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नौनिहालों को कंप्यूटर साक्षर बना रहे एनआरआई राजीव अग्रवाल

Tue, 17 May 2022 12:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 17 May 2022 12:26 AM IST
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Promoting technical education sitting abroad
म्प्यूटर लैब में छात्र-छात्रओं को से बात करते राजीव कुमार अग्रवाल। - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। अमेरिका में बैठकर भी एनआरआई राजीव अग्रवाल देश की माटी का कर्ज नहीं भूले। बच्चों की शिक्षा के लिए सराहनीय काम कर रहे हैं। कंप्यूटर साक्षर बनाने के लिए अब तक कई लैब स्थापित कर चुके हैं। इतना ही नहीं, अंग्रेजी, गणित और विज्ञान की ऑनलाइन कोचिंग के माध्यम से हजारों बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार कर रहे हैं।
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गांधी कॉलोनी निवासी पूर्व प्रधानाचार्य दया अग्रवाल व राजेंद्र अग्रवाल के बेटे राजीव वर्षों पहले रोजगार के सिलसिले में अमेरिका चले गए थे। वहां एमएक्यू सॉफ्टवेयर कंपनी बनाई। राजीव बताते हैं कि जिले में कंप्यूटर शिक्षा की कमजोर स्थिति को देखते हुए उन्होंने बच्चों के लिए कुछ करने की सोची। इस काम को आगे बढ़ाने में जिले के कंप्यूटर व्यवसायी अमित अग्रवाल ने उनका साथ दिया। राजीव ने अपने खर्चे पर अमित के साथ मिलकर स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित करना शुरू किया।
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उन्होंने नगर के सात स्थानों पर कंप्यूटर लैब बनवाई। कक्षा छह से 12 तक के बच्चे यहां स्कूल के बाद कंप्यूटर ज्ञान के अलावा अन्य विषयों में ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण करते हैं। राजीव बताते हैं कि शिक्षक द्वारा कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषय बच्चों को ऑनलाइन समझाए जाते हैं। इसके लिए विशेष साफ्टवेयर तैयार किया गया है। इसमें हजारों रिकॉर्डेड वीडियो है, जिनके माध्यम से बच्चे समझते हैं।
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लैब का लाभ ले चुके हैं दस हजार बच्चे
राजकीय इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट करने के बाद राजीव का सेलेक्शन आईआईटी खडगपुर में हो गया। वहां बीटेक करने के बाद वह करीब पंद्रह साल पहले अमेरिका में माइक्रोसाफ्ट कंपनी में नौकरी करने चले गए। कुछ दिनों बाद उन्होंने अपनी कंपनी स्थापित कर ली। 2019 में उन्होंने अमित अग्रवाल को हैदराबाद बुलाकर कंप्यूटर लैब स्थापित करने इच्छा जाहिर की थी। उसके बाद सबसे पहले घूरनतलैया स्थित मारवाड़ी पाठशाला में दस कंप्यूटर लगाए गए।
नतीजे बेहतर आने के बाद यहां पर 30 कंप्यूटरों की लैब बनाकर पढ़ाई शुरू कराई। इसके बाद हनुमत धाम स्थित विवेकानंद लाइब्रेरी, आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज, आर्य महिला इंटर कॉलेज, गुरुनानक पाठशाला, एसपी इंटर कॉलेज, नेशनल गर्ल्स इंटर कॉलेज आदि में कंप्यूटर लगाकर बच्चों को तकनीकी रूप से समृद्ध करने में योगदान दे रहे हैं। इन लैब के जरिये अभी तक करीब दस हजार बच्चे शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं। इन बच्चों के बीच में विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन भी होता है। अच्छा प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत किया जाता है।
बरेली समेत चार जिलों में बच्चे के लिए बनाई लैब
राजीव अपने गृह जनपद के अलावा बरेली के चार, अयोध्या के तीन, सीतापुर के चार, मुरादाबाद के पांच कॉलेजों में कंप्यूटर सेट लगवाकर बच्चों को तकनीक की जानकारी दे रहे हैं। उनका उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चे भी कंप्यूटर साक्षर होकर दुनिया से कदमताल कर सकें।
आईडी बनाकर ऑनलाइन शिक्षा ग्रहण करते बच्चे
राजीव अग्रवाल ने हर कंप्यूटर सेंटर पर तीन वालंटियर रखे हुए हैं। ये वालंटियर बच्चों को प्रशिक्षण देते हैं। राजीव के सहयोगी अमित अग्रवाल बताते हैं कि बच्चे का नंबर डालते ही एक आईडी जनरेट होती है। इसके बाद उसी आईडी के जरिये ही बच्चे ऑनलाइन क्लास में शिक्षा ग्रहण करते हैं।

माता-पिता की प्रेरणा की प्रेरणा से हमारा शुरुआत से ही मन था कि नगर के बच्चों के लिए कुछ किया जाए। बच्चों की शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए कंप्यूटर लैब बनाकर ऑनलाइन कक्षाओं को शुरू कराया है। गणित, विज्ञान और इंग्लिश जैसे विषयों पर बच्चों की शुरुआत से अच्छी पकड़ होने से आगे चलकर प्रतियोगी परीक्षा में बेहतर कर सकेंगे। इन्हीं में से आईआईटी, इंजीनियरिंग, मेडिकल या सिविल सर्विसेज की परीक्षा उत्तीर्ण कर सकेंगे।
- राजीव अग्रवाल
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