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फर्जीवाड़ा : गन्ना बोया ही नहीं गया और कर दिया सट्टा, बर्खास्त होंगे कर्मचारी

Tue, 21 Feb 2023 12:39 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Tue, 21 Feb 2023 12:39 AM IST
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Sugarcane was not sown and bet, employees will be sacked
शाहजहांपुर। रोजा चीनी मिल क्षेत्र के बांसखेड़ा और कुर्रिया कलां गांव के किसानों की गन्ना पर्चियां न मिलने की शिकायत पर गन्ना विकास विभाग के अधिकारियों की टीम ने जांच की तो दोनों गांवों मेें कई किसानों का फर्जी सट्टा पाया गया। अधिकारियों के अनुसार सट्टा अभिलेखों मेें फर्जी गन्ना रकबा दर्ज करने वाले कर्मचारियों को बर्खास्त किया जाएगा। फर्जीवाड़े में लिप्त किसानों को चिह्नित कर उन्हें कारण बताओ नोटिस दिए जा रहे हैं ताकि सहकारी गन्ना विकास समिति से उनकी सदस्यता रद्द कराई जा सके।
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इसलिए पड़ी सर्वे-सट्टा की जांच कराने की जरूरत
गन्ना सर्वे सट्टा की प्रक्रिया पेराई सत्र शुरू होने से करीब एक माह पहले पूरी कर ली जाती है। जांच में कुछ ऐसे किसान चिह्नित किए गए जो गन्ने की अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल हैं। ये किसान पर्ची पर अपना गन्ना आपूर्ति न करके दूसरे किसानों से गन्ना खरीदकर चीनी मिल पहुंचाते हैं और अपना गन्ना खेत में खड़ा रखते हैं। बाद में जब इनके सट्टे की पर्चियां खत्म हो जाती हैं तो वह विभाग में शिकायत करते हैं कि उनका गन्ना खेत में खड़ा है और उन्हें पर्ची नहीं मिल रही हैं। इस तरह की शिकायतों की स्थलीय जांच के लिए रोजा के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक डॉ. सुनील कनौजिया अध्यक्षता में 11 सदस्यीय जांच टीम गठित की गई।
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मौके पर नहीं मिली सट्टा अभिलेखों मेें दर्ज गन्ने की फसल
बांसखेड़ा एवं कुर्रिया कलां के सट्टा अभिलेखों पर दर्ज गन्ना रकबा की संबंधित किसानों के खेतों पर जाकर जांच की गई। जांच में पता चला कि बलराम सिंह, हरनाम सिंह व शिवदेश सिंह के गन्ना सट्टों पर करीब 15 हेक्टेयर गन्ना रकबा दर्ज है, लेकिन स्थलीय सत्यापन में मौके पर कोई फसल नहीं पाई गई। अधिकारियों के अनुसार शिवेंद्र सिंह, मधुसूदन सिंह और रिपुसूदन सिंह लगातार गन्ना कार्यालय आकर हंगामा करके पर्चियों के लिए अनुचित दबाव बना रहे थे, लेकिन जांच से खुलासा हुआ कि उनके सट्टों पर सिर्फ 0.260 हेक्टेयर गन्ना दर्ज है, लेकिन 1100 क्विंटल से ज्यादा गन्ना मिल को दे चुके हैं। यह भी पता चला कि राम लड़ैते, रामकिशोर, फूल सिंह और कृष्ण कुमार के खेत में गन्ना नहीं है, लेकिन रोजा मिल के सर्वे कर्मचारी कृष्णपाल यादव रोजा गन्ना समिति के सर्वे कर्मचारी सुभाष पाल ने इन किसानों से सांठ-गांठ कर उनके फर्जी सट्टे बना दिए।
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किसानों को भड़काने वाले भी किए गए चिह्नित
जांच के दायरे मेें उन किसानों के सट्टे शामिल किए गए जो आए दिन पर्चियों के लिए कार्यालय आकर हंगामा करते थे। सट्टों पर दर्ज गन्ना रकबा की तुलना में मिलों को ज्यादा गन्ना दे चुके किसानों से पूछताछ की गई तो भेद खुला कि सरकार एवं विभाग की छवि ख़राब करने की नीयत से पंकज दीक्षित व सतीश दीक्षित नाम के दो व्यक्ति उन्हें लगातार फर्जी शिकायतें दर्ज करने के लिए भड़काते रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार अभी यह पता नहीं लग सका है कि ये दोनों व्यक्ति कहां के रहने वाले हैं।

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सट्टा पर दर्ज रकबा से ज्यादा पर्चियों की मांग करने वाले अथवा खेत में फसल नहीं होने पर भी सट्टा पर गन्ना रकबा दर्ज कराने वाले दस किसानों को भी गन्ना समिति अधिनियम-1965 की धारा 27 के तहत नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। संतोषजक उत्तर नहीं मिलने पर किसानों से समिति की सदस्यता छीन ली जाएगी। - डॉ. खुशीराम भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी
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