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Shahjahanpur News: औद्योगिक गलियारे के निर्माण में फंसा पेच, मात्र 82 प्रतिशत मिली जमीन
Sun, 02 Mar 2025 12:38 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 02 Mar 2025 12:38 AM IST
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शाहजहांपुर। गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे जलालाबाद के गांव गुलड़िया में औद्योगिक गलियारे के निर्माण फंसा पेंच नहीं निकल पा रहा है।
डेढ़ वर्ष के बाद भी यूपीडा मांग के अनुरूप पर्याप्त जमीन तलाश नहीं पाया है। किसानों के जमीन नहीं देने से कार्य आगे नहीं बढ़ सका है। ऐसे में उद्यमियों को जमीन तलाश करने को भटकना पड़ रहा है।
जलालाबाद में औद्योगिक गलियारा बनाने के उद्देश्य से 18 अगस्त 2023 को टीम ने आकर सर्वे किया था। औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए 102 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। जमीन के रेट को लेकर शुरूआत से ही किसानों ने आनाकानी शुरू कर दी थी, लेकिन जैसे-तैसे किसानों से वार्ताकर अभी तक 84.12 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। डेढ़ साल में मात्र 82.46 प्रतिशत जमीन ही औद्योगिक गलियारा के लिए मिल सकी है। जमीन मिलने के बाद यूपीडा को अपने स्तर से कार्रवाई को आगे बढ़ाना था। राजस्व विभाग के अनुसार, कुछ जमीन विवादित होने के कारण नहीं मिल रही हैं। उनका निस्तारण कराने के बाद भूमि सकेगी। कुछ लोग दिल्ली समेत अन्य राज्यों में रहकर काम करने चले गए। उनसे संपर्क साधकर बुलाकर जमीन का बैनामा कराने का प्रयास हो रहा है।
उद्योग केंद्र के उपायुक्त अनुराग यादव ने बताया कि औद्योगिक गलियारा को लेकर प्रशासन स्तर से कार्रवाई की जा रही है।
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जमीन मिलने पर ऐसे होगी कार्रवाई
-औद्याेगिक गलियारा बनने के बाद यूपीडा पोर्टल पर अपना प्लान शेयर करेगा। इसके बाद आवेदकों की जरूरत के हिसाब से उन्हें भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इसका विज्ञापन भी पोर्टल पर ही आएगा।
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जमीन तलाश रहे उद्यमी, गलियारा बनने से उम्मीद
-आईआईए के चैप्टर चेयरमैन गुरजीत सिंह मोगा ने बताया कि जिले में जमीन की कीमत काफी ज्यादा है। उद्योग स्थापित करने के लिए उद्यमियों को आसानी से जमीन नहीं मिल पा रही है। उनकी नजर में करीब 15 उद्यमी जमीन तलाश रहे हैं। औद्योगिक गलियारा बनने से उन्हें जमीन उपलब्ध हो सकेंगी, साथ ही परिवहन की समस्या भी नहीं आएगी।
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डेढ़ वर्ष के बाद भी यूपीडा मांग के अनुरूप पर्याप्त जमीन तलाश नहीं पाया है। किसानों के जमीन नहीं देने से कार्य आगे नहीं बढ़ सका है। ऐसे में उद्यमियों को जमीन तलाश करने को भटकना पड़ रहा है।
जलालाबाद में औद्योगिक गलियारा बनाने के उद्देश्य से 18 अगस्त 2023 को टीम ने आकर सर्वे किया था। औद्योगिक गलियारा बनाने के लिए 102 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। जमीन के रेट को लेकर शुरूआत से ही किसानों ने आनाकानी शुरू कर दी थी, लेकिन जैसे-तैसे किसानों से वार्ताकर अभी तक 84.12 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा चुका है। डेढ़ साल में मात्र 82.46 प्रतिशत जमीन ही औद्योगिक गलियारा के लिए मिल सकी है। जमीन मिलने के बाद यूपीडा को अपने स्तर से कार्रवाई को आगे बढ़ाना था। राजस्व विभाग के अनुसार, कुछ जमीन विवादित होने के कारण नहीं मिल रही हैं। उनका निस्तारण कराने के बाद भूमि सकेगी। कुछ लोग दिल्ली समेत अन्य राज्यों में रहकर काम करने चले गए। उनसे संपर्क साधकर बुलाकर जमीन का बैनामा कराने का प्रयास हो रहा है।
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उद्योग केंद्र के उपायुक्त अनुराग यादव ने बताया कि औद्योगिक गलियारा को लेकर प्रशासन स्तर से कार्रवाई की जा रही है।
जमीन मिलने पर ऐसे होगी कार्रवाई
-औद्याेगिक गलियारा बनने के बाद यूपीडा पोर्टल पर अपना प्लान शेयर करेगा। इसके बाद आवेदकों की जरूरत के हिसाब से उन्हें भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इसका विज्ञापन भी पोर्टल पर ही आएगा।
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जमीन तलाश रहे उद्यमी, गलियारा बनने से उम्मीद
-आईआईए के चैप्टर चेयरमैन गुरजीत सिंह मोगा ने बताया कि जिले में जमीन की कीमत काफी ज्यादा है। उद्योग स्थापित करने के लिए उद्यमियों को आसानी से जमीन नहीं मिल पा रही है। उनकी नजर में करीब 15 उद्यमी जमीन तलाश रहे हैं। औद्योगिक गलियारा बनने से उन्हें जमीन उपलब्ध हो सकेंगी, साथ ही परिवहन की समस्या भी नहीं आएगी।