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सड़क सुरक्षा सप्ताह : कागजों में चलाया अभियान.... सड़क पर धड़ाम
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गन्ने से भरी ओवरलोड ट्राली
- फोटो : POWAYAN
पुवायां। सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत धरातल पर भी कुछ किया जाए तो इसके नतीजे बेहतरीन हो सकते हैं, लेकिन क्षमता से दुगनी सवारियां बैठाकर सड़कों पर खुलेआम दौड़ रहे मैजिक, टेंपो, भूसी और गन्ने से भरे ओवरलोड और ओवरहाइट ट्रक, नियमों को ताक पर रखकर चल रही डबल डेकर बसों के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर खानापूरी ही की जा रही है।
ऐसे में सड़क सुरक्षा और सड़क सुरक्षा सप्ताह के दावे हवा-हवाई ही कहे जाएंगे। कागजी दावों के कारण ही मिर्जापुर क्षेत्र में ओवरलोड गन्ना ट्रक पलटने से दो महिलाओं की मौत भी हो गई है, लेकिन इसके बाद भी गन्ने से भरे ट्रक खुलेआम चल रहे हैं।
पुवायां, खुटार, बंडा में लगे विभिन्न चीनी मिलों के सेंटरों से गन्ना मिलों को ले जाया जाता है। किसान सहकारी चीनी मिल पुवायां के पास सेंटर नहीं हैं। यहां किसान ट्रैटर ट्राली से मिल गेट पर गन्ना लेकर आते हैं। इन ट्रैक्टर ट्रॉलियों में गन्ने को बेड़ा भर दिया जाता है, जिससे गन्ना ट्राली से काफी बाहर निकल जाता है और अक्सर हादसे हो जाते हैं। मकसूदापुर और गोला की बजाज चीनी मिल और निगोही की डालमिया चीनी मिल को ट्रकों से गन्ना जाता है। यह ट्रक ओवरहाइट और ओवरलोड होने के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।
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भूसी भरकर खुटार से पुवायां मार्ग पर जा रहे इन ट्रकों पर किसी भी पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और एआरटी ओ की नजर नहीं पड़ती है। भूसी भरे ट्रकों के चालक रोड पर चलने वाले बाइक सवार आदि को बजाने की अपेक्षा पेड़ की टहनियों को ज्यादा बचाते हैं कि कहीं टहनी से भूसी के ऊपर का तरपाल न फट जाए। कुछ वर्ष पूर्व खुटार में पूरनपुर मार्ग पर भूसी से भरा एक ट्रक स्कूल के ऊपर ही पलट गया था, जिससे संध्या और स्वीटी दो छात्राओं की मौत हो गई थी, लेकिन हर चौराहे पर खिड़की से बाहर आता ट्रक हेल्पर का हाथ पुलिसकर्मियों के हाथ से मिलने के बाद इनको आराम से जाने दिया जाता है।
बिना व्यवसायिक पंजीकरण के ट्रैक्टर ट्रॉली से सेंटरों से चीनी मिलों को ढोए जाने वाले गन्ने के बारे में एआरटीओ से लेकर पुलिस और प्रशासन किसको जानकारी नहीं है, लेकिन कभी इनके खिलाफ कार्रवाई की गई हो यह एआरटीओ को भी नहीं याद होगा। खुटार से बंडा मार्ग पर ट्रक से अधिक गन्ना लेकर जा रहा एक ट्रैक्टर ट्राली एक ठेकेदार का है। ऐसे ट्रैक्टर ट्राली अक्सर हादसे का सबब बनते हैं।
एसडीएम ने चीनी मिल प्रबंधकों को लिखा पत्र
एसडीएम सुशांत श्रीवास्तव ने किसान सहकारी चीनी मिल पुवायां, बजाज चीनी मिल मकसूदापुर, डालमियां चीनी मिल गिरगिचा के प्रबंधकों को पत्र लिखकर मिल के ठेकेदारों से गन्ना की ओवरलोडिंग से बाज आने को कहा है। पत्र में कहा है कि चीनी मिलों से संबद्ध गन्ना केंद्रों से ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर ट्रॉली संचालित हो रहे हैं। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। आठ दिसंबर को मिर्जापुर क्षेत्र में गन्ने से भरा ट्रक पलटने से दो महिलाओं की मौत हो गई है। एसडीएम ने कहा कि प्रबंधक अपने मिल के ठेकेदारों को निर्देशित कर दें कि गन्ने की ओवरलोडिंग से बाज आएं, अन्यथा स्थित में जन सामान्य की सुरक्षा को देखते हुए एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
भूसे से भरी पिकअप का किया पुलिस ने चालान
पुवायां। खुटार की ओर से शाहजहांपुर जा रही दो पिकअप को पुलिस ने राजीव चौक पर रोक कर चालान कर दिया। दोनों पिकअप में काफी ऊंचाई तक और दोनो तरफ बाहर तक तरपाल लगाकर भूसा भरा हुआ था। ऐसे में पिकअप कभी भी अनियंत्रित हो सकती हैं और हादसा हो सकता है। संवाद
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ऐसे में सड़क सुरक्षा और सड़क सुरक्षा सप्ताह के दावे हवा-हवाई ही कहे जाएंगे। कागजी दावों के कारण ही मिर्जापुर क्षेत्र में ओवरलोड गन्ना ट्रक पलटने से दो महिलाओं की मौत भी हो गई है, लेकिन इसके बाद भी गन्ने से भरे ट्रक खुलेआम चल रहे हैं।
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पुवायां, खुटार, बंडा में लगे विभिन्न चीनी मिलों के सेंटरों से गन्ना मिलों को ले जाया जाता है। किसान सहकारी चीनी मिल पुवायां के पास सेंटर नहीं हैं। यहां किसान ट्रैटर ट्राली से मिल गेट पर गन्ना लेकर आते हैं। इन ट्रैक्टर ट्रॉलियों में गन्ने को बेड़ा भर दिया जाता है, जिससे गन्ना ट्राली से काफी बाहर निकल जाता है और अक्सर हादसे हो जाते हैं। मकसूदापुर और गोला की बजाज चीनी मिल और निगोही की डालमिया चीनी मिल को ट्रकों से गन्ना जाता है। यह ट्रक ओवरहाइट और ओवरलोड होने के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।
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भूसी भरकर खुटार से पुवायां मार्ग पर जा रहे इन ट्रकों पर किसी भी पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और एआरटी ओ की नजर नहीं पड़ती है। भूसी भरे ट्रकों के चालक रोड पर चलने वाले बाइक सवार आदि को बजाने की अपेक्षा पेड़ की टहनियों को ज्यादा बचाते हैं कि कहीं टहनी से भूसी के ऊपर का तरपाल न फट जाए। कुछ वर्ष पूर्व खुटार में पूरनपुर मार्ग पर भूसी से भरा एक ट्रक स्कूल के ऊपर ही पलट गया था, जिससे संध्या और स्वीटी दो छात्राओं की मौत हो गई थी, लेकिन हर चौराहे पर खिड़की से बाहर आता ट्रक हेल्पर का हाथ पुलिसकर्मियों के हाथ से मिलने के बाद इनको आराम से जाने दिया जाता है।
बिना व्यवसायिक पंजीकरण के ट्रैक्टर ट्रॉली से सेंटरों से चीनी मिलों को ढोए जाने वाले गन्ने के बारे में एआरटीओ से लेकर पुलिस और प्रशासन किसको जानकारी नहीं है, लेकिन कभी इनके खिलाफ कार्रवाई की गई हो यह एआरटीओ को भी नहीं याद होगा। खुटार से बंडा मार्ग पर ट्रक से अधिक गन्ना लेकर जा रहा एक ट्रैक्टर ट्राली एक ठेकेदार का है। ऐसे ट्रैक्टर ट्राली अक्सर हादसे का सबब बनते हैं।
एसडीएम ने चीनी मिल प्रबंधकों को लिखा पत्र
एसडीएम सुशांत श्रीवास्तव ने किसान सहकारी चीनी मिल पुवायां, बजाज चीनी मिल मकसूदापुर, डालमियां चीनी मिल गिरगिचा के प्रबंधकों को पत्र लिखकर मिल के ठेकेदारों से गन्ना की ओवरलोडिंग से बाज आने को कहा है। पत्र में कहा है कि चीनी मिलों से संबद्ध गन्ना केंद्रों से ओवरलोड ट्रक और ट्रैक्टर ट्रॉली संचालित हो रहे हैं। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। आठ दिसंबर को मिर्जापुर क्षेत्र में गन्ने से भरा ट्रक पलटने से दो महिलाओं की मौत हो गई है। एसडीएम ने कहा कि प्रबंधक अपने मिल के ठेकेदारों को निर्देशित कर दें कि गन्ने की ओवरलोडिंग से बाज आएं, अन्यथा स्थित में जन सामान्य की सुरक्षा को देखते हुए एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
भूसे से भरी पिकअप का किया पुलिस ने चालान
पुवायां। खुटार की ओर से शाहजहांपुर जा रही दो पिकअप को पुलिस ने राजीव चौक पर रोक कर चालान कर दिया। दोनों पिकअप में काफी ऊंचाई तक और दोनो तरफ बाहर तक तरपाल लगाकर भूसा भरा हुआ था। ऐसे में पिकअप कभी भी अनियंत्रित हो सकती हैं और हादसा हो सकता है। संवाद

पुवायां क्षेत्र में भूसी भरा ओवरलोड और ओवरहाइट ट्रक- फोटो : POWAYAN

बंडा में मकसूदापुर जा रहे गन्ने से भरा ओवरलोड ट्रक- फोटो : POWAYAN