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Shahjahanpur News: जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और दाखिल खारिज के लिए भटक रहे लोग
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जमीर हसन खां, बारादरी।
शाहजहांपुर। नगर निगम में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और दाखिल-खारिज कराना आसान नहीं है। जरूरत के समय लोगों को प्रमाण पत्र नहीं मिल पाता। इस वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नगर निगम में आवेदन के बाद 15 दिन में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र मिल जाना चाहिए, लेकिन पटल पर बैठे कर्मचारी जरूरतमंद लोगों के सामने कई प्रकार की आपत्ति लगा देते हैं। इस वजह से लोगों को चक्कर लगाने पड़ते हैं। आसान प्रक्रिया को जटिल बना दिया जाता है।
ऐसे में जरूरत के समय लोगों को प्रमाण पत्र नहीं मिल पाता। आमतौर पर बच्चे के स्कूल के दाखिले के समय जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ती है। कई अभिभावक बच्चों के दाखिले के लिए भी नगर निगम के चक्कर लगाते हैं, लेकिन उनका प्रमाण पत्र नहीं बन पाता। मृत्यु प्रमाण पत्र बीमा पॉलिसी व अन्य कार्याें के लिए आवश्यक है। इसके लिए भी नगर निगम के कर्मचारी लोगों से चक्कर लगवाते हैं।
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दाखिल-खारिज पोर्टल एक माह से बंद... हो रहा अपडेट
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश सरकार ने दाखिल-खारिज की फीस कम कर दी है। इसके लिए पोर्टल को अपडेट किया जा रहा है। ऐसे में एक माह से दाखिल-खारिज का कार्य नहीं हो रहा। लोग इसके लिए भटक रहे हैं। रोजाना 15 से 20 की संख्या में दाखिल-खारिज के लिए आवेदन आते हैं। दाखिल-खारिज की प्रक्रिया आवश्यक है। इसके बगैर जमीन पर मालिकाना हक का सवाल उठ सकता है। कोई दूसरा व्यक्ति भी इसके लिए दावा कर सकता है। बताया जा रहा है कि 11 जुलाई के बाद बोर्ड मीटिंग में प्रस्ताव होने के बाद दाखिल-खारिज की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। इसकी वजह से आम लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। वे नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
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लोगों ने बताया दर्द
बच्चे का जन्म प्रमाण-पत्र बनवाना है। 15 दिन से अधिक चक्कर लगाते हुए हो गए हैं। कभी किसी कागज की कमी बता दी जाती है कभी बाद में आने के लिए कहा जाता है।
- जमीर हसन खां, बारादरी
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बच्ची के जन्म प्रमाण पत्र के लिए नगर निगम के एक माह से चक्कर लगा रहे हैं। बेवजह परेशान किया जा रहा है। सही जवाब नहीं दिया जा रहा। इससे समय बर्बाद हो रहा है।
- शिवम राठौर, मिश्रीपुर
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बेटे का स्कूल में दाखिला करना है। जन्म प्रमाण पत्र में पिता का नाम गलत हो गया। इसके संशोधन के लिए दो माह से नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन ठीक नहीं किया जा रहा।
- शलिनी वर्मा, रोशनगंज
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पड़ोसी से जमीन ली थी। पड़ोसी ने उसकी वसीयत कर दी। कोर्ट के आदेश पर जमीन मेरे नाम हो गई। दो माह से दाखिल-खारिज के लिए चक्कर लगा रहा हूं।
- कन्हैया लाल, बजीरगंज
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दाखिल-खारिज की फीस शासन की ओर से घटाई गई है इसलिए पोर्टल अपडेट हो रहा है। 11 जुलाई के बाद बोर्ड की मीटिंग में प्रस्ताव रखने के बाद दाखिल खारिज की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
- डॉ. बिपिन कुमार मिश्र, नगर आयुक्त
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नगर निगम में आवेदन के बाद 15 दिन में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र मिल जाना चाहिए, लेकिन पटल पर बैठे कर्मचारी जरूरतमंद लोगों के सामने कई प्रकार की आपत्ति लगा देते हैं। इस वजह से लोगों को चक्कर लगाने पड़ते हैं। आसान प्रक्रिया को जटिल बना दिया जाता है।
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ऐसे में जरूरत के समय लोगों को प्रमाण पत्र नहीं मिल पाता। आमतौर पर बच्चे के स्कूल के दाखिले के समय जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ती है। कई अभिभावक बच्चों के दाखिले के लिए भी नगर निगम के चक्कर लगाते हैं, लेकिन उनका प्रमाण पत्र नहीं बन पाता। मृत्यु प्रमाण पत्र बीमा पॉलिसी व अन्य कार्याें के लिए आवश्यक है। इसके लिए भी नगर निगम के कर्मचारी लोगों से चक्कर लगवाते हैं।
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दाखिल-खारिज पोर्टल एक माह से बंद... हो रहा अपडेट
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश सरकार ने दाखिल-खारिज की फीस कम कर दी है। इसके लिए पोर्टल को अपडेट किया जा रहा है। ऐसे में एक माह से दाखिल-खारिज का कार्य नहीं हो रहा। लोग इसके लिए भटक रहे हैं। रोजाना 15 से 20 की संख्या में दाखिल-खारिज के लिए आवेदन आते हैं। दाखिल-खारिज की प्रक्रिया आवश्यक है। इसके बगैर जमीन पर मालिकाना हक का सवाल उठ सकता है। कोई दूसरा व्यक्ति भी इसके लिए दावा कर सकता है। बताया जा रहा है कि 11 जुलाई के बाद बोर्ड मीटिंग में प्रस्ताव होने के बाद दाखिल-खारिज की प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। इसकी वजह से आम लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। वे नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
लोगों ने बताया दर्द
बच्चे का जन्म प्रमाण-पत्र बनवाना है। 15 दिन से अधिक चक्कर लगाते हुए हो गए हैं। कभी किसी कागज की कमी बता दी जाती है कभी बाद में आने के लिए कहा जाता है।
- जमीर हसन खां, बारादरी
बच्ची के जन्म प्रमाण पत्र के लिए नगर निगम के एक माह से चक्कर लगा रहे हैं। बेवजह परेशान किया जा रहा है। सही जवाब नहीं दिया जा रहा। इससे समय बर्बाद हो रहा है।
- शिवम राठौर, मिश्रीपुर
बेटे का स्कूल में दाखिला करना है। जन्म प्रमाण पत्र में पिता का नाम गलत हो गया। इसके संशोधन के लिए दो माह से नगर निगम के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन ठीक नहीं किया जा रहा।
- शलिनी वर्मा, रोशनगंज
पड़ोसी से जमीन ली थी। पड़ोसी ने उसकी वसीयत कर दी। कोर्ट के आदेश पर जमीन मेरे नाम हो गई। दो माह से दाखिल-खारिज के लिए चक्कर लगा रहा हूं।
- कन्हैया लाल, बजीरगंज
दाखिल-खारिज की फीस शासन की ओर से घटाई गई है इसलिए पोर्टल अपडेट हो रहा है। 11 जुलाई के बाद बोर्ड की मीटिंग में प्रस्ताव रखने के बाद दाखिल खारिज की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया में सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
- डॉ. बिपिन कुमार मिश्र, नगर आयुक्त

जमीर हसन खां, बारादरी।

जमीर हसन खां, बारादरी।

जमीर हसन खां, बारादरी।

जमीर हसन खां, बारादरी।