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जन समस्याओं का निस्तारण कर जनता को देंगे सुशासन
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Thu, 31 Mar 2016 12:01 AM IST
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जन समस्याओं का निस्तारण कर जनता को देंगे सुशासन
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बिजनौर से स्थानान्तरित होकर आए वर्ष 2009 बैच के आईएएस विजय किरण आनंद ने बुधवार को यहां आकर डीएम का कार्य भार ग्रहण कर लिया। सीडीओ पुलकित खरे सहित अन्य अधीनस्थ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिला कोषागार जाकर कार्य भार लेने की औपचारिकता पूरी की। बाद में कलक्ट्रेट सभाकक्ष में पत्रकारों से वार्ता करते हुए शासन की विकास योजनाओं पर अमल कराने और जन समस्याओं के निस्तारण को प्राथमिकता देने का इरादा जाहिर किया।
मूलत: कर्नाटक के बंगलुरू शहर के निवासी डीएम आनंद ने एक प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर अभी तक यूपी के सात जिलों में अपनी सेवाएं दी हैं। बाराबंकी में सीडीओ के तौर पर कार्यरत रहने के बाद मैनपुरी, उन्नाव, फिरोजाबाद और बिजनौर में डीएम का दायित्व निर्वाह किया। उन्होंने कहा कि अब तक के प्रशासनिक अनुभव में विभिन्न संगठनों और संस्थाओं से मिलने वाले फीड बैक को आधार बनाकर जन सामान्य को सुशासन देंगे जिससे कि सभी का सम्मान और उनके अधिकार सुरक्षित रहें।
डीएम आनंद ने कहा कि विकास और राजस्व कार्यों के मूलभूत आंकड़ों में सुधार, कानून व्यवस्था व अपराध नियंत्रण, शैक्षिक क्षेत्र में साक्षरता को बढ़ावा, खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ सभी पात्र परिवारों को दिलाना, बच्चों को कुपोषण से छुटकारा, कन्या भ्रूण हत्या पर कड़ाई से रोक, स्वच्छता अभियान को प्रभावी गति देने आदि विभिन्न विभागों के काम प्राथमिकता देकर किए जाएंगे। जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति का फीडबैक मांगे जाने पर उन्हें बताया गया कि रात में होने वाली बिजली की आपात कटौती से चोरी-लूटमार आदि अपराधों को बढ़ावा मिल रहा है।
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डीएम ने कहा कि एक सप्ताह में सभी गांवों से बिजली सप्लाई की मौजूदा स्थिति के बारे में फीडबैक लेकर अधिकतम बिजली दिलाने का प्रयास होगा। शहरी आबादी के बीच डेयरियों से निकलने वाले भैंसों के झुंड से सड़कों पर लगने वाले जाम की समस्या का उल्लेख होने पर डीएम आनंद ने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए डेयरी संचालकों के साथ बैठक की जाएगी।
निजी स्कूलों में एडमीशन से लेकर ड्रेस, कोर्स की किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य किए जाने की समस्या को भी डीएम ने गंभीरता से लिया। उन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम में निहित प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्कूलों में आरटीई एक्ट कीसैद्धांतिक व्यवस्थाओं को व्यवहारिक धरातल पर लागू किया जाएगा, लेकिन ऐसे स्कूलों के स्वायत्तता संबंधी नियमों में कोई अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
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मूलत: कर्नाटक के बंगलुरू शहर के निवासी डीएम आनंद ने एक प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर अभी तक यूपी के सात जिलों में अपनी सेवाएं दी हैं। बाराबंकी में सीडीओ के तौर पर कार्यरत रहने के बाद मैनपुरी, उन्नाव, फिरोजाबाद और बिजनौर में डीएम का दायित्व निर्वाह किया। उन्होंने कहा कि अब तक के प्रशासनिक अनुभव में विभिन्न संगठनों और संस्थाओं से मिलने वाले फीड बैक को आधार बनाकर जन सामान्य को सुशासन देंगे जिससे कि सभी का सम्मान और उनके अधिकार सुरक्षित रहें।
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डीएम आनंद ने कहा कि विकास और राजस्व कार्यों के मूलभूत आंकड़ों में सुधार, कानून व्यवस्था व अपराध नियंत्रण, शैक्षिक क्षेत्र में साक्षरता को बढ़ावा, खाद्य सुरक्षा अधिनियम का लाभ सभी पात्र परिवारों को दिलाना, बच्चों को कुपोषण से छुटकारा, कन्या भ्रूण हत्या पर कड़ाई से रोक, स्वच्छता अभियान को प्रभावी गति देने आदि विभिन्न विभागों के काम प्राथमिकता देकर किए जाएंगे। जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति का फीडबैक मांगे जाने पर उन्हें बताया गया कि रात में होने वाली बिजली की आपात कटौती से चोरी-लूटमार आदि अपराधों को बढ़ावा मिल रहा है।
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डीएम ने कहा कि एक सप्ताह में सभी गांवों से बिजली सप्लाई की मौजूदा स्थिति के बारे में फीडबैक लेकर अधिकतम बिजली दिलाने का प्रयास होगा। शहरी आबादी के बीच डेयरियों से निकलने वाले भैंसों के झुंड से सड़कों पर लगने वाले जाम की समस्या का उल्लेख होने पर डीएम आनंद ने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए डेयरी संचालकों के साथ बैठक की जाएगी।
निजी स्कूलों में एडमीशन से लेकर ड्रेस, कोर्स की किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य किए जाने की समस्या को भी डीएम ने गंभीरता से लिया। उन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम में निहित प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि स्कूलों में आरटीई एक्ट कीसैद्धांतिक व्यवस्थाओं को व्यवहारिक धरातल पर लागू किया जाएगा, लेकिन ऐसे स्कूलों के स्वायत्तता संबंधी नियमों में कोई अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।