सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों से नाराज शिक्षकों और कर्मचारियों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में वेतन आयोग की प्रतियां जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में शिक्षक-कर्मचारी समन्वय समिति के पदाधिकारियों ने पिछले सत्तर वर्ष में केंद्र सरकार द्वारा सबसे कम वेतन बढ़ोत्तरी किए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करने का संकल्प दोहराया। प्रदर्शन में शामिल शिक्षकाें और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय कोषाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार ने सातवें वेतन आयोग की संस्तुतियों को लागू करके शिक्षकों- कर्मचारियों के साथ छलावा किया है। उन्होंने कहा कि दस वर्ष बाद लागू होने वाले वेतन आयोग से बहुत उम्मीदें होती हैं, लेकिन इस बार वेतन में न्यूनतम बढ़ोत्तरी करके सरकार ने केवल मजाक किया है। संघ के जिला मंत्री देवेश वाजपेयी ने कहा कि देश की तरक्की में शिक्षकाें और कर्मचारियों का योगदान किसी से छिपा नहीं है। इसलिए उनके हितों की अनदेखी देश के उज्जवल भविष्य के साथ खिलवाड़ के समान है। यदि केंद्र सरकार नहीं चेती तो पुरानी पेंशन और वेतन आयोग की संस्तुतियों को लेकर जिले के शिक्षक और कर्मचारी 14 जुलाई को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन को बाध्य हो जाएंगे। राजकुमार तिवारी, सरताज अली, मुनीश मिश्रा, नवेंदु मिश्रा, केके सिंह, विनय गुप्ता, आनंद बिहारी वाजपेयी, आदेश सिंह, महेंद्र सिंह, रामकिंकर वाजपेयी, कृष्ण गोपाल दीक्षित, गजेंद्र कुमार, प्रद्युमन सिंह, विनोद दीक्षित, जुबैर आलम, राजकुमार सिंह, राहुल तोमर, नीरज सक्सेना, पंकज पांडेय, परवेज आलम, आनंद गंगवार, रामप्रसाद, शाहनवाज खां आदि शामिल रहे।