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Shahjahanpur News: 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट का रास्ता साफ
Tue, 05 Mar 2024 01:03 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Tue, 05 Mar 2024 01:03 AM IST
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शाहजहांपुर। गंभीर रोगियों को उपचार के लिए लखनऊ, बरेली या दिल्ली लेकर जाने की जरूरत नहीं होगी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट का रास्ता साफ हो गया। भवन को बनाने के लिए ड्रग वेयर हाउस को तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। पर्याप्त जमीन मिलने के बाद आचार संहिता से पहले शिलान्यास कराने की तैयारी है।
वेंटीलेटर कम होने व डायलिसिस यूनिट बंद होने की वजह से गंभीर मरीजों को दूसरे जिलों में रेफर करना पड़ता है। कोविड के समय में गंभीर मरीजों के लिए 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने की स्वीकृति मिली थी, पर जमीन के अभाव में अटक गई थी। कोशिश थी कि अजीजगंज स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में भवन बनाया जाए। उसके लिए सीएमओ के अधीन ड्रग वेयर हाउस की जमीन को मिलाकर यूनिट बनाने का प्रस्ताव रखा था। प्रशासन से सहमति मिलने के बाद ड्रग वेयर हाउस को तोड़ने के लिए शासन से पत्राचार किया था। वहां से सहमति मिलने के बाद ड्रग वेयर हाउस को तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया। इसके अतिरिक्त कार्यदायी संस्था यूपी सिडको ने एरिये को कवर करने के लिए चहारदीवारी बनाने के लिए पिलर बनाना भी शुरू कर दिए हैं। प्राचार्य डॉ.राजेश कुमार ने बताया कि भवन के दायरे में आने वाले आठ पेड़ों के कटान की अनुमति भी मिल गई है।
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16 करोड़ रुपये हुए थे स्वीकृत
- केंद्र सरकार ने भवन के निर्माण के लिए 16 करोड़ स्वीकृत किए थे। इसके जरिये क्रिटिकल केयर यूनिट बनाकर अति गंभीर मरीजों का उपचार किया जाएगा। गर्भवती महिला के गंभीर होने की स्थिति में डिलीवरी टेबल, बेड, मेडिसन, सर्जरी, वेंटीलेटर बेड, डायलिसिस बेड आदि की व्यवस्था रहेगी।
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-अनुमति मिलने के बाद ड्रग वेयर हाउस तोड़ा जा रहा। जमीन को कवर करने के लिए कार्य भी शुरू करा दिया गया। दायरे में आने वाले पेड़ों के कटान की अनुमति भी मिल गई है। जल्द ही अन्य निर्माण कार्य को शुरू कराया जाएगा।
डॉ.राजेश कुमार, प्राचार्य-राजकीय मेडिकल कॉलेज
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वेंटीलेटर कम होने व डायलिसिस यूनिट बंद होने की वजह से गंभीर मरीजों को दूसरे जिलों में रेफर करना पड़ता है। कोविड के समय में गंभीर मरीजों के लिए 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने की स्वीकृति मिली थी, पर जमीन के अभाव में अटक गई थी। कोशिश थी कि अजीजगंज स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में भवन बनाया जाए। उसके लिए सीएमओ के अधीन ड्रग वेयर हाउस की जमीन को मिलाकर यूनिट बनाने का प्रस्ताव रखा था। प्रशासन से सहमति मिलने के बाद ड्रग वेयर हाउस को तोड़ने के लिए शासन से पत्राचार किया था। वहां से सहमति मिलने के बाद ड्रग वेयर हाउस को तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया। इसके अतिरिक्त कार्यदायी संस्था यूपी सिडको ने एरिये को कवर करने के लिए चहारदीवारी बनाने के लिए पिलर बनाना भी शुरू कर दिए हैं। प्राचार्य डॉ.राजेश कुमार ने बताया कि भवन के दायरे में आने वाले आठ पेड़ों के कटान की अनुमति भी मिल गई है।
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16 करोड़ रुपये हुए थे स्वीकृत
- केंद्र सरकार ने भवन के निर्माण के लिए 16 करोड़ स्वीकृत किए थे। इसके जरिये क्रिटिकल केयर यूनिट बनाकर अति गंभीर मरीजों का उपचार किया जाएगा। गर्भवती महिला के गंभीर होने की स्थिति में डिलीवरी टेबल, बेड, मेडिसन, सर्जरी, वेंटीलेटर बेड, डायलिसिस बेड आदि की व्यवस्था रहेगी।
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-अनुमति मिलने के बाद ड्रग वेयर हाउस तोड़ा जा रहा। जमीन को कवर करने के लिए कार्य भी शुरू करा दिया गया। दायरे में आने वाले पेड़ों के कटान की अनुमति भी मिल गई है। जल्द ही अन्य निर्माण कार्य को शुरू कराया जाएगा।
डॉ.राजेश कुमार, प्राचार्य-राजकीय मेडिकल कॉलेज