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श्रीकृष्ण-सुदामा चरित्र की लीला के साथ मुमुक्षु कर्तिक मेले का समापन
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मुमुक्षु आश्रम में रासलीला का मंचन करते कलाकारों पर पुष्पवर्षा की गई।
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। मुमुक्षु कार्तिक मेले का मंगलवार को श्रीकृष्ण-सुदामा चरित्र मंचन के साथ समापन हो गया। इसमें वृंदावन के डॉ. देवकीनंदन शर्मा की रास मंडली के कलाकारों ने भावपूर्ण मंचन किया। जिसको देखकर दर्शक भावविभोर हो गए। रासलीला में दिखाया गया कि भगवान श्रीकृष्ण जब संदीपन मुनी के पास शिक्षा ग्रहण करने के लिए गए, तब उनकी मित्रता सुदामा से हो गई। एक बार भगवान कृष्ण व सुदामा वन में लकड़ी लेने गए।
तब गुरु माता के द्वारा दिया गए चने को सुदामा अकेले ही खा जाते है। इसकी जानकारी होने पर संदीपन मुनी उन्हें श्राप दे देते हैं। शिक्षा समाप्त होने के बाद सभी अपने राज्य को वापस चले जाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण द्वरिका के राजा और सुदामा गरीब ब्राह्मण के रूप में किसी तरह से जीवनयापन करते हैं।
पत्नी के बार-बार कहने पर सुदामा अपने मित्र भगवान श्रीकृष्ण से मिलने के लिए द्वरिका जाते हैं, लेकिन द्वारपाल उन्हें रोक लेते हैं और वापस लौटा देते हैं। जब भगवान श्रीकृष्ण को सुदामा के आने की सूचना मिलती है, वह नंगे पांव ही अपने मित्र से मिलने भाग खड़े होते हैं। श्रीकृष्ण व सुदामा के मिलते हैं, उनके चरण धोते और दरिद्रता को दूर करते हैं। इसके साथ ही लीला का समापन हुआ।
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मुख्य अतिथि राजस्व परिषद के अध्यक्ष मुकुल सिंघल व उनकी पत्नी निवेदिता सिंघल ने डीएम इंद्र विक्रम सिंह, नगर आयुक्त संतोष शर्मा के साथ कथा व्यास डॉ. देवकीनंदन शर्मा को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह, एसडीएम कपिल देव यादव, तहसीलदार प्रदीप सिंह, डॉ. अवनीश मिश्रा, डॉ. अनुराग अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, डॉ. आलोक कुमार सिंह मौजूद रहे।
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तब गुरु माता के द्वारा दिया गए चने को सुदामा अकेले ही खा जाते है। इसकी जानकारी होने पर संदीपन मुनी उन्हें श्राप दे देते हैं। शिक्षा समाप्त होने के बाद सभी अपने राज्य को वापस चले जाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण द्वरिका के राजा और सुदामा गरीब ब्राह्मण के रूप में किसी तरह से जीवनयापन करते हैं।
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पत्नी के बार-बार कहने पर सुदामा अपने मित्र भगवान श्रीकृष्ण से मिलने के लिए द्वरिका जाते हैं, लेकिन द्वारपाल उन्हें रोक लेते हैं और वापस लौटा देते हैं। जब भगवान श्रीकृष्ण को सुदामा के आने की सूचना मिलती है, वह नंगे पांव ही अपने मित्र से मिलने भाग खड़े होते हैं। श्रीकृष्ण व सुदामा के मिलते हैं, उनके चरण धोते और दरिद्रता को दूर करते हैं। इसके साथ ही लीला का समापन हुआ।
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मुख्य अतिथि राजस्व परिषद के अध्यक्ष मुकुल सिंघल व उनकी पत्नी निवेदिता सिंघल ने डीएम इंद्र विक्रम सिंह, नगर आयुक्त संतोष शर्मा के साथ कथा व्यास डॉ. देवकीनंदन शर्मा को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह, एसडीएम कपिल देव यादव, तहसीलदार प्रदीप सिंह, डॉ. अवनीश मिश्रा, डॉ. अनुराग अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, डॉ. आलोक कुमार सिंह मौजूद रहे।