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मुझे एक जरूरी काम मइया कहां मिलेगी ...
खुटार।
Updated Tue, 27 Oct 2015 11:58 PM IST
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गांव खमरिया गदियाना में हुए मां वैष्णो के जागरण में इलाहाबाद, लखनऊ और लखीमपुर से आए कलाकारों ने अपने भजनों से भक्तों को झूमने पर मजबूर कर दिया। जागरण के दौरान प्रस्तुत की गईं झांकियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं।
दुर्गा सेवा समिति खमरिया के माध्यम से आयोजित माता के जागरण में राजन साजन ग्रुप के बैनर तले कई जिलों के कलाकार भी मां के जगराते में शामिल हुए। शाम को कन्या भोज के बाद मंच पर सजाए गए मां के दरबार के समक्ष यज्ञ के बाद जागरण की विधिवत शुरूआत की गई। भगवान गणेश और मां शारदे की वंदना के बाद इलाहाबाद के आनंद शर्मा मंच पर आए। उन्होंने ‘मुझे एक जरूरी काम मइया कहां मिलेगी’, ‘आज जगराता है’ आदि भजन सुनाकर भक्तों को भाव विभोर कर दिया। लखनऊ के अमरेंद्र सोनी और जया शुक्ला के भजन भी खूब सराहे गए।
जागरण सुनने के लिए खमरिया, भोपतपुर, रजमना, मलिका, ढकना लहिया, सिमरई, खंडसार, महोलिया, भटनौसा, पिपरिया सहित तमाम गांवों से श्रद्धालु जागरण स्थल पर पहुंचे। सुबह तारा रानी की कथा के बाद मैया की आरती के साथ ही जागरण का समापन हो गया। जागरण के बाद चने और हलवे का प्रसाद वितरित किया गया। जागरण में समिति के सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।
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बालि वध लीला का हुआ मंचन
- खुटार के रामलीला मेले में बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शक
खुटार। नगर के रामलीला मेले में मंगलवार को बालि वध की लीला का मंचन किया गया। इस दौरान दर्शकों की भारी भीड़ रही। मेला संरक्षक राजा विजयशाह जू देव ने मेले में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मेला कमेटी को आवश्यक निर्देश दिए।
कलाकारों ने मंगलवार को बालि वध की लीला का मनोहारी मंचन किया। अनुज वधु, भगिनी सुत नारी, सुनु सठ कन्या सम ए चारी। इनहि कुदृष्टि बिलोकइ जोई, ताहि वधे कछु पाप न होई। अर्थात भाई की पत्नी, बहन और पुत्रवधू यह सभी कन्या के समान हैं और जो भी इन्हें कुदृष्टि से देखे उसे मारने में कोई पाप नहीं है। रामायण की यह चौपाई रामलीला मैदान में गूंजी तो भक्तजनों के हाथ खुद ब खुद जुड़ गए। श्रीराम ने पेड़ की ओट से बालि पर बाण चलाया तो बालि ने धरती पर गिरकर कहा कि ‘बैरी सुग्रीव पियारा, कारन कवन नाथ मोहि मारा’। इस पर प्रभु श्रीराम ने बालि को पूर्ण भक्ति का उपदेश दिया। इसके बाद सुग्रीव का शेषावतार लक्ष्मण ने राज्याभिषेक किया। कलाकारों ने सोमवार की रात भी धार्मिक नाटक का मंचन किया। अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने बताया कि रामलीला मेला दो नवंबर तक चलेगा। तीन नवंबर को कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
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दुर्गा सेवा समिति खमरिया के माध्यम से आयोजित माता के जागरण में राजन साजन ग्रुप के बैनर तले कई जिलों के कलाकार भी मां के जगराते में शामिल हुए। शाम को कन्या भोज के बाद मंच पर सजाए गए मां के दरबार के समक्ष यज्ञ के बाद जागरण की विधिवत शुरूआत की गई। भगवान गणेश और मां शारदे की वंदना के बाद इलाहाबाद के आनंद शर्मा मंच पर आए। उन्होंने ‘मुझे एक जरूरी काम मइया कहां मिलेगी’, ‘आज जगराता है’ आदि भजन सुनाकर भक्तों को भाव विभोर कर दिया। लखनऊ के अमरेंद्र सोनी और जया शुक्ला के भजन भी खूब सराहे गए।
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जागरण सुनने के लिए खमरिया, भोपतपुर, रजमना, मलिका, ढकना लहिया, सिमरई, खंडसार, महोलिया, भटनौसा, पिपरिया सहित तमाम गांवों से श्रद्धालु जागरण स्थल पर पहुंचे। सुबह तारा रानी की कथा के बाद मैया की आरती के साथ ही जागरण का समापन हो गया। जागरण के बाद चने और हलवे का प्रसाद वितरित किया गया। जागरण में समिति के सदस्यों का विशेष सहयोग रहा।
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बालि वध लीला का हुआ मंचन
- खुटार के रामलीला मेले में बड़ी संख्या में पहुंचे दर्शक
खुटार। नगर के रामलीला मेले में मंगलवार को बालि वध की लीला का मंचन किया गया। इस दौरान दर्शकों की भारी भीड़ रही। मेला संरक्षक राजा विजयशाह जू देव ने मेले में पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मेला कमेटी को आवश्यक निर्देश दिए।
कलाकारों ने मंगलवार को बालि वध की लीला का मनोहारी मंचन किया। अनुज वधु, भगिनी सुत नारी, सुनु सठ कन्या सम ए चारी। इनहि कुदृष्टि बिलोकइ जोई, ताहि वधे कछु पाप न होई। अर्थात भाई की पत्नी, बहन और पुत्रवधू यह सभी कन्या के समान हैं और जो भी इन्हें कुदृष्टि से देखे उसे मारने में कोई पाप नहीं है। रामायण की यह चौपाई रामलीला मैदान में गूंजी तो भक्तजनों के हाथ खुद ब खुद जुड़ गए। श्रीराम ने पेड़ की ओट से बालि पर बाण चलाया तो बालि ने धरती पर गिरकर कहा कि ‘बैरी सुग्रीव पियारा, कारन कवन नाथ मोहि मारा’। इस पर प्रभु श्रीराम ने बालि को पूर्ण भक्ति का उपदेश दिया। इसके बाद सुग्रीव का शेषावतार लक्ष्मण ने राज्याभिषेक किया। कलाकारों ने सोमवार की रात भी धार्मिक नाटक का मंचन किया। अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने बताया कि रामलीला मेला दो नवंबर तक चलेगा। तीन नवंबर को कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।