फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Shahjahanpur NRI Murder case Ramandeep Kaur death sentence based on her son testimony

NRI Murder Case: बेटे की गवाही से मां को हुई फांसी की सजा, रमनदीप कौर ने चाकू से काटा था पति का गला

Sat, 07 Oct 2023 03:51 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: मुकेश कुमार Updated Sat, 07 Oct 2023 03:51 PM IST
सार

सुखजीत सिंह के बेटे अर्जुन सिंह ने गवाही में बताया कि आहट सुनकर उसकी आंख खुली तो देखा कि उसकी मम्मी रमनदीप कौर पापा  के सीने पर बैठी थी और तकिए से पापा का मुंह दबाए थी। मिट्ठू से चाकू लेकर रमनदीप ने उनका गला काट दिया था। 

विज्ञापन
Shahjahanpur NRI Murder case Ramandeep Kaur death sentence based on her son testimony
पत्नी और दोस्त मिट्ठू के साथ सुखजीत सिंह (बाएं) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में सात साल पहले हुई एनआरआई सुखजीत सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने शनिवार को फैसला सुनाया। अदालत ने सुखजीत की पत्नी रमनदीप कौर को फांसी की सजा सुनाई है। हत्या में शामिल उसके प्रेमी मिट्ठू को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। रमनदीप ने एक सितंबर 2016 को अपने प्रेमी मिट्ठू के साथ मिलकर पति सुखजीत सिंह की हत्या कर दी थी। 

विज्ञापन


सुखजीत हत्याकांड में वैसे तो 16 गवाह पेश किए गए थे, लेकिन घटना के चश्मदीद सुखजीत सिंह और रमनदीप कौर के पुत्र अर्जुन सिंह की गवाही महत्वपूर्ण रही। घटना की रात अर्जुन सिंह भी उसी कमरे में था, जिसमें सुखजीत सिंह सोए थे। अर्जुन सिंह ने गवाही में बताया कि आहट सुनकर उसकी आंख खुली तो देखा कि उसकी मम्मी रमनदीप कौर पापा सुखजीत के सीने पर बैठी थी और तकिए से पापा का मुंह दबाए थी। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- UP News: शाहजहांपुर में एनआरआई पति की हत्या करने वाली पत्नी को फांसी की सजा, प्रेमी को उम्रकैद
विज्ञापन
विज्ञापन


मिट्ठू ने हथौड़े से दो बार पापा के सिर पर प्रहार किए थे। इस बीच रमनदीप कौर ने मिट्ठू से कहा कि इसे फिनिश कर दो। मिट्ठू ने चाकू रमनदीप कौर को दिया। रमनदीप ने सुखजीत की गर्दन को चाकू से काट दिया। डर के कारण वह चादर के अंदर छिप गया और बिना हिले-डुले पड़ा रहा। 

बयानों में अर्जुन ने यह भी कहा था पापा कि हत्या में शामिल मां अब उसके लिए मां न होकर केवल रमनदीप कौर है। घटना के समय अर्जुन सिंह की आयु दस वर्ष थी। इस समय 17 वर्षीय अर्जुन और उनका छोटा भाई 14 वर्षीय एमन इंग्लैंड में अपनी बुआ के पास रहकर पढ़ रहे हैं। 

यह था घटनाक्रम 

बंडा के बसंतापुर के मूल निवासी सुखजीत सिंह इंग्लैंड के डर्बिशायर में रहते थे। उनकी पंजाब के कपूरथला की तहसील सुल्तानपुर लोधी के गांव जैनपुर के मूल निवासी मिट्ठू सिंह से दोस्ती थी। वह दुबई में रहता था। दुबई और इग्लैंड आने-जाने के दौरान दोनों में दोस्ती हो गई थी। मिट्ठू सुखजीत के घर आने-जाने लगा। 

इस दौरान मिट्ठू और सुखजीत की पत्नी रमनदीप कौर में प्रेम प्रसंग हो गया। 28 जुलाई, 2016 को सुखजीत पत्नी, बच्चों और अपने दोस्त मिट्ठू के साथ भारत आए थे। देश में कई जगह घूमने के बाद वह 15 अगस्त को फार्म हाउस पर बसंतापुर पहुंचे। एक सितंबर की रात रमनदीप और मिट्ठू ने उनकी हत्या कर दी थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed