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Shahjahanpur News: मरीज परेशान... डॉक्टर को दिखाने से लेकर दवा लेने तक की दिक्कत
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में दवा लेने को लगी लाइन में थककर बैठा बुजुर्ग। संवाद
शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में उपचार कराना आसान नहीं है। डॉक्टर को दिखाने से लेकर दवा लेने तक में मरीजों को जूझना पड़ रहा है। अधिकारियों के निरीक्षण नहीं करने से डॉक्टर और स्टाफ मनमारी पर उतारू है। जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
मंगलवार को दिन में 12.40 बजे मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हड्डी रोग विभाग में डॉक्टर के चैंबर के बाहर मरीजों की कतार लगी थी। मरीजों के पर्चे जमा कर उनका डॉक्टर से परीक्षण कराने की व्यवस्था थी। स्टाफ ने चैंबर का गेट बंद कर दिया। पूछने पर बताया कि डॉक्टर नाश्ता कर रहे हैं।
करीब 15 मिनट तक मरीज दरवाजा खुलने का इंतजार करते रहे। डॉक्टर कक्ष के बाहर जमीन पर बैठकर मरीज परेशान रहे। वहीं, दूसरी ओर दवा काउंटर पर पर्चे पर दवा लिखी होने के बावजूद अधूरी दवा लिखकर टरकाया जा रहा था। दवा देने की गति धीमी होने के चलते मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
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कांट से दवा लेने आए जफर बेग ने बताया कि डॉक्टर ने चार दवा लिखी थीं, लेकिन उसमें एक कम दी गई। आपत्ति करने पर कह दिया कि जो लिखी हैं, वह ही दवा दी है। वह दोबारा से पर्ची लेकर आए और 15 मिनट तक लाइन में लगकर दवा ली। इसी तरह मरीजों को पर्चे पर लिखी दवा भी कम दिन की मिली।
दवा देने वाले ही नदारद
दिन में करीब पौने दो बजे दवा काउंटर से महिला कर्मचारी ही चली गईं। उनके काउंटर के बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी रही। करीब दस मिनट तक मरीज उनके आने का इंतजार करते रहे। इसके बाद दूसरे कर्मी ने आकर लोगों को दवा दी।
डॉक्टर के चैंबर बंद करने व कम दवा देने का मामला संज्ञान में नहीं है। ऐसी शिकायत आने पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ.राजेश कुमार, प्राचार्य-राजकीय मेडिकल कॉलेज
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मंगलवार को दिन में 12.40 बजे मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में हड्डी रोग विभाग में डॉक्टर के चैंबर के बाहर मरीजों की कतार लगी थी। मरीजों के पर्चे जमा कर उनका डॉक्टर से परीक्षण कराने की व्यवस्था थी। स्टाफ ने चैंबर का गेट बंद कर दिया। पूछने पर बताया कि डॉक्टर नाश्ता कर रहे हैं।
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करीब 15 मिनट तक मरीज दरवाजा खुलने का इंतजार करते रहे। डॉक्टर कक्ष के बाहर जमीन पर बैठकर मरीज परेशान रहे। वहीं, दूसरी ओर दवा काउंटर पर पर्चे पर दवा लिखी होने के बावजूद अधूरी दवा लिखकर टरकाया जा रहा था। दवा देने की गति धीमी होने के चलते मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा।
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कांट से दवा लेने आए जफर बेग ने बताया कि डॉक्टर ने चार दवा लिखी थीं, लेकिन उसमें एक कम दी गई। आपत्ति करने पर कह दिया कि जो लिखी हैं, वह ही दवा दी है। वह दोबारा से पर्ची लेकर आए और 15 मिनट तक लाइन में लगकर दवा ली। इसी तरह मरीजों को पर्चे पर लिखी दवा भी कम दिन की मिली।
दवा देने वाले ही नदारद
दिन में करीब पौने दो बजे दवा काउंटर से महिला कर्मचारी ही चली गईं। उनके काउंटर के बाहर मरीजों की लंबी कतार लगी रही। करीब दस मिनट तक मरीज उनके आने का इंतजार करते रहे। इसके बाद दूसरे कर्मी ने आकर लोगों को दवा दी।
डॉक्टर के चैंबर बंद करने व कम दवा देने का मामला संज्ञान में नहीं है। ऐसी शिकायत आने पर जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ.राजेश कुमार, प्राचार्य-राजकीय मेडिकल कॉलेज

राजकीय मेडिकल कॉलेज में दवा लेने को लगी लाइन में थककर बैठा बुजुर्ग। संवाद