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रेलवे स्टेशन वाली मस्जिद से जुलूस-ए-मीलाद कल
शाहजहांपुर
Updated Sat, 03 Jan 2015 12:26 AM IST
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तहरीक दावते इस्लामी के तत्वावधान में 12 रबी उल अव्वल के मुबारक मौके पर चार जनवरी को रेलवे स्टेशन वाली मस्जिद से जुलूस-ए-मीलाद का आयोजन किया जाएगा। जुलूस की तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं।
इस संबंध में दावते इस्लामी के जिला निगरा हाफिज मोहम्मद अनीस अत्तारी ने बताया कि रविवार को सुबह नौ बजे शहर पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी जुलूस-ए-मीलाद को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। समापन मोहल्ला अंटा में कटहल वाली मस्जिद में इज्तिमाई दुआ के साथ संपन्न होगा।
अत्तारी ने लोगों से अपील की है कि वह जुलूस में बा वुजू होकर आएं और सलातो सलाम, सरकार की आमद मरहबा के नारे लगाएं। भड़काऊ और ऐसे नारे बिल्कुल न लगाएं, जिससे किसी की भावनाएं आहत हों। यह मुबारक दिन हंसी-खुशी का है, इसलिए दूसरों का मान-सम्मान बरकरार रखते हुए अपनी खुशी का इजहार करें। जुलूस मुकम्मल होने पर दुआ में शरीक हों और बाद में खामोशी से घरों को वापस जाएं। जुलूस के दौरान लंगर करना सवाब का काम है इसलिए लंगर फेंके नहीं, बल्कि हाथों में ही तकसीम करें। उन्होंने कहा कि रास्ते में मुसाफिरों, बीमारों और अन्य जरूरतमंदों को निकलने में मदद करें, ताकि किसी को परेशानी न उठानी पड़े। इस अवसर पर हाजी मशकूर खां, फहीम अत्तारी, शरीफ अत्तारी, इफ्तिखार अत्तारी, रिजवान अत्तारी आदि मौजूद रहे।
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इस संबंध में दावते इस्लामी के जिला निगरा हाफिज मोहम्मद अनीस अत्तारी ने बताया कि रविवार को सुबह नौ बजे शहर पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी जुलूस-ए-मीलाद को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। समापन मोहल्ला अंटा में कटहल वाली मस्जिद में इज्तिमाई दुआ के साथ संपन्न होगा।
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अत्तारी ने लोगों से अपील की है कि वह जुलूस में बा वुजू होकर आएं और सलातो सलाम, सरकार की आमद मरहबा के नारे लगाएं। भड़काऊ और ऐसे नारे बिल्कुल न लगाएं, जिससे किसी की भावनाएं आहत हों। यह मुबारक दिन हंसी-खुशी का है, इसलिए दूसरों का मान-सम्मान बरकरार रखते हुए अपनी खुशी का इजहार करें। जुलूस मुकम्मल होने पर दुआ में शरीक हों और बाद में खामोशी से घरों को वापस जाएं। जुलूस के दौरान लंगर करना सवाब का काम है इसलिए लंगर फेंके नहीं, बल्कि हाथों में ही तकसीम करें। उन्होंने कहा कि रास्ते में मुसाफिरों, बीमारों और अन्य जरूरतमंदों को निकलने में मदद करें, ताकि किसी को परेशानी न उठानी पड़े। इस अवसर पर हाजी मशकूर खां, फहीम अत्तारी, शरीफ अत्तारी, इफ्तिखार अत्तारी, रिजवान अत्तारी आदि मौजूद रहे।
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