शाहजहांपुर: रोडवेज की पुरानी बसें बदहाल, खिड़कियों के हुक-रबर गायब, शीशे टूटे
सर्दी और कोहरे के मौसम में शाहजहांपुर डिपो की रोडवेज बसों में यात्रियों की सुरक्षा के इंतजाम अधूरे हैं। पुरानी बसों में खिड़कियों के शीशे टूटे हैं, हुक गायब हैं और वाइपर व फॉग लाइटें भी खराब हैं।
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सर्दी और कोहरे का मौसम दस्तक दे चुका है, लेकिन रोडवेज बसों में यात्रियों को सर्द हवाओं और धुंध से बचाने के इंतजाम अधूरे हैं। शाहजहांपुर डिपो की कई पुरानी बसों में खिड़कियों के शीशे टूटे हैं तो कहीं हुक और रबर गायब हैं। कुछ बसों के शीशे जाम हैं और कुछ में ब्रेक लगाते ही खिसककर खुल जाते हैं। कोहरे में सुरक्षित सफर के लिए जरूरी वाइपर और फॉग लाइटों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है।
शाहजहांपुर डिपो से निगम की 148 और 76 अनुबंधित बसों का संचालन होता है। इनमें 84 बसें नई हैं, जबकि पुरानी बसों में खिड़कियों और वाइपर की स्थिति खराब है। बुधवार को बसों की पड़ताल में कई खामियां सामने आईं। अधिकांश बसों की खिड़कियों के हुक गायब मिले। कई शीशे जाम होने से उन्हें खोलना मुश्किल है। वहीं कुछ बसों में ब्रेक लगाते ही शीशे सरक जाते हैं, जिससे चालक-परिचालक को बार-बार उन्हें बंद करना पड़ता है।
एक शीशा अलग रखकर चल रही बस
यूपी 27 टी-8044 की खिड़की का शीशा अलग रखा मिला। हुक और रबर भी गायब थे। ऐसे में शीशा गिरने से हादसे का खतरा बना हुआ है। यह बस शाहजहांपुर से जलालाबाद और फर्रुखाबाद के बीच संचालित होती है। यूपी 27 टी-7944 की खिड़कियों के हुक गायब मिले। बस के अंदर गंदगी और सीटों पर गुटखे की पीक के निशान भी मिले। यूपी 27-9066 की खिड़की का शीशा ऊपर से टूटा था। दूसरी खिड़की से रबर चैनल और हुक गायब मिले। इससे यात्रियों को शीशे बंद करने में परेशानी हो रही है।
पुरानी बसों में वाइपर भी अधूरे
नई बसों में व्यवस्थाएं ठीक हैं, लेकिन अधिकतर पुरानी बसों में एक तरफ ही वाइपर है। कोहरे में चालक के सामने वाले शीशे की दूसरी तरफ सफाई की व्यवस्था नहीं होने से दृश्यता प्रभावित होने का खतरा रहता है। वहीं, रोडवेज वर्कशॉप में बसों के शीशे दुरुस्त कराने की व्यवस्था भी सीमित है। विभाग के पास पांच से सात साइड शीशे ही उपलब्ध हैं। मुख्य शीशा टूटने पर बस को हरदोई भेजना पड़ता है।
एआरएम अरुण कुमार ने बताया कि अधिकतर नई बसों में फॉग लाइटें लगी हैं। पुरानी बसों में भी जल्द फॉग लाइटें लगवाई जाएंगी। कुछ बसों के शीशे टूटे होने की जानकारी मिली है। उन्हें दुरुस्त कराने के साथ शीशों के हुक और रबर भी लगवाए जाएंगे।