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Shahjahanpur News: बारिश में बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे धंसने से बना गड्ढा
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अल्हागंज में बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर सड़क किनारे हुआ गहरा गड्ढा। संवाद
अल्हागंज (शाहजहांपुर)। बारिश के कारण बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर हुल्लापुर चौराहा से आगे बढ़ने पर रामगंगा पुल से बमुश्किल 150 मीटर पहले हाईवे के एक किनारे की 12 फुट चौड़ाई में मिट्टी धंस जाने से वहां करीब आठ फुट गहरा गड्ढा हो गया है। हाईवे का यह हिस्सा कांवड़ यात्रा मार्ग में भी शामिल है। हालांकि, गड्ढा बनने के बाद वहां बैरिकेडिंग कर आवागमन को सुरक्षित करने का प्रयास किया गया है, लेकिन सड़क के नीचे काफी गहराई तक मिट्टी धंसने से कांवड़ियों सहित भारी वाहनों के लिए खतरा बढ़ गया है।
हाईवे से गुजरने वाले भारी वाहन हाईवे के धंसे हुए हिस्से के बिल्कुल पास से निकल रहे हैं। इस कारण सड़क का बाकी हिस्सा भी वाहनों के दबाव से धंसने की आशंका है। ऐसी दशा में हाईवे पर कब कोई बड़ा हादसा हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। कांवड़ यात्रा के चलते हाईवे पर इन दिनों वाहनों के साथ कांवड़ियों की भी आवाजाही बढ़ी हुई है।
ऐसे में हाईवे के धंसे हिस्से की तत्काल मरम्मत कराए जाने की जरूरत है। पुलिस के अनुसार हाईवे चार दिन पहले धंस गया था और सूचना मिलने पर वहां सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग करा दी गई है। खास यह है कि हाईवे की कई बार मरम्मत कराई जा चुकी है। इसके बावजूद सड़क धंसने से मरम्मत कार्य की गुणवत्ता भी संदिग्ध मानी जा रही है।
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हाईवे के रखरखाव को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से नामित मोर्थ कंपनी के परियोजना निदेशक अमन त्रिगुन का कहना है कि भारी वर्षा के कारण हाईवे की मिट्टी कट कर बह जाने की सूचना मिली है। तकनीकी भाषा में इसे रेन कट कहा जाता है। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्राओं को देखते हाईवे तीन दिन तक भारी वाहनों के लिए बंद है। फिलहाल, वहां पर संकेतक लगवाने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही हाईवे के धंसे हुए हिस्से में मिट्टी का भराव और बजरी-कोलतार का लेपन कराकर उसे ठीक करा दिया जाएगा।
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हाईवे से गुजरने वाले भारी वाहन हाईवे के धंसे हुए हिस्से के बिल्कुल पास से निकल रहे हैं। इस कारण सड़क का बाकी हिस्सा भी वाहनों के दबाव से धंसने की आशंका है। ऐसी दशा में हाईवे पर कब कोई बड़ा हादसा हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। कांवड़ यात्रा के चलते हाईवे पर इन दिनों वाहनों के साथ कांवड़ियों की भी आवाजाही बढ़ी हुई है।
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ऐसे में हाईवे के धंसे हिस्से की तत्काल मरम्मत कराए जाने की जरूरत है। पुलिस के अनुसार हाईवे चार दिन पहले धंस गया था और सूचना मिलने पर वहां सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग करा दी गई है। खास यह है कि हाईवे की कई बार मरम्मत कराई जा चुकी है। इसके बावजूद सड़क धंसने से मरम्मत कार्य की गुणवत्ता भी संदिग्ध मानी जा रही है।
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हाईवे के रखरखाव को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से नामित मोर्थ कंपनी के परियोजना निदेशक अमन त्रिगुन का कहना है कि भारी वर्षा के कारण हाईवे की मिट्टी कट कर बह जाने की सूचना मिली है। तकनीकी भाषा में इसे रेन कट कहा जाता है। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्राओं को देखते हाईवे तीन दिन तक भारी वाहनों के लिए बंद है। फिलहाल, वहां पर संकेतक लगवाने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही हाईवे के धंसे हुए हिस्से में मिट्टी का भराव और बजरी-कोलतार का लेपन कराकर उसे ठीक करा दिया जाएगा।