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सर्दी बढ़ने के साथ दर्द देने लगा सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस

Tue, 16 Nov 2021 12:54 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 12:54 AM IST
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spondylitis
डॉ. नमिता सिंह। - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। मौसम बदलते ही अगर गर्दन के आसपास कड़ापन और दर्द महसूस हो रहा हो तो सावधान हो जाइए। यह सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस बीमारी के शुरुआती लक्षण हैं। समय रहते अगर सही दिशा में इलाज के उपाय न किए जाएं तो यह समस्या बढ़ सकती है।
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नियमित व्यायाम न करना, कंप्यूटर या मोबाइल लंबे समय तक गलत पोजीशन में बैठकर काम करने से लोगों में सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या बढ़ी है। यह दिक्कत खासतौर पर सर्दी के मौसम में बढ़ जाती है। इस बीमारी को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है। इसी वजह से एक्सपर्ट शुरुआती लक्षणों को पहचानकर सही इलाज की सलाह देते हैं।
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यह है सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस
गर्दन में स्थित रीढ़ की हड्डियों में लंबे समय तक कड़ापन रहने, उनके जोड़ों में घिसावट होने या उनकी नसों के दबने के कारण बेहद तकलीफ होती है। इस बीमारी को सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस कहा जाता है। दूसरे नाम सर्वाइकल ऑस्टियोऑर्थराइटिस, नेक ऑर्थराइटिस और क्रॉनिक नेक पेन हैं। इसमें गर्दन व कंधों में दर्द तथा जकड़न के साथ-साथ सिर में पीड़ा तथा तनाव बना रहता है।
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सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस के लक्षण
कई बार गर्दन का दर्द हल्के से लेकर ज्यादा हो सकता है। ऐसा अक्सर अधिक बार ऊपर या नीचे देखने के कारण, गाड़ी चलाने, किताबें पढ़ने के कारण, मोबाइल व कंप्यूटर के अधिक प्रयोग करने से, गलत पोस्चर में लेटने या बैठने से हो सकता है। रीढ़ की हड्डी में कोई चोट आने पर या अकस्मात कोई वजन आ जाने पर इसका बढ़ा हुआ भयंकर रूप भी देखने को मिलता हैं।
गर्दन में दर्द और गर्दन में कड़ापन स्थिति को गंभीर करने वाले मुख्य लक्षण हैं। सिर का दर्द, मुख्य रूप से सिर के पीछे का दर्द इसका लक्षण है। गर्दन को हिलाने पर प्राय: गर्दन में पिसने जैसी आवाज का आना। हाथ, भुजा और अंगुलियों में कमजोरियां या सुन्नता। व्यक्ति को हाथ और पैरों में कमजोरी के कारण चलने में समस्या होना और अपना संतुलन खो देना। गर्दन और कंधों पर अकड़न या अंगसंकोच होना। रात में या खड़े होने के बाद या बैठने के बाद, खांसते, छींकते या हंसते समय और कुछ दूर चलने के बाद या जब आप गर्दन को पीछे की तरफ मोड़ते हैं तो दर्द में वृद्धि हो जाना आदि।
फिजियोथैरेपी में उपचार
गर्दन के आसपास दर्द होने पर अमूमन लोग दर्द निवारक गोलियों का इस्तेमाल करते हैं जो थोड़े समय के लिए दर्द से निजात दिला सकती है, लेकिन ज्यादा दवाई लेने से नुकसान हो सकता है। इसके लिए फिजियोथैरेपी बेहतर इलाज है। आधुनिक चिकित्सा में फिजियोथैरेपी से सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस में आराम मिलता है। नियमित एक्सरसाइज व पोस्चर ठीक करने से भी इस बीमारी से निजात मिल सकता है।

यह समस्या पुरुषों के साथ ही महिलाओं में भी बढ़ रही है। गर्दन के आसपास लगातार दर्द बना रहना ठीक नहीं है। समस्या बढ़ने पर शरीर के नर्वस सिस्टम पर भी इसका असर पड़ता है। समय से उचित इलाज मिलने पर समस्या से निजात मिल सकती है।
डॉ. नमिता सिंह, फिजियोथैरेपिस्ट
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