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Shahjahanpur News: बुजुर्गों की पेंशन हड़पने वाले प्राइवेट कर्मचारियों पर दर्ज होगी रिपोर्ट

Tue, 06 Jun 2023 01:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jun 2023 01:01 AM IST
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Report will be filed on private employees who grab the pension of the elderly
शाहजहांपुर। समाज कल्याण विभाग में वृद्धावस्था पेंशन घोटाले में अब दोषियों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज हो गई है। मामले में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार पहले ही जांच रिपोर्ट में दोषी सिद्ध हो चुके हैं। अब उनका सहयोग करने वाले दोनों प्राइवेट कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। संभावना है कि इसमें तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी का नाम भी शामिल किया जा सकता है।
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समाज कल्याण विभाग में अप्रैल में जब बुजुर्गों की पेंशन उनके खाते में नहीं पहुंची तो उन्होंने समाज कल्याण कार्यालय के चक्कर लगाने शुरू किए। कार्यालय में उनकी समस्या को नहीं सुना गया तो मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में लाया गया। अधिकारियों ने इस मामले में समाज कल्याण विभाग के मुख्यालय संपर्क किया।
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ज्वाइंट डायरेक्टर अरुण कुमार पांडेय की अध्यक्षता में जांच टीम गठित की गई थी। इसमें डायरेक्टर पवन सिंह समेत तीन सदस्यीय टीम ने जांच की तो पेंशन घोटाला सामने आ गया। इसमें सामने आया कि 24 सौ से ज्यादा बुजुर्गों के पेंशन खाते में फेरबदल किया गया था।
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मामले में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार को दोषी मानते हुए उनको निलंबित कर दिया गया था। जांच पूरी होने बाद उनको आरोप पत्र सौंप दिया गया है। अब उनका सहयोग करने वाले सीतापुर निवासी विशाल सक्सेना और सूरज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है। स्थानीय कार्यालय में जांच रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।

केवाईसी की फीडिंग के लिए बुलाए थे दोनों सहयोगी
तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार ने दिसंबर 2021 में शाहजहांपुर कार्यालय में कार्यभार ग्रहण किया था। इससे पहले उनकी सीतापुर में तैनाती थी। अप्रैल 2022 में वृद्धावस्था पेंशन के खातों की केवाईसी शुरू हुई। जब अगस्त में काम ने तेजी पकड़ी तो राजेश कुमार ने सीतापुर से अपने सहयोगी विशाल और सूरज को बुला लिया।
दोनों के हवाले पेंशन की केवाईसी का काम सौंप दिया। ये दोनों कार्यालय के साथ ही समाज कल्याण अधिकारी के आवास पर काम करते थे। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने अपना डोंगल दोनों को सौंप दिया था। दोनों कर्मचारियों ने वृद्धावस्था पेंशन की रकम दूसरे खातों में भेज दी थी।
इसके बाद उन खाताधारकों से संपर्क कर कुछ रकम का लालच देकर अधिकतर जनसेवा केंद्रों से बायोमीट्रिक से अंगूठा लगवाकर रुपये निकलवा लिए। रुपये मिलने की वजह से खाताधारक भी चुप होकर बैठ गए।

जनसेवा केंद्र संचालक और बैंककर्मी भी संदेह के घेरे में
वृद्धावस्था पेंशन दूसरे खातों में ट्रांसफर करने में कुछ बैंककर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध रही है। इसमें कुछ जनसेवा केंद्र संचालक भी शामिल हैं। काम पूरी योजना बनाकर किया गया है। इसमें आगे और भी खुलासे हो सकते हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


जिन प्राइवेट कर्मचारियों का पेंशन घोटाले में सहयोग लिया गया, उन पर विभागीय कार्रवाई तो हो नहीं सकती है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है। - वंदना सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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