प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: इस जिले के 56 हजार किसानों की नहीं हुई केवाईसी, अटक सकती है 16वीं किस्त
जिन किसानों की केवाईसी नहीं हुई है, वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभ से वंचित हो जाएंगे। शाहजहांपुर जिले में ऐसे किसानों की संख्या 56 हजार है, जिनकी अब तक केवाईसी नहीं हुई है।
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शाहजहांपुर जिले के करीब 56 हजार किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कृषि विभाग के मुताबिक इन किसानों की केवाईसी नहीं हुई है। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जबकि, किसानों का कहना है कि केवाईसी कराने के बाद भी उनके खातों में 15वीं किस्त नहीं आई थी। अब 16वीं किस्त से भी वह वंचित हो जाएंगे।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को प्रति वर्ष तीन किस्तों में 6,000 रुपये देने की घोषणा केंद्र सरकार ने वर्ष 2019 में की थी। इसमें प्रत्येक चार माह में किसान के खाते में 2,000 रुपये खातों में भेजे जाते हैं। जिले में वर्तमान में 4,47,153 किसान कृषि विभाग में पंजीकृत हैं। इनमें 3,82,574 किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है।
कृषि विभाग के मुताबिक 8,206 नए आवेदन भी आ चुके हैं। इनका विभाग की ओर से सत्यापन किया जा रहा है। अभी तक सरकार की ओर से किसानों को सम्मान निधि की 15 किस्त दी जा चुकी हैं। 16वीं किस्त जल्द ही आने की उम्मीद है। नए आवेदनों को हटा दें तो अब तक 56,373 किसानों को सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पाया है।
केवाईसी के अभाव में नहीं मिल पा रही निधि
कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की केवाईसी नहीं हो पाई। इस वजह से किसानों को निधि नहीं मिल पा रही। इसके लिए विभाग की टीमों को ब्लॉक स्तर पर लगाया गया है। ये टीमें किसानों का सत्यापन कर खातों की केवाईसी कर रही हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रयास किए जा रहे हैं कि पात्रों को जल्द किसान सम्मान निधि का लाभ दिलाया जाएगा।
किसानों ने ये कहा
मरुआझाला की किसान सुमन शर्मा ने बताया कि उनके नाम तीन बीघा खेत है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए कई बार आवेदन किए। ब्लॉक के चक्कर लगाए, लेकिन अभी तक किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पाया।
बझेड़ा भगवानपुर के किसान रमेश गुप्ता ने कहा कि उनके नाम चार बीघा खेत है। किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन कर चुके हैं। पोर्टल में भी नाम दिखाई दे रहा है, लेकिन अभी तक सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पाया है।
मधवामई की किसान राजेश्वरी देवी ने कहा कि पहले प्रधानमंत्री सम्मान निधि मिलती रही, लेकिन दो वर्षों से अचानक बंद हो गई। केवाईसी भी कराई थी। ब्लॉक से लेकर तहसील के चक्कर लगाए, लेकिन सम्मान निधि फिर से शुरू नहीं हो पाई।
निगोही के सईद खां ने कहा कि शुरू की तीन किस्त मिली थीं, उसके बाद सम्मान निधि आना बंद हो गई। ब्लॉक से पता किया तो आधार नंबर गलत बताया था। केवाईसी करा ली है। बावजूद किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पा रहा।
उप कृषि निदेशक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं कि सभी किसानों को किसान सम्मान निधि का लाभ मिले। इसके लिए विभाग के साथ राजस्व विभाग की टीम को भी लगाया गया है। किसानों की केवाईसी कराई जा रही है।