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UP: इंस्पेक्टर समेत सात पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश, पूर्व सैनिक को अवैध रूप से हिरासत में रखने का आरोप

Thu, 02 Jul 2026 02:08 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: बरेली ब्यूरो Updated Thu, 02 Jul 2026 02:08 AM IST
सार

शाहजहांपुर में अदालत ने इंस्पेक्टर समेत छह पुलिसकर्मियों और एक अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के आरोपी पूर्व सैनिक को अवैध रूप से हिरासत में रखने और मारपीट के आरोप में दिया गया।

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Orders issued to register an FIR against seven individuals including an inspector
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शाहजहांपुर में दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के आरोपी सेवानिवृत्त सैनिक को अवैध रूप से हिरासत में रखने और मारपीट के आरोप में अदालत ने तत्कालीन सदर बाजार थाना प्रभारी समेत छह पुलिसकर्मियों व एक अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने पुलिस अधीक्षक को दूसरे थाना क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी से मामले की विवेचना कराने के लिए भी आदेशित किया है।
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सदर बाजार थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती ने सीजेएम कोर्ट में इंस्पेक्टर ब्रजेश सिंह, उपनिरीक्षक रणजीत बहादुर सिंह, एसओजी बरेली में तैनात दिलीप सिंह, पुलिसकर्मी रामसंजीवन, नरेंद्र, एक अन्य पुलिसकर्मी और एक अन्य के खिलाफ पत्र दिया था। युवती ने बताया था कि 14 मार्च को बरेली की एसओजी में तैनात सिपाही अपने भाई के साथ उनके घर आया और गालीगलौज करते हुए पिता से मारपीट की। जब परिजनों ने बचाने का प्रयास किया तो हमलावरों ने उनको भी पीटा। बहन और उसके साथ छेड़खानी की। 
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थाने में अवैध रूप से हिरासत में रखा 
युवती का आरोप है कि बाद में दो पुलिसकर्मी घर आए और उनके पिता को सदर बाजार थाने ले गए। शाम को पिता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई। आरोप लगाया कि न्यायालय में पेश करने की जगह उन्हें थाने में ही अवैध रूप से रखा गया। 15 मार्च की शाम शहर के एक पार्क के पास से पिता की गिरफ्तारी दिखाई गई जबकि पिता पहले से ही हिरासत में थे। 
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वादिनी के मुताबिक, उन्होंने भाई के साथ थाने पहुंचकर तत्कालीन प्रभारी ब्रजेश सिंह से शिकायत की तो उन्होंने भाई को पीट दिया। एनकाउंटर करने की धमकी दी। वादिनी ने बताया कि दरोगा साक्षी गिरफ्तार करने वाली टीम में थीं लेकिन उनके थाने से रवानगी और आमद का थाने के अभिलेखों में रिकॉर्ड नहीं है।

अफसरों ने नहीं की सुनवाई तो कोर्ट गई पीड़िता 
इसी तरह जो पुलिसकर्मी घर से पिता को ले गए, उनके आने-जाने का भी रिकॉर्ड नहीं है। पुलिस अधिकारियों से शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति अग्रवाल ने थाना सदर बाजार प्रभारी को आदेशित किया है कि वह सुसंगत धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करें।

चूंकि मामले में सदर बाजार थाने के ही पुलिस कर्मचारी संलिप्त हैं, ऐसी स्थिति में इस आदेश की प्रति पुलिस अधीक्षक को इस आशय से प्रेषित की जाए कि वह प्रकरण की विवेचना किसी अन्य थाना क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी से कराना सुनिश्चित करें। एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि अभी आधिकारिक तौर पर उनके पास आदेश नहीं आया है। कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा।

थाने में नहीं मिली थी रिकॉर्डिंग
वादिनी ने वर्तमान थाना प्रभारी राजीव कुमार से 14 और 15 मार्च की सीसी फुटेज मांगी थी। इसपर उन्हें बताया गया कि थाने में तकनीकी दिक्कतों के कारण केवल 15 दिन की ही फुटेज उपलब्ध है।

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