गन्ना किसान डिग्री कॉलेज का होगा कायाकल्प

अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर Updated Tue, 06 Jun 2017 12:01 AM IST
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नगर के गन्ना किसान डिग्री कॉलेज को डीएम प्रदेश में मॉडल कॉलेज बनाना चाहते हैं। डीएम के कॉलेज की व्यवस्थाएं सुचारू करने, यूजीसी के मानक अनुसार प्रवक्ताओं की नियुक्ति करने, फर्नीचर खरीदने के निर्देश के बाद लगता है कि अब कॉलेज के दिन बहुर जाएंगे। वर्षों से कॉलेज में प्रवक्ताओं की कमी के चलते कक्षाएं ही नहीं लगती हैं। इसके अलावा भी तमाम समस्याएं हैं।
क्या हैं दिक्कतें
पुवायां। प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी के चलते पुवायां के गन्ना किसान डिग्री कॉलेज की दुर्दशा है। कॉलेज के चपरासियों से लिपिकों का काम लिया जा रहा है। प्रवक्ताओं की कमी के चलते कॉलेज में काफी समय से कक्षाएं नहीं लग रही हैं। कई साल से कार्यवाहक प्राचार्य का पद संभाल रहे एसडीएम ने भी इस ओर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझी है, जिससे वर्तमान सत्र में लगभग सभी कक्षाओं में सीटें भी खाली रह गईं। पुवायां में किसान सहकारी चीनी मिल की स्थापना होने के बाद छात्रों के उच्च शिक्षा ग्रहण करने में आ रही परेशानी को देखते हुए गन्ना किसान डिग्री कॉलेज की स्थापना की गई थी। कॉलेज को सुचारू रूप से चलाने के लिए किसानों से गन्ना भुगतान की राशि से कुछ अंश लिया जाता है, लेकिन किसान सहकारी चीनी मिल ने करीब 35 लाख रुपये कॉलेज को नहीं दिए हैं। कॉलेज समिति में जिलाधिकारी अध्यक्ष, सीडीओ सचिव और एसडीएम संयुक्त सचिव हैं। कॉलेज में हिंदी, अंग्रेजी, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, संस्कृत, राजनीतिशास्त्र आदि विषयों में पढ़ाई की व्यवस्था है। यहां कुल 11 प्रवक्ताओं के पद सृजित हैं लेकिन वर्तमान में कुल तीन प्रवक्ता ही हैं। इनमें प्रवक्ता निवेदिता वाजपेयी कार्यालय पर्यवेक्षक का काम करती हैं। लिपिक के सभी तीन पद रिक्त चल रहे हैं। चपरासी और दो प्रवक्ता मिलकर लिपिक का काम निपटाते हैं। पिछले सत्र में कॉलेज में 420 सीटों के सापेक्ष मात्र 112 छात्र-छात्राओं ने ही प्रवेश लिया। 

फोटो- 20,बंद पड़ा गन्ना किसान डिग्री कालेज का छात्रावास

करोड़ों की लागत से बना छात्रावास भी बेकार
गन्ना किसान डिग्री कॉलेज में बाहर की छात्राओं के रहने के लिए करोड़ों की लागत से राजकीय अनुसूचित जाति बालिका छात्रावास की स्थापना की गई। 18 जुलाई, 2003 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने छात्रावास का लोकार्पण किया था। इसके बाद आज तक एक भी छात्रा ने इसमें रहने के लिए प्रवेश नहीं लिया है। 

बड़ी अनियमितताएं, लेकिन सब हैं खामोश
गन्ना किसान डिग्री कॉलेज में कई अनियमितताएं हें, लेकिन जिम्मेदार लोग चुप्पी साधे हैं। कॉलेज के नाम गांव हरदुआ में लगभग 32 एकड़ जमीन है। इस भूमि का कई वर्षों से ठेका नहीं हुआ था। इस साल जमीन का ठेका 2.55 लाख में हुआ लेकिन ठेका लेने वाले को अभी तक जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका है। 

कॉलेज को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी संबंधित लोग प्रयारत हैं। अधिकारी स्तर से जो भी निर्देश होंगे, उनके अनुसार कार्य किया जाएया। पुवायां चीनी मिल पर कॉलेज का 35 लाख रुपया बकाया है। यह मिल जाए तो कॉलेज में व्यवस्थाओं को सुचारू करने में मदद मिलेगी। 
- डॉ. निवेदिता, कार्यालय अधीक्षक, गन्ना किसान डिग्री कॉलेज

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