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सिसौआ में अतिकुपोषित बच्चों की संख्या घटी
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Wed, 24 Aug 2016 11:38 PM IST
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फाइल फोटो: मेडिकल रिपोर्ट
- फोटो : Getty
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जिलाधिकारी पुष्पा सिंह आज अपने गोद लिए भावलखेड़ा ब्लाक के ग्राम सिसौआ में ग्राम स्वस्थ्य पोषण एवं टीकाकरण दिवस पर बुधवार को अचानक पहुंचीं। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र पर आईं गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों से मिलकर उन्हें दिये जा रहे पोषाहार के विषय में जानकारी की। पाया कि गांव में 10 गर्भवती महिलायें हैं और वे पंजीकृत हैं। दो महिलाओं का टीकाकरण मौके पर एएनएम द्वारा किया गया।
डीएम ने सभी गर्भवती महिलाओं के रिपोर्ट कार्ड चेक किये और पाया कि चार गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन पहले कम था और उनमें दो का हीमोग्लोबिन अब बढ़ कर सामान्य हो गया है। उन्होंने मौके पर महिलाओं में आयरन की गोली बंटर्वाइं और कहा कि लगातार इस गोली का प्रयोग करती रहें, जिससे वे कमजोर नहीं होंगी। उन्होंने यह भी सलाह दी कि सभी महिलायें भरपूर भोजन करती रहें, जिससे वे और उनका बच्चा स्वस्थ रहे। निरीक्षण में पाया कि गांव में कुल शून्य से पांच वर्ष तक के 158 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें चार बच्चे अतिकुपोषित की श्रेणी में रह गये हैं। उन्होंने इन बच्चों की माताओं से कहा कि वे अपने बच्चों को पूरा आहार अवश्य खिलायें। आंशिक कुपोषित 12 बच्चों में मात्र पांच बच्चे ही रह गये और सात बच्चे सामान्य श्रेणी में हो गये है। उन्होंने कहा कि छह माह तक बच्चों को मां का दूध ही पिलाया जाय ताकि बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा रहे। इस दौरान डॉ. लक्ष्मण समेत सभी विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
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डीएम ने सभी गर्भवती महिलाओं के रिपोर्ट कार्ड चेक किये और पाया कि चार गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन पहले कम था और उनमें दो का हीमोग्लोबिन अब बढ़ कर सामान्य हो गया है। उन्होंने मौके पर महिलाओं में आयरन की गोली बंटर्वाइं और कहा कि लगातार इस गोली का प्रयोग करती रहें, जिससे वे कमजोर नहीं होंगी। उन्होंने यह भी सलाह दी कि सभी महिलायें भरपूर भोजन करती रहें, जिससे वे और उनका बच्चा स्वस्थ रहे। निरीक्षण में पाया कि गांव में कुल शून्य से पांच वर्ष तक के 158 बच्चे पंजीकृत हैं, जिनमें चार बच्चे अतिकुपोषित की श्रेणी में रह गये हैं। उन्होंने इन बच्चों की माताओं से कहा कि वे अपने बच्चों को पूरा आहार अवश्य खिलायें। आंशिक कुपोषित 12 बच्चों में मात्र पांच बच्चे ही रह गये और सात बच्चे सामान्य श्रेणी में हो गये है। उन्होंने कहा कि छह माह तक बच्चों को मां का दूध ही पिलाया जाय ताकि बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा रहे। इस दौरान डॉ. लक्ष्मण समेत सभी विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
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