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रोजा चीनी मिल में गन्ना पेराई बंद
रोजा, शाहजहांपुर
Updated Thu, 12 Mar 2015 12:42 AM IST
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गन्ना किसानों का भुगतान न किए जाने की वजह से किसानों ने अपना गन्ना क्रेशर और कोल्हू पर बेच दिया। इससे रोजा चीनी मिल टारगेट से कम गन्ना पेराई करने से पहले ही बंद हो गई। वहीं अन्य चीनी मिलें भी इस माह के अंत से पहले बंद हो जाएंगीं।
गन्ना किसानों का भुगतान करने में रोजा चीनी मिल प्रशासन ने काफी लापरवाही बरती थी। इससे मजबूर होकर किसानों ने अपना गन्ना सस्ते दामों में कोल्हू और क्रेशर पर बेच दिया। इस पेराई सत्र में मिल को करीब 44 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करनी थी, लेकिन अब तक मिल 39 क्विंटल से भी कम गन्ना पेर सकी है। इससे किसानों के साथ ही मिल प्रशासन को भी झटका लगा है।
बीते पेराई सत्र में दो करोड़ पांच लाख 93 हजार क्विंटल गन्ना पेरा था। इस बार अब तक एक करोड़ 87 लाख 96 हजार क्विंटल गन्ना पेरा जा सका है। बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष करीब 18 लाख क्विंटल गन्ना कम पेरा गया है। अब देखने वाली बात यह है कि निर्धारित अब यह बाकी गन्ने की पेराई हो पाती है या नहीं।
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निगोही चीनी मिल ने सबसे अधिक करीब 61 लाख क्विंटल गन्ना पेराई की है। इसके बाद मकसूदापुर चीनी मिल ने 52 लाख क्विंटल, तिलहर मिल ने 20 और पुवायां मिल ने करीब 15 लाख क्विंटल गन्ना पेराई की है।
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गन्ना किसानों का भुगतान करने में रोजा चीनी मिल प्रशासन ने काफी लापरवाही बरती थी। इससे मजबूर होकर किसानों ने अपना गन्ना सस्ते दामों में कोल्हू और क्रेशर पर बेच दिया। इस पेराई सत्र में मिल को करीब 44 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करनी थी, लेकिन अब तक मिल 39 क्विंटल से भी कम गन्ना पेर सकी है। इससे किसानों के साथ ही मिल प्रशासन को भी झटका लगा है।
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बीते पेराई सत्र में दो करोड़ पांच लाख 93 हजार क्विंटल गन्ना पेरा था। इस बार अब तक एक करोड़ 87 लाख 96 हजार क्विंटल गन्ना पेरा जा सका है। बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष करीब 18 लाख क्विंटल गन्ना कम पेरा गया है। अब देखने वाली बात यह है कि निर्धारित अब यह बाकी गन्ने की पेराई हो पाती है या नहीं।
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निगोही चीनी मिल ने सबसे अधिक करीब 61 लाख क्विंटल गन्ना पेराई की है। इसके बाद मकसूदापुर चीनी मिल ने 52 लाख क्विंटल, तिलहर मिल ने 20 और पुवायां मिल ने करीब 15 लाख क्विंटल गन्ना पेराई की है।