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डीएम साहब! पुवायां नगर पालिका में चल रहा है भारी गोलमाल
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पुवायां (शाहजहांपुर)। मोबाइल कंपनी का टॉवर लगाने के लिए शाहजहांपुर के मानचित्र को लगाकर अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने का प्रयास किया गया, हद तो तब हो गई जब पुवायां नगर पालिका ने नक्शे को पास करते हुए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया। बवाल बढ़ा तो अनापत्ति प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया गया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
पुवायां के मोहल्ला शास्त्रीनगर में एक मोबाइल कंपनी का टॉवर लगाए जाने के लिए कार्य चल रहा है। भूमि स्वामी मनीषा गुप्ता के यहां टॉवर लगाने के लिए मानचित्र प्रस्तुत करते हुए नगर पालिका पुवायां से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगा गया था। अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए जो मानचित्र लगाया गया था वह गाटा संख्या 2088 उत्तरी चुंगी शाहजहांपुर का लगाया गया था। टॉवर लगाने वाली कंपनी और भूमि स्वामी का जो अनुबंध पत्र लगाया गया था वह पुवायां के मोहल्ला गढ़ी का लगा दिया गया, जबकि टॉवर मोहल्ला शास्त्रीनगर में लग रहा है। इतनी अनियमितताएं होने के बाद भी पुवायां नगर पालिका के अध्यक्ष और ईओ ने 12 सितंबर को नक्शे को स्वीकृति देते हुए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया।
उधर मोहल्ला शास्त्रीनगर के प्रदीप कुमार, राहुल वर्मा, करनैल सिंह, राजेश कुमार सहित तमाम लोगों ने मोहल्ला के बीच टॉवर लगने से तमाम समस्याएं आने की बात कहते हुए टॉवर कहीं और लगवाए जाने की मांग की थी। लोगों को पालिका की एनओसी का पता चला तो पूरे मामले में साक्ष्यों सहित अधिकारियों से शिकायत की गई। इससे एनओसी जारी करने वालों में खलबली मच गई। कार्रवाई के डर से ईओ की ओर से आनन फानन में 26 सितंबर को एनओसी को निरस्त कर दिया गया। मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि अब दूसरे नक्शे को स्वीकृति देकर अनापत्ति जारी करने की तैयारी की गई है, जिसका वह लोग विरोध करेंगे और आंदोलन करेंगे।
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एनओसी जारी करने में दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं
पुवायां। ईओ ने टॉवर की एनओसी को निरस्त तो कर दिया है , लेकिन बड़ा सवाल है कि शाहजहांपुर की सदर तहसील के गाटा संख्या और टॉवर का अनुबंध मोहल्ला गढ़ी का लगाए जाने के बाद भी पुवायां नगर पालिका ने एनओसी कैसे जारी कर दी? बिना जांच एनओसी जारी करने के मामले में कार्रवाई क्यों नहीं की गई है? गलत पत्रावली पर एनओसी लेने वालों पर कार्रवाई से क्यों बचा जा रहा है? ऐसे कई सवाल है जिन पर अधिकारी चुप्पी साध रहे हैं। दरअसल पूरे मामले में नगर पालिका के ईओ भी फंस रहे हैं, इस कारण खुद को बचाने के लिए किसी पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। मामले को लेकर तमाम चर्चाएं हैं।
जेई की रिपोर्ट पर एनओसी जारी की गई थी। टॉवर की एनओसी को निरस्त कर दिया गया है। मोहल्ले के लोगों की आपत्ति भी मिली है। कार्रवाई की जाएगी।
धर्मवीर सिंह, ईओ नगर पालिका पुवायां
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पुवायां के मोहल्ला शास्त्रीनगर में एक मोबाइल कंपनी का टॉवर लगाए जाने के लिए कार्य चल रहा है। भूमि स्वामी मनीषा गुप्ता के यहां टॉवर लगाने के लिए मानचित्र प्रस्तुत करते हुए नगर पालिका पुवायां से अनापत्ति प्रमाणपत्र मांगा गया था। अनापत्ति प्रमाणपत्र के लिए जो मानचित्र लगाया गया था वह गाटा संख्या 2088 उत्तरी चुंगी शाहजहांपुर का लगाया गया था। टॉवर लगाने वाली कंपनी और भूमि स्वामी का जो अनुबंध पत्र लगाया गया था वह पुवायां के मोहल्ला गढ़ी का लगा दिया गया, जबकि टॉवर मोहल्ला शास्त्रीनगर में लग रहा है। इतनी अनियमितताएं होने के बाद भी पुवायां नगर पालिका के अध्यक्ष और ईओ ने 12 सितंबर को नक्शे को स्वीकृति देते हुए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया।
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उधर मोहल्ला शास्त्रीनगर के प्रदीप कुमार, राहुल वर्मा, करनैल सिंह, राजेश कुमार सहित तमाम लोगों ने मोहल्ला के बीच टॉवर लगने से तमाम समस्याएं आने की बात कहते हुए टॉवर कहीं और लगवाए जाने की मांग की थी। लोगों को पालिका की एनओसी का पता चला तो पूरे मामले में साक्ष्यों सहित अधिकारियों से शिकायत की गई। इससे एनओसी जारी करने वालों में खलबली मच गई। कार्रवाई के डर से ईओ की ओर से आनन फानन में 26 सितंबर को एनओसी को निरस्त कर दिया गया। मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि अब दूसरे नक्शे को स्वीकृति देकर अनापत्ति जारी करने की तैयारी की गई है, जिसका वह लोग विरोध करेंगे और आंदोलन करेंगे।
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एनओसी जारी करने में दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं
पुवायां। ईओ ने टॉवर की एनओसी को निरस्त तो कर दिया है , लेकिन बड़ा सवाल है कि शाहजहांपुर की सदर तहसील के गाटा संख्या और टॉवर का अनुबंध मोहल्ला गढ़ी का लगाए जाने के बाद भी पुवायां नगर पालिका ने एनओसी कैसे जारी कर दी? बिना जांच एनओसी जारी करने के मामले में कार्रवाई क्यों नहीं की गई है? गलत पत्रावली पर एनओसी लेने वालों पर कार्रवाई से क्यों बचा जा रहा है? ऐसे कई सवाल है जिन पर अधिकारी चुप्पी साध रहे हैं। दरअसल पूरे मामले में नगर पालिका के ईओ भी फंस रहे हैं, इस कारण खुद को बचाने के लिए किसी पर कार्रवाई नहीं की जा रही है। मामले को लेकर तमाम चर्चाएं हैं।
जेई की रिपोर्ट पर एनओसी जारी की गई थी। टॉवर की एनओसी को निरस्त कर दिया गया है। मोहल्ले के लोगों की आपत्ति भी मिली है। कार्रवाई की जाएगी।
धर्मवीर सिंह, ईओ नगर पालिका पुवायां