शाहजहांपुर: चार अधिकारियों पर 12 साल बाद भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज, सींचपाल पद पर परिजन व करीबियों की कर ली थी नियुक्ति
आरोप है कि चयन समिति ने कुछ उम्मीदवारों से छह लाख रुपये रिश्वत लेकर भाई-भतीजे और रिश्तेदारों की नियुक्ति कर ली। पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बावजूद 16 सितंबर 2010 को चयन सूची जारी कर दी गई।
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शारदा नहर खंड शाहजहांपुर में वर्ष 2010-11 में सींचपाल व चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्तियों में धांधली हुई थी। इसकी जांच सीबीसीआईडी ने की। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद शासन के निर्देश पर थाना सदर बाजार पुलिस ने तत्कालीन अधिशासी अभियंता व चयन समिति के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह समेत चार अधिकारियों पर भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि उस समय कार्यरत रहे अधिकारियों ने अपने रिश्तेदारों का चयन कर लिया, जबकि आवेदकों को मायूस होना पड़ा था।
जलालाबाद थाना क्षेत्र के गांव लखनपुर निवासी रामकैलाश यादव ने 2012 में पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे शिवपाल सिंह यादव को शिकायती पत्र भेजा था। आरोप लगाया था कि उनके पुत्र संतोष यादव ने समूह-ग के तहत सींचपाल पद के लिए शारदा नहर खंड में आवेदन किया था। साक्षात्कार में सभी प्रश्नों का उत्तर सही दिया। अच्छे अंक आने के बाद भी बेटे का चयन नहीं हुआ।
आरोप है कि चयन समिति ने कुछ उम्मीदवारों से छह लाख रुपये रिश्वत लेकर भाई-भतीजे और रिश्तेदारों की नियुक्ति कर ली। पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बावजूद 16 सितंबर 2010 को चयन सूची जारी कर दी गई। शिकायत के बाद पीडब्ल्यूडी मंत्री रहे शिवपाल सिंह यादव ने जांच के आदेश दिए थे। सीबीसीआईडी की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी थी।
शासन के निर्देश के बाद शारदा नहर खंड के तत्कालीन एक्सईएन बिजेंद्र पाल सिंह, ग्राम परा दातागंज (बदायूं) निवासी तत्कालीन सहायक अभियंता उदयवीर सिंह, तत्कालीन उप राजस्व अधिकारी शाकिर अली, तत्कालीन अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय जल प्रबंध योजना जगदीश नारायण शर्मा पर 12 साल के बाद थाना सदर बाजार में मुकदमा दर्ज किया गया। एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि मामला काफी पुराना है, सीबीसीआईडी की रिपोर्ट के बाद शासन के निर्देश पर मुकदमा दर्ज किया गया है।