{"_id":"6685d865511a9b5a6a074e74","slug":"non-muslim-children-will-not-study-in-madrassas-will-be-admitted-in-schools-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-122036-2024-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: मदरसों में नहीं पढ़ेंगे गैर मुस्लिम बच्चे, स्कूलों में होगा प्रवेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: मदरसों में नहीं पढ़ेंगे गैर मुस्लिम बच्चे, स्कूलों में होगा प्रवेश
Thu, 04 Jul 2024 04:31 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 04 Jul 2024 04:31 AM IST
विज्ञापन
शाहजहांपुर। सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त मदरसों में पढ़ने वाले हिंदू छात्र-छात्राओं का विद्यालयों में कराया जाएगा। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मोहम्मद खालिद ने प्रधानाचार्यों को प्रवेश कराने के बाद सूचना देने के लिए निर्देशित किया है।
जिले में संचालित अवैध मदरसों को बंद कराकर उनमें अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को परिषदीय विद्यालयों में नामांकित कराने के निर्देश मंगलवार को आए थे। अब डीएमओ मोहम्मद खालिद ने बुधवार को प्रधानाचार्यों को पत्र भेजा है। इसमें सहायता या मान्यता प्राप्त मदरसों में पढ़ने वाले गैर मुस्लिम छात्र-छात्राओं को औपचारिक शिक्षा प्रदान करने के लिए परिषदीय स्कूलों में प्रवेश के लिए निर्देशित किया है।
शिक्षकों की मानें तो शहरी मदरसों में कोई गैर मुस्लिम छात्र नहीं पढ़ता है। ग्रामीण इलाके में स्कूल नहीं होने पर बच्चे मदरसे में शिक्षा पाते मिल सकते हैं। दूसरी ओर अरबी फारसी मदारिस एसोसिएशन के अध्यक्ष इकबाल हुसैन ने मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार को पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग की तरह सहायता प्राप्त मदरसों को शिक्षकों व बच्चों के लिए कक्षावार बायोमैट्रिक मशीन उपलब्ध कराई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में संचालित अवैध मदरसों को बंद कराकर उनमें अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को परिषदीय विद्यालयों में नामांकित कराने के निर्देश मंगलवार को आए थे। अब डीएमओ मोहम्मद खालिद ने बुधवार को प्रधानाचार्यों को पत्र भेजा है। इसमें सहायता या मान्यता प्राप्त मदरसों में पढ़ने वाले गैर मुस्लिम छात्र-छात्राओं को औपचारिक शिक्षा प्रदान करने के लिए परिषदीय स्कूलों में प्रवेश के लिए निर्देशित किया है।
विज्ञापन
शिक्षकों की मानें तो शहरी मदरसों में कोई गैर मुस्लिम छात्र नहीं पढ़ता है। ग्रामीण इलाके में स्कूल नहीं होने पर बच्चे मदरसे में शिक्षा पाते मिल सकते हैं। दूसरी ओर अरबी फारसी मदारिस एसोसिएशन के अध्यक्ष इकबाल हुसैन ने मदरसा बोर्ड के रजिस्ट्रार को पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग की तरह सहायता प्राप्त मदरसों को शिक्षकों व बच्चों के लिए कक्षावार बायोमैट्रिक मशीन उपलब्ध कराई जाए।
विज्ञापन