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Shahjahanpur News: कोलाघाट पर बनेगा नया पुल, शासन ने दी मंजूरी
Fri, 27 Sep 2024 07:35 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 27 Sep 2024 07:35 PM IST
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कोलाघाट पुल की खबर में, ऋषिकांत पांडे । संवाद
शाहजहांपुर। कोलाघाट पुल टूटने के बाद तीन साल से आवागमन की दिक्कतों से जूझ रहे लाखों लोगों के लिए बृहस्पतिवार को राहत भरी खबर आई है। शासन ने नए पुल के लिए मंजूरी दे दी है। शासनादेश के बाद अब निविदा की प्रक्रिया शुरू होगी। अनुमान है कि पुल के निर्माण में एक साल से ज्यादा समय लग सकता है।
29 नवंबर 2021 को कोलाघाट का 18 सौ मीटर लंबे पुल का एक पिलर धंस गया था। इससे पुल दो टुकड़ों में बंट गया था। पुल की मरम्मत पर 6.25 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। फिर भी केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान की रिपोर्ट में पुल के कई पिलर कमजोर बताए गए थे। यही वजह है कि पुल से चार पहिया वाहनों के आवागमन को अनुमति नहीं दी गई है। कोलाघाट पुल टूटने से मिर्जापुर, कलान, जलालाबाद के करीब पांच लाख लोग आवागमन में दिक्कत झेल रहे हैं। अल्हागंज, राजेपुर होते हुए कलान जाने में करीब 75 किलोमीटर का फेरा आता है। आने-जाने में यह दूरी करीब 150 किमी हो जाती है। पुल के अभाव में खासकर व्यापारी वर्ग और किसानों को ज्यादा परेशान होना पड़ रहा है।
जलालाबाद-शमसाबाद-सौरिख होते हुए बिधूना मार्ग राज्य मार्ग संख्या-163 पर कोलाघाट पर निर्मित सेतु के समानांतर नए टू-लेन सेतु के निर्माण कार्य के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य योजनांतर्गत नव निर्माण के लिए चतुर्थ चरण के कार्यों में सम्मिलित कर लिया गया था। बृहस्पतिवार को पुल के निर्माण का शासनादेश जारी हो गया है। इसके लिए 166 करोड़ 83 लाख 22 हजार रुपये की मंजूरी दी गई है।
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15 दिन में आ सकती है भार वहन क्षमता की जांच रिपोर्ट
नया पुल न बनने तक पुराने पुल से हल्के चारपहिया वाहनों के संचालन को शुरू करने की लंबे समय से मांग की जा रही थी। हादसे की आशंका के मद्देनजर इसकी मंजूरी नहीं दी जा रही थी। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने धरना-प्रदर्शन भी शुरू कर दिया था। इसके बाद बीएचयू आईआईटी की टीम ने 15 से 23 सितंबर तक पुल के भार वहन क्षमता की जांच की। जांच रिपोर्ट 15 दिन में आने की संभावना है। उम्मीद है कि हल्के चारपहिया वाहनों के संचालन की अनुमति मिल जाएगी। अगर ऐसा होता है तो पैंटून पुल बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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लोग बोले-लंबे इंतजार के बाद मिली खुशखबरी
जलालाबाद। कोलाघाट पर नए पुल निर्माण की शासन से मंजूरी मिलने से जनपद, विशेषकर कलान तहसील में रामगंगा पार बसे लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि नया पुल बनने के बाद हर तरह के वाहनों का आवागमन शुरू होने से समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा। यही नहीं, पूर्व की भांति बदायूं होकर दिल्ली तक सरकारी बसों समेत मालवाहक ट्रकों का आवागमन भी होने लगेगा।
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दोनों ओर के व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
कटरी में बसे लोगों और जिला मुख्यालय के बीच बड़ी संख्या में लोगों का व्यापारिक जुड़ाव है। अनाज से लेकर सब्जियां तक जलालाबाद मंडी जाती हैं और उधर से कई अन्य वस्तुएं कटरी क्षेत्र में आती हैं। कोलाघाट पर नया पुल बनने से दोनों जगह व्यापार बढ़ेगा।
-वीरेंद्र वर्मा, व्यापारी
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अदालतों में समय से पहुंच सकेंगे वादकारी
कलान में तहसील बनने के बाद विभिन्न कार्यों के लिए वहां के अधिवक्ता सप्ताह में तीन-चार दिन मिर्जापुर जाते हैं। बरसात या अधिक धूप होने पर बाइक से आने-जाने में होने वाली परेशानी नए पुल से दूर होगी। अदालतों में वादकारी भी समय से पहुंच सकेंगे।
-अंबुज यादव, अधिवक्ता
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स्कूलों में सुधरेगा शिक्षण कार्य का स्तर
पुल बंद होने से कलान के स्कूलों तक जिला मुख्यालय और जलालाबाद से जाने वाले शिक्षक अक्सर देर से पहुंच पाते थे। नया पुल बनने से आवागमन सुगम होने से स्कूलों में शिक्षकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित होगी। इससे शिक्षा का स्तर भी सुधरेगा।
-ऋषिकांत पांडे, शिक्षक
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महिलाओं और बच्चों का सुरक्षित होगा सफर
नए पुल की स्वीकृति देकर मुख्यमंत्री ने उन सभी पर बड़ा उपकार किया है, जो नाव के सहारे नदी पार कर अथवा अल्हागंज का लंबा चक्कर काटकर कलान, मिर्जापुर जाने को मजबूर थे। बसें चलने से महिलाओं और बच्चों का सफर पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा।
-कौशल दीक्षित, सभासद
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कोलाघाट पर नया पुल बनने से ही आवागमन की समस्या का पूरी तरह समाधान होना था। हम लगातार इस दिशा में प्रयासरत थे। मंडलीय समीक्षा बैठक में भी हमने मुख्यमंत्री के समक्ष यह मांग दोहराई थी और उन्होंने जल्द मंजूरी देने का आश्वासन भी दिया था। मुख्यमंत्री ने बुधवार को हुई बैठक में फाइल अनुमोदित कर शासनादेश जारी करने के लिए भेज दी थी। साथ ही पुल निर्माण के लिए धनराशि भी आवंटित कर दी है।
हरिप्रकाश वर्मा, विधायक, जलालाबाद
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कोलाघाट पुल का शासनादेश जारी हो गया है। अब टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद पुल का निर्माण कार्य शुरू होगा। प्रयास रहेगा कि निर्धारित समय सीमा में पुल का निर्माण पूरा किया जाए।
- बिजेंद्र मौर्या, डीपीएम सेतु निगम
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29 नवंबर 2021 को कोलाघाट का 18 सौ मीटर लंबे पुल का एक पिलर धंस गया था। इससे पुल दो टुकड़ों में बंट गया था। पुल की मरम्मत पर 6.25 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। फिर भी केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान की रिपोर्ट में पुल के कई पिलर कमजोर बताए गए थे। यही वजह है कि पुल से चार पहिया वाहनों के आवागमन को अनुमति नहीं दी गई है। कोलाघाट पुल टूटने से मिर्जापुर, कलान, जलालाबाद के करीब पांच लाख लोग आवागमन में दिक्कत झेल रहे हैं। अल्हागंज, राजेपुर होते हुए कलान जाने में करीब 75 किलोमीटर का फेरा आता है। आने-जाने में यह दूरी करीब 150 किमी हो जाती है। पुल के अभाव में खासकर व्यापारी वर्ग और किसानों को ज्यादा परेशान होना पड़ रहा है।
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जलालाबाद-शमसाबाद-सौरिख होते हुए बिधूना मार्ग राज्य मार्ग संख्या-163 पर कोलाघाट पर निर्मित सेतु के समानांतर नए टू-लेन सेतु के निर्माण कार्य के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य योजनांतर्गत नव निर्माण के लिए चतुर्थ चरण के कार्यों में सम्मिलित कर लिया गया था। बृहस्पतिवार को पुल के निर्माण का शासनादेश जारी हो गया है। इसके लिए 166 करोड़ 83 लाख 22 हजार रुपये की मंजूरी दी गई है।
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15 दिन में आ सकती है भार वहन क्षमता की जांच रिपोर्ट
नया पुल न बनने तक पुराने पुल से हल्के चारपहिया वाहनों के संचालन को शुरू करने की लंबे समय से मांग की जा रही थी। हादसे की आशंका के मद्देनजर इसकी मंजूरी नहीं दी जा रही थी। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने धरना-प्रदर्शन भी शुरू कर दिया था। इसके बाद बीएचयू आईआईटी की टीम ने 15 से 23 सितंबर तक पुल के भार वहन क्षमता की जांच की। जांच रिपोर्ट 15 दिन में आने की संभावना है। उम्मीद है कि हल्के चारपहिया वाहनों के संचालन की अनुमति मिल जाएगी। अगर ऐसा होता है तो पैंटून पुल बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
लोग बोले-लंबे इंतजार के बाद मिली खुशखबरी
जलालाबाद। कोलाघाट पर नए पुल निर्माण की शासन से मंजूरी मिलने से जनपद, विशेषकर कलान तहसील में रामगंगा पार बसे लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि नया पुल बनने के बाद हर तरह के वाहनों का आवागमन शुरू होने से समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा। यही नहीं, पूर्व की भांति बदायूं होकर दिल्ली तक सरकारी बसों समेत मालवाहक ट्रकों का आवागमन भी होने लगेगा।
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दोनों ओर के व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
कटरी में बसे लोगों और जिला मुख्यालय के बीच बड़ी संख्या में लोगों का व्यापारिक जुड़ाव है। अनाज से लेकर सब्जियां तक जलालाबाद मंडी जाती हैं और उधर से कई अन्य वस्तुएं कटरी क्षेत्र में आती हैं। कोलाघाट पर नया पुल बनने से दोनों जगह व्यापार बढ़ेगा।
-वीरेंद्र वर्मा, व्यापारी
अदालतों में समय से पहुंच सकेंगे वादकारी
कलान में तहसील बनने के बाद विभिन्न कार्यों के लिए वहां के अधिवक्ता सप्ताह में तीन-चार दिन मिर्जापुर जाते हैं। बरसात या अधिक धूप होने पर बाइक से आने-जाने में होने वाली परेशानी नए पुल से दूर होगी। अदालतों में वादकारी भी समय से पहुंच सकेंगे।
-अंबुज यादव, अधिवक्ता
स्कूलों में सुधरेगा शिक्षण कार्य का स्तर
पुल बंद होने से कलान के स्कूलों तक जिला मुख्यालय और जलालाबाद से जाने वाले शिक्षक अक्सर देर से पहुंच पाते थे। नया पुल बनने से आवागमन सुगम होने से स्कूलों में शिक्षकों की समय से उपस्थिति सुनिश्चित होगी। इससे शिक्षा का स्तर भी सुधरेगा।
-ऋषिकांत पांडे, शिक्षक
महिलाओं और बच्चों का सुरक्षित होगा सफर
नए पुल की स्वीकृति देकर मुख्यमंत्री ने उन सभी पर बड़ा उपकार किया है, जो नाव के सहारे नदी पार कर अथवा अल्हागंज का लंबा चक्कर काटकर कलान, मिर्जापुर जाने को मजबूर थे। बसें चलने से महिलाओं और बच्चों का सफर पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा।
-कौशल दीक्षित, सभासद
कोलाघाट पर नया पुल बनने से ही आवागमन की समस्या का पूरी तरह समाधान होना था। हम लगातार इस दिशा में प्रयासरत थे। मंडलीय समीक्षा बैठक में भी हमने मुख्यमंत्री के समक्ष यह मांग दोहराई थी और उन्होंने जल्द मंजूरी देने का आश्वासन भी दिया था। मुख्यमंत्री ने बुधवार को हुई बैठक में फाइल अनुमोदित कर शासनादेश जारी करने के लिए भेज दी थी। साथ ही पुल निर्माण के लिए धनराशि भी आवंटित कर दी है।
हरिप्रकाश वर्मा, विधायक, जलालाबाद
कोलाघाट पुल का शासनादेश जारी हो गया है। अब टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद पुल का निर्माण कार्य शुरू होगा। प्रयास रहेगा कि निर्धारित समय सीमा में पुल का निर्माण पूरा किया जाए।
- बिजेंद्र मौर्या, डीपीएम सेतु निगम

कोलाघाट पुल की खबर में, ऋषिकांत पांडे । संवाद

कोलाघाट पुल की खबर में, ऋषिकांत पांडे । संवाद

कोलाघाट पुल की खबर में, ऋषिकांत पांडे । संवाद

कोलाघाट पुल की खबर में, ऋषिकांत पांडे । संवाद