{"_id":"67c35c22557a815d1c0c8e1a","slug":"scam-team-scanning-three-years-worth-of-datamany-people-will-be-in-trouble-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-138712-2025-03-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"घोटाला : तीन साल का डाटा खंगाल रही टीम... फंसेगी कई लोगों की गर्दन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घोटाला : तीन साल का डाटा खंगाल रही टीम... फंसेगी कई लोगों की गर्दन
Sun, 02 Mar 2025 12:42 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 02 Mar 2025 12:42 AM IST
विज्ञापन
शाहजहांपुर। स्वास्थ्य विभाग में चश्मा वितरण समेत अन्य उपकरणों की खरीद-फरोख्त में हुए खेल की जांच शुरू कर दी गई है। सरकारी बजट को खपाने के बाद भी जरूरतमंदों तक चीजें नहीं पहुंचाने वाले कई लोगों की गर्दन फंस सकती है।
सीडीओ द्वारा गठित टीम तीन साल की पत्रावली की बिंदुवार जांच कर रही है। 11 नवंबर, 2024 को सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह ने प्रसव केंद्रों का निरीक्षण किया था। इनमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई थी। ये कागजों पर संचालित हो रहे थे। उसके बाद ही प्रशासन की निगाह स्वास्थ्य विभाग पर तिरछी हो गई थी।
तत्कालीन सीएमओ के जनवरी में सेवानिवृत्त होने के बाद गड़बड़ी की परतें खुलनी शुरू हो गईं। पीएचसी-सीएचसी को उपलब्ध होने वाला सामान स्टोर में रखे मिले। चश्मा वितरण भी कागजों पर करने का आरोप है। सीडीओ की जांच में सामने आया कि दो हजार स्कूली बच्चों व दो हजार वृद्धजनों को चश्मे वितरित करने में धांधली की गई है। इसके बाद डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने जांच कमेटी के लिए गठित कर दिया। कमेटी तीन साल के अभिलेख को खंगालेगी, जिससे गड़बड़ी सामने आ सके।
विज्ञापन
-- -- -- -- -
अभिलेखों को जुटाने में लगे अधिकारी-कर्मचारी
-जांच कमेटी गठित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी सतर्क हो गए। पुरानी और नई खरीद का बिल वाउचर व वितरण को लेखा-जोखा भी तलाश किया जा रहा है, जिससे कमेटी के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि वे जांच कमेटी का सामना करने को तैयार हैं। वितरण का लेखा-जोखा भी उनके पास मौजूद है।
-- -- -- -
तीन साल के लेखा-जोखा की जांच होनी है। नियम के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
-डॉ. अपराजिता सिंह, सीडीओ
विज्ञापन
सीडीओ द्वारा गठित टीम तीन साल की पत्रावली की बिंदुवार जांच कर रही है। 11 नवंबर, 2024 को सीडीओ डॉ. अपराजिता सिंह ने प्रसव केंद्रों का निरीक्षण किया था। इनमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई थी। ये कागजों पर संचालित हो रहे थे। उसके बाद ही प्रशासन की निगाह स्वास्थ्य विभाग पर तिरछी हो गई थी।
विज्ञापन
तत्कालीन सीएमओ के जनवरी में सेवानिवृत्त होने के बाद गड़बड़ी की परतें खुलनी शुरू हो गईं। पीएचसी-सीएचसी को उपलब्ध होने वाला सामान स्टोर में रखे मिले। चश्मा वितरण भी कागजों पर करने का आरोप है। सीडीओ की जांच में सामने आया कि दो हजार स्कूली बच्चों व दो हजार वृद्धजनों को चश्मे वितरित करने में धांधली की गई है। इसके बाद डीएम के निर्देश पर सीडीओ ने जांच कमेटी के लिए गठित कर दिया। कमेटी तीन साल के अभिलेख को खंगालेगी, जिससे गड़बड़ी सामने आ सके।
विज्ञापन
अभिलेखों को जुटाने में लगे अधिकारी-कर्मचारी
-जांच कमेटी गठित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी सतर्क हो गए। पुरानी और नई खरीद का बिल वाउचर व वितरण को लेखा-जोखा भी तलाश किया जा रहा है, जिससे कमेटी के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि वे जांच कमेटी का सामना करने को तैयार हैं। वितरण का लेखा-जोखा भी उनके पास मौजूद है।
तीन साल के लेखा-जोखा की जांच होनी है। नियम के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जाएगी। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
-डॉ. अपराजिता सिंह, सीडीओ