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पुवायां की शैफाली ने पहले प्रयास में पास की नीट पीजी परीक्षा
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शैफाली को मिठाई खिलाती मां शालिनी गुप्ता
- फोटो : POWAYAN
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पुवायां (शाहजहांपुर)। शैफाली गुप्ता ने पहले ही प्रयास में नीट पीजी परीक्षा पास कर परिवार का गौरव बढ़ाया है। परिवार के लोग शैफाली की सफलता से काफी खुश हैं।
पुवायां के निगोही रोड निवासी शैफाली के पिता संजय कुमार गुप्ता और शालिनी गुप्ता की पुत्री हैं। संजय गुप्ता बैंक में शाखा प्रबंधक थे। कुछ वर्ष पूर्व उनका स्वर्गवास हो गया था। शालिनी गुप्ता पुवायां के जीजीआई में शिक्षक हैं। शैफाली की प्रारंभिक शिक्षा पुवायां में हुई। इसके बाद उन्होंने एम्स रायपुर से इसी वर्ष एमबीबीएस किया है। उन्होंने 21 मई को नीट पीजी की परीक्षा दी थी। एक जून को परिणाम घोषित किया गया, जिसमें शैफाली को 156वीं रैंक मिली है।
शैफाली की बड़ी बहन बीएचयू में प्रवक्ता हैं। उनका छोटे भाई शिवम गुप्ता पुवायां में ही मेडिकल स्टोर चलाते हैं। शेफाली अपनी सफलता का श्रेय पिता, मां और गुरुजनों को देती हैं। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस करने के दौरान उन्होंने नीट पीजी के लिए कड़ी मेहनत की। लगातार पढ़ाई की और नोट्स तैयार किए। विषय को ध्यान से समझा और प्रैक्टिकल पर फोकस किया। शैफाली ने कहा कि मेहनत और लगन से कोई भी स्थान हासिल किया जा सकता है।
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पुवायां के निगोही रोड निवासी शैफाली के पिता संजय कुमार गुप्ता और शालिनी गुप्ता की पुत्री हैं। संजय गुप्ता बैंक में शाखा प्रबंधक थे। कुछ वर्ष पूर्व उनका स्वर्गवास हो गया था। शालिनी गुप्ता पुवायां के जीजीआई में शिक्षक हैं। शैफाली की प्रारंभिक शिक्षा पुवायां में हुई। इसके बाद उन्होंने एम्स रायपुर से इसी वर्ष एमबीबीएस किया है। उन्होंने 21 मई को नीट पीजी की परीक्षा दी थी। एक जून को परिणाम घोषित किया गया, जिसमें शैफाली को 156वीं रैंक मिली है।
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शैफाली की बड़ी बहन बीएचयू में प्रवक्ता हैं। उनका छोटे भाई शिवम गुप्ता पुवायां में ही मेडिकल स्टोर चलाते हैं। शेफाली अपनी सफलता का श्रेय पिता, मां और गुरुजनों को देती हैं। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस करने के दौरान उन्होंने नीट पीजी के लिए कड़ी मेहनत की। लगातार पढ़ाई की और नोट्स तैयार किए। विषय को ध्यान से समझा और प्रैक्टिकल पर फोकस किया। शैफाली ने कहा कि मेहनत और लगन से कोई भी स्थान हासिल किया जा सकता है।
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