UP News: पत्नी को घुमाने ले जाता था दुकानकार, फंसाने के लिए पति ने रची साजिश, दोस्त से करवाया ये काम
पुवायां कस्बे में सादिक की फुटवियर की दुकान में लावारिस मिले बैग का राज खुल गया है। यह बैग उसे फंसाने के लिए रखा गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर इसका खुलासा किया है।
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शाहजहांपुर के पुवायां में फुटवियर की दुकान में संदिग्ध मादक पदार्थ और तमंचा रखा बैग मिलने के मामले में आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसने बताया कि दुकानदार सादिक उसके दोस्त की पत्नी को घुमाने ले जाता था। इस कारण फंसाने के लिए उसने साजिश रची थी। आठ जनवरी को पुलिस को कॉल कर सूचना दी गई थी कि थाने के सामने सादिक फुटवियर की दुकान में एक बैग रखा है, जिसमें मादक पदार्थ और तमंचा रखा है। आरोप था कि दुकानदार मादक पदार्थ बेचता है। पुलिस ने सीओ के साथ दुकान की तलाशी ली तो सूचना सही निकली।
बैग में एक तमंचा, चार कारतूस, डेढ़ किलो अफीम जैसा पदार्थ और स्मैक जैसे पाउडर की 30 पुड़िया बरामद हुई थीं। सादिक ने बताया था कि एक व्यक्ति जूते खरीदने के बाद एटीएम से रुपये निकालने की बात कहर बैग रख गया है। थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान के अनुसार, पुलिस ने उस नंबर को सर्विलांस पर लगाया था, जिससे कॉल की गई थी। पता चला कि जिसके नाम सिम है, उसने यह खरीदा ही नहीं है। पुलिस ने सिम विक्रेता लखीमपुर के थाना फरधान के गांव सल्लीहा निवासी रबीउल्ला को पकड़कर चालान कर दिया था।
25 जनवरी को पकड़ा गया आरोपी
उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने लखीमपुर के कस्बा गोला के मोहल्ला पूर्वी दीक्षिताना के मोहम्मद सईद को 25 जनवरी को मोहम्मदी के बरघैया चौराहे से पकड़ लिया। सईद ने बताया कि गोला क्षेत्र के एक ग्राम प्रधान के भाई ने उसे पुताई का ठेका दिलाया था। प्रधान के भाई से उसकी दोस्ती हो गई थी। दोस्त ने कहा कि उसकी पत्नी को पुवायां का सादिक अपने साथ लखनऊ आदि जगहों पर घुमाने ले जाता है।
उसने सादिक को फंसाने की योजना बनाई और दूसरे के नाम का सिम लेकर तमंचा, करतूस सहित अन्य सामान सादिक की दुकान में रखकर पुलिस और मीडिया को फोन कर दिया। कॉल करने के बाद उसने सिम और मोबाइल को तोड़कर पुवायां में ही नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने सईद का चालान कर दिया, कोर्ट से उसे जेल भेज दिया गया है।
सिम विक्रेता और आरोपी के बयानों में विरोधाभास
बैग रखने के आरोपी और उसे दूसरे के नाम का सिम बेचने वाले के बयानों में विरोधाभास है। सिम विक्रेता रबीउल्ला ने बताया था कि सिम उसने एक प्रधान के भाई को बेचा था। पुलिस ने इसका प्रेस नोट भी जारी किया था। उधर, सईद खुद रबीउल्ला से सिम खरीदने की बात कह रहा है। चर्चा है कि प्रधान के भाई को बचाने के लिए सईद को मोहरा तो नहीं बनाया गया है। थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।