शाहजहांपुर हादसा: खून से लथपथ अपनों को देखकर बैठा दिल, अफसरों के आगे हाथ जोड़े, गुहार लगाई
हादसे की सूचना के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में ट्रामा सेंटर व इमरजेंसी को खाली करा दिया गया था। एसपी सिटी, सीओ सिटी समेत भारी पुलिस बल ने मोर्चा संभाला। परिवार के सदस्यों को परिजन अस्पताल पहुंचे तो घायलों को देख बिलख पड़े।
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शाहजहांपुर में तिलहर-निगोही मार्ग पर बिरसिंहपुर गांव के पास शनिवार को रेलिंग तोड़कर नदी में गिरे ट्रैक्टर-ट्रॉली के नीचे दबकर 13 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। 28 श्रद्धालु गंभीर घायल हो गए थे। सीएचसी पर प्राथमिक उपचार के बाद सभी को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। अपनों को तलाश करते हुए परिजन अस्पताल पहुंचे तो खून से लथपथ बच्चों व बुजुर्गों को देखकर उनका दिल बैठ गया। उपचार के लिए अफसरों के हाथ जोड़े और गुहार लगाई। महिलाएं भी बिलख पड़ीं। उन्हें महिला पुलिसकर्मियों ने संभाला।
शनिवार का हादसे की सूचना के बाद राजकीय मेडिकल कॉलेज में व्यवस्थाओं को दुरस्त करा दिया गया। आनन-फानन ट्रामा सेंटर और इमरजेंसी के मरीजों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट कर दिया गया। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने डॉक्टरों और अतिरिक्त स्टाफ को बुला लिया। मरीजों के लिए गेट पर ही स्ट्रेचर को खड़ा करा दिया गया था। जाम या अतिक्रमण से एंबुलेंस को बचाने के लिए पुलिस ने अस्पताल के गेट से ई-रिक्शे व ठेले वालों को भगाकर सिपाही तैनात करा दी।
घायलों को देख बिलख पड़े परिजन
दोपहर करीब 3.45 बजे से एंबुलेंस से मरीजों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। खून से लथपथ और दर्द से कराहते हुए घायलों को उतारकर ट्रामा सेंटर में उपचार के लिए भेजा गयाा। इसके बाद घायलों के गांव के लोगों के आने का सिलसिला शुरू हुआ। घायलों को देखकर परिजन बिलख पड़े।
पुलिस के सख्त पहरे को भेदकर अंदर प्रवेश किया। अपनों को तलाश करते हुए एक बेड से दूसरे बेड पर गए। उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे। बेड पर अपनों को पाकर उनका दिल बैठ गया। उपचार के लिए अफसरों के हाथ जोड़े, उनसे गुहार लगाई। अफसरों ने उन्हें संभाला। ग्रामीणों ने कंपकपाते हुए हाथों से फोन मिलाकर अपने घर पर जानकारी दी।
भतीजी के लिए खरीदी थी साइकिल
हादसे में घायल श्रवण की 20 वर्षीय बेटी नेहा को देखकर चाचा राजू बिलख पड़े। उनकी आंखों से आंसू निकलने लगे। आंसू को पोंछते हुए बोले कि तीन दिन पहले ही भतीजी को स्कूल जाने के लिए साइकिल खरीदकर दी थी। ट्रैक्टर के ड्राइवर की एक गलती ने गांव के लोगों का ऐसा हाल कर दिया।
मेरी बेटी का अच्छा इलाज करा दो
राजकीय मेडिकल कॉलेज में आई महिलाओं में कई के बच्चे जख्मी हुए हैं। सभी भगवान से प्रार्थना करने के साथ ही अफसरों से बेहतर उपचार कराने की गुहार लगा रहे थे। वे कह रहे थे कि बेटी का बेहतर से उपचार करा दो। महिला पुलिस ने उन्हें पानी पिलाया और बेहतर उपचार होने की बात कहते हुए चुप कराया।