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धान खरीद: पहले दिन सूने रहे अधिकांश क्रय केंद्र, नहीं पहुंचे किसान

Fri, 02 Oct 2020 01:26 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2020 01:26 AM IST
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Most of the purchasing centers are listened on first day, farmers have not arrived
शाहजहांपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीद बृहस्पतिवार से शुरू हुई, लेकिन पहले दिन किसी भी सेंटर पर खरीद नहीं हो सकी। विभिन्न क्रय एजेंसियों के कई सेंटर खुल नहीं सके और जो खुले, वहां किसान अपनी उपज लेकर नहीं पहुंचे। इक्का-दुक्का सेंटरों पर कुछ किसान बानगी के तौर पर थोड़े धान लेकर पहुंचे, लेकिन उसमें नमी अधिक पाए जाने से केंद्र प्रभारियों ने संबंधित किसानों को उपज सुखाने के बाद तौल के लिए सेंटरों पर लाने की सलाह देकर लौटा दिया। वहीं रोजा और तिलहर मंडी की आढ़तों पर धान की आवक हुई, लेकिन किसानों को सिर्फ 1200 रुपये प्रति क्विंटल का भाव मिल सका। बता दें की सरकारी खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1888 रुपये है।
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रोजा मंडी में विभिन्न एजेंसियों के सात सेंटर गुरुवार से प्रभावी हो गए, लेकिन उन पर धान की आवक नहीं हुई। हालांकि, तमाम किसान उपज लेकर मंडी की एक दर्जन से अधिक आढ़तों पर पहुंचे और लगभग 1500 क्विंटल धान की समर्थन मूल्य से करीब 600-700 रुपये प्रति क्विंटल के कम भाव पर बिक्री कर दी। इस बीच, डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने आरएमओ कमलेश पांडेय के साथ रोजा मंडी जाकर वहां के सेंटरों की व्यवस्थाएं जांचीं। मौके पर मौजूद मिले केंद्र प्रभारियों ने बताया कि कुछ किसान क्रय केंद्रों पर धान लेकर आए, लेकिन उसमें नमी 19 से 23 प्रतिशत है जबकि समर्थन मूल्य के लिए शासन ने नमी मानक 17 प्रतिशत नियत किया है।
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डीएम ने केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया कि सभी सेंटर सुबह नौ बजे से शाम पांच के बीच निर्धारित अवधि में खुले रखे जाएं और धान मानक के अनुरूप उसकी तौल जरूर कराएं। उन्होंने कहा कि किसानों को धान की तौल कराने में किसी तरह की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धान लेकर आने वाले जो किसान किन्हीं कारणों से पंजीकरण नहीं करा सके, उनका तत्काल अपने केंद्र पर पंजीकरण करें। इस बीच, एडीएम फाइनेंस गिरिजेश कुमार चौधरी ने पुवायां और बंडा मंडी के क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर प्रभारियों के समक्ष डीएम के निर्देश दोहराए। उधर, आरएमओ पांडेय ने रोजा के बाद तिलहर मंडी का दौरा किया और वहां के मंडी सचिव को सरकारी खरीद पर निगाह रखने के निर्देश दिए।
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तिलहर मंडी में गुलजार रहीं आढ़तें, 2500 क्विंटल धान की खरीद
तिलहर। मंडी समिति परिसर में खोले गए पीसीएफ और आरएफसी के दोनों केंद्रों पर पहले दिन खरीद नहीं हो सकी, लेकिन वहां की आढ़तें किसानों से गुलजार रहीं। आरएफसी केंद्र प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि धान मेें नमी मानक से अधिक पाए जाने के कारण खरीद नहीं हुई। दोपहर आरएमओ कमलेश पांडेय ने इस केंद्र का निरीक्षण कर प्रभारी को किसानों से अच्छा व्यवहार करने के निर्देश दिए। मंडी सचिव जगदीश प्रसाद वर्मा ने बताया कि आढ़तों पर लगभग 2500 क्विंटल धान खरीदा गया।
जलालाबाद में कई क्रय केंद्र लापता
जलालाबाद। खरीद की तैयारी पूरी होने के प्रशासनिक दावों के विपरीत पहले दिन ग्रामीण क्षेत्र में कोई भी सेंटर अस्तित्व में नहीं आया, जबकि आठ केंद्र स्वीकृत हुए हैं। मंडी समिति में आरएफसी का सेंटर शुरू हुआ, लेकिन वहां तौल कराने कोई किसान नहीं पहुंचा। सेंटर इंचार्ज सत्यवीर सिंह ने बताया कि दो किसान नमूने के तौर पर धान दिखाने लाए थे, लेकिन उसमें नमी ज्यादा थी। मंडी की आढ़तों पर भी अभी धान की आवक थमी है। आढ़तियों के अनुसार आवक रफ्तार पकड़ने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा।
कलान में नहीं खुला कोई क्रय केंद्र
कलान। तहसील क्षेत्र में एक भी क्रय केंद्र नहीं खुल सका है। किसानों को समर्थन मूल्य दिलाने के लिए पर यहां कई केंद्र स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण क्षेत्र में एक भी केंद्र नहीं खुल सका। एसडीएम रमेश बाबू को क्रय केंद्रों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सेंटरों की स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
कटरा में नजर नहीं आए सेंटर
मीरानपुर कटरा। शासन के आदेश पर धान खरीद किए जाने के दावे हवा हवाई साबित हुए क्योंकि पहले दिन क्षेत्र में एक भी सेंटर खुला नजर नहीं आया। किसानों का कहना है कि तीन-चार दिन धूप लगने पर धान समर्थन मूल्य पर बिकवाली लायक हो जाएगा।
जैतीपुर में नहीं खुले चार क्रय केंद्र
जैतीपुर। किसानों का धान खरीदने के लिए क्षेत्र में विभिन्न एजेंसियों के छह क्रय केंद्र विभिन्न गांवों के लिए प्रस्तावित किए गए, लेकिन पहले दिन चार केंद्र खुले ही नहीं। गांव नगला देहात माली और अवां में सेंटर खुल गए हैं, लेकिन आवक नहीं होने से वहां दिन भर सन्नाटा पसरा रहा।
निगोही के सेंटरों पर किसानों का इंतजार
निगोही। कस्बा समेत क्षेत्र के गांव पतराजपुर, अर्जुनपुर, संडा खास, जिन्दपुरा, भुन्डी, बिरासिन, बरैंचा, हटा दलेलपुर, ब्योरा और जोगीपुरा में स्वीकृत 11 क्रय केंद्र संचालित हो गए, लेकिन किसानों के नहीं आने से वहां दिन भर सन्नाटा पसरा रहा। किसानों के इंतजार में बैठे केंद्र प्रभारियों के अनुसार नमी ज्यादा होने से कुछ दिन धान खरीद नमी से प्रभावित रहने के आसार हैं।

वर्जन
बंडा मंडी में कुछ किसान करीब 70 क्विंटल धान लेकर पहुंचे, लेकिन बाद में उसकी सफाई कराने और बाकी धान लाकर एक साथ तौल कराने की बात कहकर लौट गए। धान में नमी 19 से 23 प्रतिशत निकल रही है, लेकिन अगले कुछ दिनों में सरकारी खरीद तेजी पकड़ लेगी।
- कमलेश पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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