{"_id":"613a5dcd8ebc3eb77922f808","slug":"murder-case-shahjahanpur-news-bly459092819","type":"story","status":"publish","title_hn":"तमंचा छीनकर नारायण पर दागी थीं गोलियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तमंचा छीनकर नारायण पर दागी थीं गोलियां
विज्ञापन
मृतक नारायण कश्यप का । फाइल फोटो
- फोटो : SHAHJAHANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाहजहांपुर। नारायण कश्यप की बुधवार रात हत्या योजना बनाकर नहीं की गई थी। बताया जा रहा है कि आरोपी अक्षय उर्फ बच्चू और नारायण में बोलचाल शुरू हो गई थी। बुधवार रात की वारदात किसी बात पर बहस के बाद अंजाम दी गई। आशंका यह भी है कि नारायण ने पहले तमंचा निकालने की कोशिश की, लेकिन हत्यारोपियों ने उसी का तमंचा छीनकर उस पर गोलियां दाग दीं। पुलिस फरार आरोपियों को अभी तक तलाश नहीं कर पाई है।
2003 में जब अंशुमान सक्सेेना की गोली मारकर हत्या की गई थी, तब शहर में कई गैंग थे। वर्चस्व की लड़ाई में अंशुमान मारा गया था। उस वारदात में नारायण के अलावा कई अन्य भी नामजद हुए थे। नारायण जेल से जमानत पर बाहर आ गया था। नारायण दबंग तो था, लेकिन उस पर आपराधिक मुकदमे नहीं दर्ज हैं। पहले नारायण कटिया टोला मोहल्ले में रहता और वहीं की पूजा शुक्ला से प्रेम विवाह किया था। जिस गली में नारायण की हत्या हुई है, वहीं पास में हत्यारोपी बच्चू और बब्बू भी रहते हैं।
बताया जा रहा है कि बब्बू रिक्शा चलाता है। अंशुमान सक्सेना का भाई बच्चू कोई काम नहीं करता। सूत्रों के मुताबिक बच्चू और नारायण में वक्त बीतने के साथ थोड़ी-बहुत बोलचाल शुरू हो गई था। नारायण पुरानी बात भुलाकर बेफिक्री से मोहम्मद जई मोहल्ले में आता-जाता था। बुधवार रात भी वह बाइक से वहां आया था। कमला नर्सिंग होम के पास घटना को अंजाम दिया गया। सीसीटीवी फुटेज में गली के अंदर का पूरा दृश्य साफ नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
यह माना जा रहा है कि नारायण और बच्चू के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई, फिर छीनाझपटी शुरू हो गई। बब्बू और बच्चू यह जानते थे कि नारायण अपने पास हथियार रखता है। ऐसे में अंदाजा है कि नारायण से तमंचा छीनकर ही बब्बू और बच्चू ने उस पर गोलियां दागी थीं। बच्चू और बब्बू के पास भी असलहे हो सकते हैं। बाद में पुलिस को नारायण की जेब से तीन कारतूस मिले थे, लेकिन हथियार नहीं मिला था। तात्कालिक स्थिति में भाई का बदला लेने के लिए नारायण की योजनाबद्ध तरीके से हत्या करना स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। हत्याकांड अचानक अंजाम दिया गया।
पत्नी ने दर्ज कराई एफआईआर
नारायण की पत्नी पूजा ने अक्षय उर्फ बच्चू और बब्बू निवासी मोहल्ला मोहम्मदजई के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट चौक कोतवाली में दर्ज कराई है। पूजा ने बताया कि रंजिश में बच्चू और बब्बू ने पति नारायण की गोली मारकर हत्या कर दी है।
पूरनपुर से आया परिवार, अंतिम संस्कार किया
नारायण के तीन भाई सुरेश, महेश और छोटू मां चंदा देवी और परिवार समेत समेत कई सालों से पीलीभीत के पूरनपुर में रहते हैं। पिता स्व. कन्हईलाल ओसीएफ के कर्मचारी थे। बड़े भाई सुरेश ने बताया कि नारायण बचपन से ही कटियाटोला के एक व्यक्ति के साथ रहता था। बाद में वह अलग हो गया था। लोधीपुर में मकान बनवाकर रहने लगा था। नारायण वर्तमान में किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि से दूर था। नारायण का बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद शाम को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सीसीटीवी फुटेज की मदद से वारदात का खुलासा हो गया है। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गईं हैं। जल्द आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
एस. आनंद, एसपी
विज्ञापन
2003 में जब अंशुमान सक्सेेना की गोली मारकर हत्या की गई थी, तब शहर में कई गैंग थे। वर्चस्व की लड़ाई में अंशुमान मारा गया था। उस वारदात में नारायण के अलावा कई अन्य भी नामजद हुए थे। नारायण जेल से जमानत पर बाहर आ गया था। नारायण दबंग तो था, लेकिन उस पर आपराधिक मुकदमे नहीं दर्ज हैं। पहले नारायण कटिया टोला मोहल्ले में रहता और वहीं की पूजा शुक्ला से प्रेम विवाह किया था। जिस गली में नारायण की हत्या हुई है, वहीं पास में हत्यारोपी बच्चू और बब्बू भी रहते हैं।
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि बब्बू रिक्शा चलाता है। अंशुमान सक्सेना का भाई बच्चू कोई काम नहीं करता। सूत्रों के मुताबिक बच्चू और नारायण में वक्त बीतने के साथ थोड़ी-बहुत बोलचाल शुरू हो गई था। नारायण पुरानी बात भुलाकर बेफिक्री से मोहम्मद जई मोहल्ले में आता-जाता था। बुधवार रात भी वह बाइक से वहां आया था। कमला नर्सिंग होम के पास घटना को अंजाम दिया गया। सीसीटीवी फुटेज में गली के अंदर का पूरा दृश्य साफ नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
यह माना जा रहा है कि नारायण और बच्चू के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई, फिर छीनाझपटी शुरू हो गई। बब्बू और बच्चू यह जानते थे कि नारायण अपने पास हथियार रखता है। ऐसे में अंदाजा है कि नारायण से तमंचा छीनकर ही बब्बू और बच्चू ने उस पर गोलियां दागी थीं। बच्चू और बब्बू के पास भी असलहे हो सकते हैं। बाद में पुलिस को नारायण की जेब से तीन कारतूस मिले थे, लेकिन हथियार नहीं मिला था। तात्कालिक स्थिति में भाई का बदला लेने के लिए नारायण की योजनाबद्ध तरीके से हत्या करना स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। हत्याकांड अचानक अंजाम दिया गया।
पत्नी ने दर्ज कराई एफआईआर
नारायण की पत्नी पूजा ने अक्षय उर्फ बच्चू और बब्बू निवासी मोहल्ला मोहम्मदजई के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट चौक कोतवाली में दर्ज कराई है। पूजा ने बताया कि रंजिश में बच्चू और बब्बू ने पति नारायण की गोली मारकर हत्या कर दी है।
पूरनपुर से आया परिवार, अंतिम संस्कार किया
नारायण के तीन भाई सुरेश, महेश और छोटू मां चंदा देवी और परिवार समेत समेत कई सालों से पीलीभीत के पूरनपुर में रहते हैं। पिता स्व. कन्हईलाल ओसीएफ के कर्मचारी थे। बड़े भाई सुरेश ने बताया कि नारायण बचपन से ही कटियाटोला के एक व्यक्ति के साथ रहता था। बाद में वह अलग हो गया था। लोधीपुर में मकान बनवाकर रहने लगा था। नारायण वर्तमान में किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि से दूर था। नारायण का बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद शाम को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सीसीटीवी फुटेज की मदद से वारदात का खुलासा हो गया है। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित की गईं हैं। जल्द आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
एस. आनंद, एसपी