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Shahjahanpur News: ऋण लेकर शुरू किया कारोबार... लिख दी कामयाबी की दास्तां
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रचना मोहन। स्वयं
- फोटो : खिलाड़ियों को प्रशस्तिपत्र देते विधायक व डीएम।-
शाहजहांपुर। महिला उद्यमिता दिवस बुधवार को होगा। जनपद में पुरुषों के साथ महिलाओं का कारोबार की ओर रुझान बढ़ा है। सरकार की योजना के जरिये ऋण लेकर कारोबार को शुरू किया और खुद सशक्त बनने के साथ ही दूसरों को रोजगार दिया। महिलाओं ने ब्यूटी पॉर्लर, वर्कशॉप, रेडीमेड गारमेंट्स, सिलाई कारखाना समेत कई तरह के उद्योग स्थापित कर महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया है।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार अभियान के तहत जिले में 940 लोगों ने आवेदन किया था। इसमें 244 महिलाएं भी शामिल थीं। महिलाओं के प्रोजेक्ट को बैंक के साथ ही उद्योग केंद्र के अफसरों को भी प्रभावित किया। उद्योग केंद्र के उपायुक्त अनुराग यादव बताते हैं कि योजना के तहत दो से पांच लाख तक का ऋण मिलता है। चार साल तक ब्याज रहित ऋण पर दस प्रतिशत का अनुदान भी मिलता है।
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रचना ने लगाई पेपर बैग की मशीन, दिया 12 लोगों को रोजगार
चमकनी करबला की रहने वालीं रचना मोहन ने उद्योग केंद्र से ऋण स्वीकृत कराकर पेपर बैग की मशीन को लगाया था। प्रारंभ में स्वयं प्रयास कर पेपर बैग की आपूर्ति की। उनका कारोबार चल निकला। इसके बाद आसपास के जिलाें में कारोबार को शुरू किया। रचना ने बताया कि अब पड़ोसी जिलों में भी पेपर बैग की आपूर्ति करती हैं। उन्होंने दस से 12 लोगों को रोजगार भी दिया है।
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फोटो 28
रूही खान ने लगाया सिलाई कारखाना, दिया 12 को रोजगार
शहर के मोहल्ला अलीजई निवासी फरहान की पत्नी रूही खान गृहिणी से कारोबारी बन गईं। पूर्व में घर में चूल्हा-चौका करने वाली रूही ने पांच लाख रुपये तक का ऋण लेकर महमंद जंगला में सिलाई कारखाना लगाया। आठ नई समेत 12 मशीनों को लगाया। नोएडा से कपड़ा मंगाकर सूट बनवाकर वहीं पर भेज देती हैं। उसका कमीशन उन्हें मिल जाता है। रूही के अनुसार, कारखाना लगाने के बाद वह खुद सशक्त बन गईं हैं। उन्होंने 12 लोगों को रोजगार दिया है।
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लगाई दोना-पत्तल की मशीन, अब अच्छा चल रहा घर
रेती निवासी सौरभ गुप्ता की पत्नी नीलम गुप्ता ने दोना और पत्तल की मशीन लगा रखी है। उन्होंने उद्योग केंद्र के माध्यम से तीन लाख का ऋण लिया था। उसके बाद दोना-पत्तल को मिठाई व चाट की दुकानों पर देने लगीं। नीलम ने बताया कि उनके कार्य में पांच लोग हाथ बंटाते हैं। कोविड से पहले भी छोटी मशीन लगाई थी, लेकिन लॉकडाउन लगने पर कार्य चल नहीं पाया। अब पति के साथ ही वह भी कमाती हैं। दो लोगों की कमाई से परिवार भी काफी ठीक चल जाता है।
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मुख्यमंत्री स्वरोजगार अभियान के तहत जिले में 940 लोगों ने आवेदन किया था। इसमें 244 महिलाएं भी शामिल थीं। महिलाओं के प्रोजेक्ट को बैंक के साथ ही उद्योग केंद्र के अफसरों को भी प्रभावित किया। उद्योग केंद्र के उपायुक्त अनुराग यादव बताते हैं कि योजना के तहत दो से पांच लाख तक का ऋण मिलता है। चार साल तक ब्याज रहित ऋण पर दस प्रतिशत का अनुदान भी मिलता है।
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रचना ने लगाई पेपर बैग की मशीन, दिया 12 लोगों को रोजगार
चमकनी करबला की रहने वालीं रचना मोहन ने उद्योग केंद्र से ऋण स्वीकृत कराकर पेपर बैग की मशीन को लगाया था। प्रारंभ में स्वयं प्रयास कर पेपर बैग की आपूर्ति की। उनका कारोबार चल निकला। इसके बाद आसपास के जिलाें में कारोबार को शुरू किया। रचना ने बताया कि अब पड़ोसी जिलों में भी पेपर बैग की आपूर्ति करती हैं। उन्होंने दस से 12 लोगों को रोजगार भी दिया है।
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फोटो 28
रूही खान ने लगाया सिलाई कारखाना, दिया 12 को रोजगार
शहर के मोहल्ला अलीजई निवासी फरहान की पत्नी रूही खान गृहिणी से कारोबारी बन गईं। पूर्व में घर में चूल्हा-चौका करने वाली रूही ने पांच लाख रुपये तक का ऋण लेकर महमंद जंगला में सिलाई कारखाना लगाया। आठ नई समेत 12 मशीनों को लगाया। नोएडा से कपड़ा मंगाकर सूट बनवाकर वहीं पर भेज देती हैं। उसका कमीशन उन्हें मिल जाता है। रूही के अनुसार, कारखाना लगाने के बाद वह खुद सशक्त बन गईं हैं। उन्होंने 12 लोगों को रोजगार दिया है।
लगाई दोना-पत्तल की मशीन, अब अच्छा चल रहा घर
रेती निवासी सौरभ गुप्ता की पत्नी नीलम गुप्ता ने दोना और पत्तल की मशीन लगा रखी है। उन्होंने उद्योग केंद्र के माध्यम से तीन लाख का ऋण लिया था। उसके बाद दोना-पत्तल को मिठाई व चाट की दुकानों पर देने लगीं। नीलम ने बताया कि उनके कार्य में पांच लोग हाथ बंटाते हैं। कोविड से पहले भी छोटी मशीन लगाई थी, लेकिन लॉकडाउन लगने पर कार्य चल नहीं पाया। अब पति के साथ ही वह भी कमाती हैं। दो लोगों की कमाई से परिवार भी काफी ठीक चल जाता है।

रचना मोहन। स्वयं- फोटो : खिलाड़ियों को प्रशस्तिपत्र देते विधायक व डीएम।-

रचना मोहन। स्वयं- फोटो : खिलाड़ियों को प्रशस्तिपत्र देते विधायक व डीएम।-