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हाईटेंशन लाइन से सैकड़ों बच्चों पर मंडरा रहा खतरा

Sun, 16 Feb 2020 10:44 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2020 10:44 PM IST
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जलालाबाद। गांव ककराला में एक ही परिसर में बने तीन सरकारी स्कूलों के ऊपर से निकली बिजली की एचटी लाइन किसी भी समय बच्चों के साथ गंभीर हादसे का सबब बन सकती है। लाइन को हटाने के लिए बिजली विभाग से एक दशक के दौरान कई बार कहा जा चुका है, लेकिन लाइन अभी तक शिफ्ट नहीं की गई। किसी हादसे की आशंका में अध्यापक बच्चों को स्कूल मैदान पर खेलने नहीं देते और इंटरवेल के दौरान भी बच्चे कमरों में ही रहने को मजबूर हो रहे हैं।
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गांव में पहले बने प्राथमिक स्कूल के भवन के सामने सरकारी जमीन खाली पड़ी थी। बिजली विभाग ने करीब एक दशक पहले गांव से बिजली की एचटी लाइन खेतों की ओर ले जाने के लिए उसे प्राथमिक स्कूल के गेट के ऊपर से होकर निकाल दिया। उस दौरान इससे कोई खास खतरा नहीं था। सात-आठ साल पहले इस परिसर में पहले जूनियर और बाद में राजकीय हाईस्कूल की स्वीकृति मिल जाने पर उनके भवनों का निर्माण हो गया जिसके बाद बिजली की यह लाइन जूनियर और हाईस्कूल भवनों के सामने बीचों-बीच मैदान में आ गई।
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इन दोनों विद्यालयों में ही लगभग 500 बच्चे हैं। इसमें प्राथमिक स्कूल के 160 बच्चे शामिल कर लें तो उनकी तादात 650 के पार हो जाती है। दो नए विद्यालय बनने के बाद जब इस लाइन से खतरे का अंदेशा हुआ, तो उसे हटवाने के लिए अध्यापकों ने बिजली विभाग के चक्कर लगाने शुरू किए। इसके बावजूद स्कूल भवनें के ऊपर से निकली लाइन नहीं हटाई गई। जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाध्यापक अब्दुल जब्बार खां ने बताया कि वह बिजली लाइन हटवाने के लिये एबीएसए से संस्तुति कराकर कई प्रार्थना पत्र बिजली विभाग को दे चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अभी कुछ दिन पहले भी वह इस संबंध में अवर अभियंता से मिले थे। उन्होंने बताया कि लाइन टूटकर गिरने जैसे खतरे की आशंका के चलते बच्चों को मैदान में खेलने नहीं देते हैं, लेकिन इसके बाद भी लाइन के नीचे से होकर बच्चों का बराबर निकलना रहता है।
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कुछ दिन पहले मेरे पास आए एक अध्यापक ने लाइन हटवाने के लिए मौखिक रूप से कहा था। उनसे लिखित शिकायत देने को कहा गया, लेकिन उसके बाद वह मेरे पास नहीं आए। इससे पहले इस बारे में कोई शिकायत की गई हो वह मेरी जानकारी में नहीं है।
- माता प्रसाद, अवर अभियंता, बिजली उपकेंद्र जलालाबाद
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