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Shahjahanpur News: धंसी सड़क की मरम्मत के नाम पर खानापूरी, खतरे में हाईवे का सफर
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बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर धंसी सड़क। संवाद
अल्हागंज। बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर रामगंगा पुल के पास बारिश से धंसी सड़क की मरम्मत के नाम पर खानापूरी की जा रही है। सड़क के नीचे मिट्टी कटने से बने गहरे गड्ढे में मिट्टी और मलबा डाला जा रहा है, जबकि धंसा हिस्सा अब भी यातायात के लिए खतरा बना हुआ है। सुरक्षा के लिए लगाई गई बैरिकेडिंग भी क्षतिग्रस्त होकर गड्ढे में गिर गई है। ऐसे में हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों पर हादसे का खतरा मंडरा रहा है।
रामगंगा पुल से करीब 150 मीटर पहले बारिश के कारण हाईवे के किनारे लगभग 12 फुट चौड़ाई में सड़क धंस गई थी। इससे करीब आठ फुट गहरा गड्ढा बन गया। सड़क के नीचे मिट्टी काफी गहराई तक कट जाने से खाली स्थान भी दिखाई दे रहा है। खतरे को देखते हुए पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग कराई थी, लेकिन अब यह भी क्षतिग्रस्त होकर गड्ढे में जा गिरी है।
मौके पर सड़क को दुरुस्त करने के लिए गड्ढे में मिट्टी और मलबा डाला जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क के नीचे की कमजोर और खोखली मिट्टी को मजबूत किए बिना केवल मलबा डालकर गड्ढा भरने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। भारी वाहनों के दबाव में सड़क दोबारा धंसने की आशंका बनी हुई है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते धंसे हिस्से को मानकों के अनुरूप मजबूत नहीं किया गया तो सड़क का और हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो सकता है। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ ही गंभीर हादसा होने का खतरा है। लोगों ने सुरक्षा के लिए मजबूत बैरिकेडिंग लगाने और सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है।
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बारिश की वजह से सड़क कट गई थी, जिसकी मरम्मत कराई गई थी। बारिश लगातार होने से फिर गड्ढा हो गया है। सड़क की मरम्मत कराने के लिए टीम को लगा दिया गया है।
- अमन त्रिगुन, परियोजना निदेशक, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
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रामगंगा पुल से करीब 150 मीटर पहले बारिश के कारण हाईवे के किनारे लगभग 12 फुट चौड़ाई में सड़क धंस गई थी। इससे करीब आठ फुट गहरा गड्ढा बन गया। सड़क के नीचे मिट्टी काफी गहराई तक कट जाने से खाली स्थान भी दिखाई दे रहा है। खतरे को देखते हुए पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग कराई थी, लेकिन अब यह भी क्षतिग्रस्त होकर गड्ढे में जा गिरी है।
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मौके पर सड़क को दुरुस्त करने के लिए गड्ढे में मिट्टी और मलबा डाला जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क के नीचे की कमजोर और खोखली मिट्टी को मजबूत किए बिना केवल मलबा डालकर गड्ढा भरने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। भारी वाहनों के दबाव में सड़क दोबारा धंसने की आशंका बनी हुई है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि समय रहते धंसे हिस्से को मानकों के अनुरूप मजबूत नहीं किया गया तो सड़क का और हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो सकता है। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ ही गंभीर हादसा होने का खतरा है। लोगों ने सुरक्षा के लिए मजबूत बैरिकेडिंग लगाने और सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है।
बारिश की वजह से सड़क कट गई थी, जिसकी मरम्मत कराई गई थी। बारिश लगातार होने से फिर गड्ढा हो गया है। सड़क की मरम्मत कराने के लिए टीम को लगा दिया गया है।
- अमन त्रिगुन, परियोजना निदेशक, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय