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बिजली संकट को लेकर अब हिंदू जागरण मंच में उबाल
शाहजहांपुर
Updated Fri, 14 Aug 2015 12:00 AM IST
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दिन में नौ घंटे की नियमित बिजली कटौती के बावजूद तीन से चार घंटे की आपात कटौती को लेकर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं में आज उबाल आ गया। उन्होंने पॉवर कारपोरेशन के एसई ऑफिस में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में मौजूद नहीं मिलने पर वहां के वरिष्ठ लिपिक को राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर सावन माह को देखते 24 घंटे बिजली सप्लाई देने की मांग की।
श्रावण मास में दिन भर और देर रात तक कांवड़ियों के निकलने के साथ मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। दिन में नौ घंटे की नियमित कटौती के बावजूद देर रात तीन से चार घंटे की आपात कटौती का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रात की कटौती पर रोक लगाने को लेकर व्यापार संगठनों के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद बिजली संकट बरकरार रहने पर मंच के कार्यकर्ताओं का धैर्य जवाब दे गया।
उन्होंने बृहस्पतिवार को दोपहर पॉवर कारपोरेशन के सर्किल ऑफिस जाकर अधीक्षण अभियंता आरएस प्रसाद को अपनी पीड़ा बतानी चाही, लेकिन वहां एसई के नहीं मिलने पर उनका गुस्सा भड़क उठा। कार्यकर्ताओं के नारेबाजी करने पर वहां के वरिष्ठ लिपिक ने ज्ञापन मांगा तो संगठन के जिला संयोजक सर्वेश मिश्र उर्फ धांधू ने उन्हें आड़े हाथों लेते हुए उन पर सवालों की झड़ी लगा दी।
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जिला संयोजक धांधू ने सवाल किया कि मुस्लिम त्योहारों पर भरपूर लाइट दी जाती है, लेकिन सावन माह में बहुसंख्यक समुदाय को बिजली के लिए क्यों तरसाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि बहुसंख्यकों के धार्मिक आयोजनों की बिजली विभाग ने उपेक्षा जारी रखी और सप्लाई में सुधार नहीं किया गया तो मंच के कार्यकर्ता जन सामान्य को साथ लेकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे।
इस र्मौके पर मंच की ओर से राज्यपाल के नाम दिए ज्ञापन में कहा गया है कि श्रावण मास में सड़कों पर चहल-पहल बढ़ने के कारण मार्गों पर पूरी रात प्रकाश व्यवस्था के लिए 24 घंटे बिजली की सप्लाई दी जाए। अन्यथा विभागीय पक्षपात के खिलाफ हिंदूवादी संगठन एकजुट होने को बाध्य हो जाएंगे। प्रदर्शन में अजय अग्रिहोत्री, रवि मोहन, विनोद सक्सेना, मनोज वर्मा, प्रदीप मिश्रा, संतोष विश्वकर्मा, मुकेश वाल्मीकि, चंद्रमोहन त्रिवेदी,अशोक पासवान, गावस्कर सोलंकी, कमल मिश्रा, ओमप्रकाश राजपूत आदि शामिल रहे।
दिन में आपात कटौती से बिलबिला उठे लोग
अभी तक बिजली की आपात कटौती देर रात में होती रही, लेकिन बृहस्पतिवार को पॉवर कारपोरेशन के सिस्टम कंट्रोल ने दिन में तीन बजे से इमर्जेंसी रोस्टरिंग लागू कर दी। दो घंटे तक पॉवर कट प्रभावी रहने से शहरी बाशिंदे गर्मी और उमस के माहौल में बिजली के बगैर बिलबिला उठे। खास यह है कि दो दिन पहले ही व्यापार मंडल मिश्रा गुट को एक्सईएन सिटी एके शुक्ला ने नौ घंटे की नियमित कटौती का पुराना रोस्टर लागू करने का लिखित आश्वासन दिया, लेकिन 48 घंटे बाद ही बिजली सप्लाई के नाम पर वायदा खिलाफी खुलकर सामने आ गई। एक्सईएन शुक्ला के अनुसार दिन में आपात कटौती उच्चस्तरीय आदेश पर की गई।
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श्रावण मास में दिन भर और देर रात तक कांवड़ियों के निकलने के साथ मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। दिन में नौ घंटे की नियमित कटौती के बावजूद देर रात तीन से चार घंटे की आपात कटौती का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रात की कटौती पर रोक लगाने को लेकर व्यापार संगठनों के अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद बिजली संकट बरकरार रहने पर मंच के कार्यकर्ताओं का धैर्य जवाब दे गया।
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उन्होंने बृहस्पतिवार को दोपहर पॉवर कारपोरेशन के सर्किल ऑफिस जाकर अधीक्षण अभियंता आरएस प्रसाद को अपनी पीड़ा बतानी चाही, लेकिन वहां एसई के नहीं मिलने पर उनका गुस्सा भड़क उठा। कार्यकर्ताओं के नारेबाजी करने पर वहां के वरिष्ठ लिपिक ने ज्ञापन मांगा तो संगठन के जिला संयोजक सर्वेश मिश्र उर्फ धांधू ने उन्हें आड़े हाथों लेते हुए उन पर सवालों की झड़ी लगा दी।
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जिला संयोजक धांधू ने सवाल किया कि मुस्लिम त्योहारों पर भरपूर लाइट दी जाती है, लेकिन सावन माह में बहुसंख्यक समुदाय को बिजली के लिए क्यों तरसाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि बहुसंख्यकों के धार्मिक आयोजनों की बिजली विभाग ने उपेक्षा जारी रखी और सप्लाई में सुधार नहीं किया गया तो मंच के कार्यकर्ता जन सामान्य को साथ लेकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे।
इस र्मौके पर मंच की ओर से राज्यपाल के नाम दिए ज्ञापन में कहा गया है कि श्रावण मास में सड़कों पर चहल-पहल बढ़ने के कारण मार्गों पर पूरी रात प्रकाश व्यवस्था के लिए 24 घंटे बिजली की सप्लाई दी जाए। अन्यथा विभागीय पक्षपात के खिलाफ हिंदूवादी संगठन एकजुट होने को बाध्य हो जाएंगे। प्रदर्शन में अजय अग्रिहोत्री, रवि मोहन, विनोद सक्सेना, मनोज वर्मा, प्रदीप मिश्रा, संतोष विश्वकर्मा, मुकेश वाल्मीकि, चंद्रमोहन त्रिवेदी,अशोक पासवान, गावस्कर सोलंकी, कमल मिश्रा, ओमप्रकाश राजपूत आदि शामिल रहे।
दिन में आपात कटौती से बिलबिला उठे लोग
अभी तक बिजली की आपात कटौती देर रात में होती रही, लेकिन बृहस्पतिवार को पॉवर कारपोरेशन के सिस्टम कंट्रोल ने दिन में तीन बजे से इमर्जेंसी रोस्टरिंग लागू कर दी। दो घंटे तक पॉवर कट प्रभावी रहने से शहरी बाशिंदे गर्मी और उमस के माहौल में बिजली के बगैर बिलबिला उठे। खास यह है कि दो दिन पहले ही व्यापार मंडल मिश्रा गुट को एक्सईएन सिटी एके शुक्ला ने नौ घंटे की नियमित कटौती का पुराना रोस्टर लागू करने का लिखित आश्वासन दिया, लेकिन 48 घंटे बाद ही बिजली सप्लाई के नाम पर वायदा खिलाफी खुलकर सामने आ गई। एक्सईएन शुक्ला के अनुसार दिन में आपात कटौती उच्चस्तरीय आदेश पर की गई।