहले सूतक लगने के चलते सुबह में मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए।
शहर के बाबा विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर, श्री रुद्र बाला जी धाम, कालीबाड़ी मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, मंडी स्थित देवी मंदिर समेत तमाम मंदिरों के कपाट बंद रहे। श्री रुद्र बाला जी धाम के पुजारी पंडित डॉ.कान्हा कृष्ण शुक्ला ने बताया कि चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद शाम को स्नान कर कपाट खोले जाएंगे। उसके बाद मंदिरों में पूजा-अर्चना प्रारंभ होगी।
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शहर के बाबा विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर, श्री रुद्र बाला जी धाम, कालीबाड़ी मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, मंडी स्थित देवी मंदिर समेत तमाम मंदिरों के कपाट बंद रहे। श्री रुद्र बाला जी धाम के पुजारी पंडित डॉ.कान्हा कृष्ण शुक्ला ने बताया कि चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद शाम को स्नान कर कपाट खोले जाएंगे। उसके बाद मंदिरों में पूजा-अर्चना प्रारंभ होगी।
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लखीमपुर में सवा सात बजे खुलेंगे संकटा देवी मंदिर के कपाट
चंद्र ग्रहण के प्रभाव को देखते हुए लखीमपुर शहर के मंदिरों के कपाट मंगलवार को सुबह से बंद कर दिए गए। सुबह नियमित आरती के बाद मंदिरों के द्वार श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए, जिन्हें शाम सवा सात बजे खोला जाएगा। संकटा देवी मंदिर आरती समिति के सदस्य कमल मिश्रा ने बताया कि ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर की विधिवत शुद्धि की जाएगी। इसके उपरांत भगवान का विशेष श्रृंगार, भोग अर्पण और संध्या आरती संपन्न होगी।
चंद्र ग्रहण के प्रभाव को देखते हुए लखीमपुर शहर के मंदिरों के कपाट मंगलवार को सुबह से बंद कर दिए गए। सुबह नियमित आरती के बाद मंदिरों के द्वार श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए, जिन्हें शाम सवा सात बजे खोला जाएगा। संकटा देवी मंदिर आरती समिति के सदस्य कमल मिश्रा ने बताया कि ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर की विधिवत शुद्धि की जाएगी। इसके उपरांत भगवान का विशेष श्रृंगार, भोग अर्पण और संध्या आरती संपन्न होगी।
सुबह से लग गया चंद्र ग्रहण का सूतक काल
चंद्र ग्रहण के चलते पीलीभीत में शहर और जिले के सभी मंदिरों के कपाट मंगलवार सुबह से ही बंद हो गए। पूजा अर्चना का सिलसिला भी थम गया। शहर के गांधी स्टेडियम मार्ग के पंचमुखी हनुमान मंदिर, टनकपुर मार्ग के हनुमान मंदिर, संतोषी माता मंदिर, अशोक कालोनी के राधा कृष्ण मंदिर के कपाट बंद रहे। राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी ने बताया कि चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 से शाम 6:47 बजे तक रहेगा। इसके बाद भगवान को स्नान, ध्यान और पूजन के बाद मंदिर के कपाट खुल जाएंगे। चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 6:20 बजे से शुरू हो गया था।
चंद्र ग्रहण के चलते पीलीभीत में शहर और जिले के सभी मंदिरों के कपाट मंगलवार सुबह से ही बंद हो गए। पूजा अर्चना का सिलसिला भी थम गया। शहर के गांधी स्टेडियम मार्ग के पंचमुखी हनुमान मंदिर, टनकपुर मार्ग के हनुमान मंदिर, संतोषी माता मंदिर, अशोक कालोनी के राधा कृष्ण मंदिर के कपाट बंद रहे। राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी ने बताया कि चंद्र ग्रहण दोपहर 3:20 से शाम 6:47 बजे तक रहेगा। इसके बाद भगवान को स्नान, ध्यान और पूजन के बाद मंदिर के कपाट खुल जाएंगे। चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 6:20 बजे से शुरू हो गया था।