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Shahjahanpur News: स्टाफ की कमी...रोजाना 25 से 30 कुत्तों की हो रही नसबंदी
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अजीजगंज स्थित एबीसी सेंटर। संवाद
शाहजहांपुर। अजीजगंज में बने एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। इससे कुत्तों की नसबंदी का काम धीमी गति से चल रहा है। हालांकि रोजाना 25 से 30 कुत्तों की नसबंदी हो रही है। पांच महीने में करीब तीन हजार कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है।
दिसंबर 2025 में अजीजगंज में कुत्तों की नसबंदी के लिए एक करोड़ 85 लाख की लागत से एबीसी सेंटर शुरू किया गया था। नगर निगम क्षेत्र में 10 हजार कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य रखा गया। करीब पांच माह में तीन हजार कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है।
एक कुत्ते की नसबंदी करने पर 979 रुपये खर्च आता है। गर्मी के मौसम के चलते कुत्तों के काटने के चलते एआरवी लगवाने पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। रोजाना 30 से 35 लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं। नगर निगम में भी रोजाना कुत्तों को पकड़ने के लिए पांच से छह शिकायत पहुंच रही हैं।
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पहले टीम शिकायत वाले कुत्तों को पकड़ने के लिए जाती है। इसके बाद अलग-अलग क्षेत्रों में भ्रमण करके कुत्तों को पकड़ने का काम चल रह रहा है। एबीसी सेंटर की टेंडर प्रक्रिया के समय तय हुआ था कि कुत्तों पकड़ने के लिए दो टीमों को लगाया जाएगा।
वर्तमान में एबीसी सेंटर में दो डाॅक्टर, दो हेल्पर और चार लोगों की टीम गाड़ी के साथ कुत्तों को पकड़ने के लिए लगाई गई है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि संबंधित एजेंसी से बातचीत चल रही है कि टीम में लोगों की संख्या को बढ़ाया जाए जिससे अधिक से अधिक कुत्तों को पकड़ने का कार्य कराया जा सके।
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दिसंबर 2025 में अजीजगंज में कुत्तों की नसबंदी के लिए एक करोड़ 85 लाख की लागत से एबीसी सेंटर शुरू किया गया था। नगर निगम क्षेत्र में 10 हजार कुत्तों की नसबंदी का लक्ष्य रखा गया। करीब पांच माह में तीन हजार कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है।
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एक कुत्ते की नसबंदी करने पर 979 रुपये खर्च आता है। गर्मी के मौसम के चलते कुत्तों के काटने के चलते एआरवी लगवाने पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। रोजाना 30 से 35 लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं। नगर निगम में भी रोजाना कुत्तों को पकड़ने के लिए पांच से छह शिकायत पहुंच रही हैं।
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पहले टीम शिकायत वाले कुत्तों को पकड़ने के लिए जाती है। इसके बाद अलग-अलग क्षेत्रों में भ्रमण करके कुत्तों को पकड़ने का काम चल रह रहा है। एबीसी सेंटर की टेंडर प्रक्रिया के समय तय हुआ था कि कुत्तों पकड़ने के लिए दो टीमों को लगाया जाएगा।
वर्तमान में एबीसी सेंटर में दो डाॅक्टर, दो हेल्पर और चार लोगों की टीम गाड़ी के साथ कुत्तों को पकड़ने के लिए लगाई गई है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज कुमार मिश्र ने बताया कि संबंधित एजेंसी से बातचीत चल रही है कि टीम में लोगों की संख्या को बढ़ाया जाए जिससे अधिक से अधिक कुत्तों को पकड़ने का कार्य कराया जा सके।