Shahjahanpur News: शौक पूरा करने के लिए एमएससी पास छात्र ने बनाया गैंग, डेबिट कार्ड बदल करता था ठगी, गिरफ्तार
शाहजहांपुर में पुलिस ने जालसाज युवक को गिरफ्तार किया है। एमएससी उत्तीर्ण युवक ने अपने शौक पूरे करने के लिए तीन लोगों का गैंग बनाया और डेबिट कार्ड बदलकर धोखाधड़ी करने लगा। उसके पास 25 डेबिट कार्ड बरामद हुए हैं।
विस्तार
शाहजहांपुर में एमएससी उत्तीर्ण छात्र गैंग बनाकर डेबिट कार्ड बदलकर ठगी करने लगा। हाल ही में एक शिकायत आने के बाद जांच में जुटी चौक कोतवाली पुलिस ने उसे मथुरा से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास 25 डेबिट कार्ड व मॉल से खरीदा गया सामान बरामद हुआ है। उसके दो साथियों की तलाश की जा रही है।
बाडीगांव निवासी अफजाल के परिवार में शादी थी। वे कुछ दिन पूर्व चौक कोतवाली क्षेत्र में स्थित एक एटीएम से रुपये निकालने गए थे। ठगों ने उन्हें झांसे में लेकर यहीं पर उनका कार्ड बदल लिया। उनके खाते से एक लाख 32 हजार रुपये उड़ा दिए, तब पीड़ित ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद शुरू हुई जांच में पता चला कि युवकों ने कटरा में एक पंप से 500 रुपये का पेट्रोल डलवाया।
पंप से ही 15 हजार रुपये नकद लिए थे। बरेली में शॉपिंग मॉल में जाकर माइक्रोवेव, ओवन, मिक्सर आदि खरीदकर ऑनलाइन भुगतान किया। सीसीटीवी कैमरे में आरोपी कैद हुए थे। यहीं से उनकी कार का नंबर भी पुलिस ने हासिल कर लिया।
ऐसे पकड़ा गया आरोपी
कार नंबर के आधार पर पुलिस आगरा पहुंची। वहां ट्रैवल एजेंसी संचालक ने बताया कि कार किराये पर ली गई थी। पुलिस ने यहां से आरोपियों का नाम व पता प्राप्त किया और मथुरा के रोशन विहार कॉलोनी पहुंची। यहां फौजी रामकिशन के किराये के कमरे से कौशल नारायण शर्मा निवासी थाना नारखी ढोंकल, जिला फिरोजाबाद को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने दो अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं। बुधवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि सीओ सिटी सौम्या पांडेय की निगरानी में पुलिस ने गैंग का खुलासा किया है।
आरोपी के पास से 25 डेबिड कार्ड, ओवन, मिक्सर और मोबाइल बरामद हुआ है। दो अन्य सदस्यों की तलाश के लिए पुलिस टीम गठित कर प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। एसपी राजेश एस. ने टीम को 15 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
किराये पर कार लेकर करने जाते थे ठगी
एसपी सिटी के अनुसार, आरोपी मथुरा में रहते थे और किराये की कार का उपयोग ठगी के लिए करते थे। आरोपी पर पूर्व में ही छह मुकदमे दर्ज हैं। जिस एटीएम कक्ष में ज्यादा भीड़ होती थी, वहां रेकी कर कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाते थे। लाइन में लगकर जल्दी रुपये निकालने का दबाव बनाते हुए व्यक्ति को असहज कर देते थे।
मेडिकल स्टोर पर करता था नौकरी
कौशल ने आगरा यूनिवर्सिटी से केमिस्ट्री में एमएससी उत्तीर्ण किया है। वह मेडिकल स्टोर पर नौकरी करता था। रुपयों के लिए उसने ठगी करने को गिरोह बनाया।
ऐसे बदला था डेबिट कार्ड
अफजाल खरीदारी करने के लिए एटीएम से रुपये निकालने पहुंचे। कार्ड लगाने के दौरान एक ठग ने उनका पासवर्ड देख लिया। पुलिस के अनुसार, रुपये निकालने के दौरान बिजली चली गई और उनके रुपये फंस गए, तब ठग आया और सहानुभूति दिखाते हुए पूछा। पीड़ित ने बताया कि सिर्फ पर्ची निकली है। तभी ठग ने कार्ड लेकर दोबारा खुद लगाया और धोखा देकर पीछे खड़े साथी को थमा दिया। दूसरा कार्ड अफजाल को देकर भाग गए थे।
ये बरतें सावधानी
- अपने कार्ड का पिन किसी से साझा नहीं करें।
- रुपये निकालते समय प्रयास करें कि पिन कोई देख नहीं पाए।
- केबिन में ज्यादा लोग होने पर उन्हें बाहर जाने के लिए बोल दें।
- रुपये निकलने के बाद मशीन में कैंसल का बटन अवश्य दबा दें।